तमिलनाडु CM विजय ने शुरू की विभागवार समीक्षा, 5 साल का गवर्नेंस रोडमैप तैयार होगा
सारांश
मुख्य बातें
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने 2 जुलाई 2026 को चेन्नई में विभागवार समीक्षा बैठकों की एक व्यापक श्रृंखला का आगाज़ किया, जिसका उद्देश्य राज्य सरकार के प्रत्येक विभाग के लिए अल्पकालिक और दीर्घकालिक शासन रणनीतियाँ निर्धारित करना है। यह समीक्षा प्रक्रिया 22 जुलाई 2026 तक चलेगी और इसके अंतर्गत सभी प्रमुख सरकारी विभागों को शामिल किया जाएगा।
समीक्षा का ढाँचा और लक्ष्य
सरकारी अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे प्रत्येक विभाग के लिए एक वर्ष, तीन वर्ष और पाँच वर्ष के व्यापक कार्ययोजनाएँ (एक्शन प्लान) तैयार करें। इन बैठकों में मुख्य सरकारी विभागों के कामकाज का आकलन, कार्यान्वयन में आने वाली चुनौतियों की पहचान और सेवा वितरण को बेहतर बनाने के लिए मापनीय लक्ष्य निर्धारित किए जाएंगे। गौरतलब है कि यह पहल राज्य प्रशासन को एक सुव्यवस्थित रोडमैप देने की दिशा में उठाया गया ठोस कदम है।
पहले दिन की बैठकें
दिन की पहली समीक्षा बैठक सहकारिता, खाद्य और उपभोक्ता संरक्षण विभाग पर केंद्रित रही। मुख्यमंत्री विजय ने विभाग के समग्र कामकाज, चल रही कल्याणकारी योजनाओं, सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS), सहकारी संस्थाओं और उपभोक्ता संरक्षण उपायों की विस्तृत समीक्षा की। इस बैठक में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री पी. वेंकटरमनन, सहकारिता मंत्री वी. गांधीराज और वित्त मंत्री एन. मैरी विल्सन उपस्थित रहे।
मुख्य सचिव एम. साई कुमार ने वरिष्ठ नौकरशाहों और विभागीय अधिकारियों के साथ मुख्यमंत्री को विभिन्न योजनाओं की प्रगति से अवगत कराया। अधिकारियों ने सार्वजनिक सेवाओं को सुदृढ़ करने और प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने के लिए भविष्य की प्राथमिकताओं पर भी विचार-विमर्श किया।
राजस्व और आपदा प्रबंधन की समीक्षा
इसके बाद मुख्यमंत्री विजय ने राजस्व और आपदा प्रबंधन विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इसमें राजस्व प्रशासन, आपदा तैयारी, आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र, भूमि प्रशासन और प्राकृतिक आपदाओं से निपटने की राज्य की क्षमता को मज़बूत करने के उपायों पर चर्चा हुई। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री के.ए. सेंगोट्टैयन और वित्त मंत्री मैरी विल्सन इस बैठक में सम्मिलित हुए। मुख्य सचिव और वरिष्ठ अधिकारियों ने विभागीय गतिविधियों पर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की।
व्यापक शासन सुधार की कोशिश
सरकारी सूत्रों के अनुसार, अगले तीन सप्ताह में कई क्षेत्रों को इस समीक्षा प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा, जिससे मुख्यमंत्री सीधे प्रगति की निगरानी कर सकेंगे। यह कवायद केवल मौजूदा योजनाओं के मूल्यांकन तक सीमित नहीं है — इसका उद्देश्य नीतिगत प्राथमिकताओं की पहचान करना, विभागों के बीच समन्वय बेहतर करना और प्रमुख विकास परियोजनाओं के कार्यान्वयन में तेज़ी लाना भी है। यह ऐसे समय में आया है जब तमिलनाडु सरकार पर जन-कल्याण कार्यक्रमों को समयबद्ध और कुशल तरीके से लागू करने का दबाव है।
आगे क्या होगा
इन समीक्षाओं के निष्कर्षों के आधार पर प्रत्येक विभाग के लिए स्पष्ट रूप से परिभाषित लक्ष्य तय किए जाएंगे। सरकार का इरादा है कि विभागों का कामकाज दीर्घकालिक विकास दृष्टिकोण के अनुरूप हो और जन-कल्याणकारी कार्यक्रम निर्धारित समय-सीमा के भीतर प्रभावी ढंग से लागू हों। 22 जुलाई 2026 तक पूरी समीक्षा प्रक्रिया संपन्न होने के बाद एक व्यापक गवर्नेंस रोडमैप सामने आने की उम्मीद है।