देवदत्त पडिक्कल का 230 गेंदों में 167 रन, साई सुदर्शन की टेस्ट सीट खतरे में: आकाश चोपड़ा
सारांश
मुख्य बातें
देवदत्त पडिक्कल ने गाले इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में भारत-श्रीलंका पहले टेस्ट के दूसरे दिन 230 गेंदों में 167 रन की शानदार पारी खेलकर चयनकर्ताओं को एक कठिन दुविधा में डाल दिया है। उनकी इस पारी की बदौलत भारत ने दिन का खेल समाप्त होने तक 9 विकेट पर 460 रन बना लिए। पूर्व भारतीय क्रिकेटर आकाश चोपड़ा ने अपने यूट्यूब चैनल पर इस पारी का विश्लेषण करते हुए कहा कि अब दबाव साई सुदर्शन पर आ गया है।
पडिक्कल की पारी का स्कोरबोर्ड
पडिक्कल ने अपनी 167 रनों की पारी में 15 चौके और 1 छक्का लगाया। उन्होंने केएल राहुल के साथ दूसरे विकेट के लिए 162 रनों की अहम साझेदारी की, और इसके बाद ऋषभ पंत के साथ 71 रनों की महत्वपूर्ण पार्टनरशिप जोड़ी। यह पारी न केवल व्यक्तिगत उत्कृष्टता का प्रमाण है, बल्कि टीम के लिए रणनीतिक रूप से भी निर्णायक रही।
ऐतिहासिक उपलब्धि
पडिक्कल, नंबर तीन पर बल्लेबाजी करते हुए श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट में 150 या उससे अधिक रन बनाने वाले भारत के तीसरे बल्लेबाज बन गए हैं। उनसे पहले यह कारनामा केवल राहुल द्रविड़ और चेतेश्वर पुजारा ने किया था — दोनों ही भारतीय टेस्ट क्रिकेट के दिग्गज नाम। यह तुलना पडिक्कल की पारी को और भी महत्वपूर्ण बना देती है।
आकाश चोपड़ा का विश्लेषण
आकाश चोपड़ा ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा, 'दबाव अब साई सुदर्शन पर आएगा। सुदर्शन को मौके मिल रहे थे, लेकिन वह अपनी जगह पक्की नहीं कर पाए हैं, और मुझे लगता है कि उन पर दबाव पड़ेगा। पडिक्कल का पहला मैच अच्छा जा चुका है और अगर वह दूसरे मुकाबले में भी दमदार प्रदर्शन करते हैं, तो सिलेक्शन कमिटी को बहुत दिलचस्प फैसला लेना पड़ सकता है।'
चोपड़ा ने आगे न्यूज़ीलैंड दौरे के संदर्भ में कहा, 'जब आप टेस्ट सीरीज के लिए न्यूज़ीलैंड जाएंगे, तो वहाँ भी सिर्फ दो टेस्ट मैच हैं। ऐसे में क्या आप साई सुदर्शन की तरफ जाएंगे या देवदत्त पडिक्कल में निवेश करेंगे, क्योंकि उन्होंने इस समय लगभग खुद को ऐसा खिलाड़ी बना लिया है, जिन्हें ड्रॉप करना बेहद मुश्किल है?'
साई सुदर्शन पर असर
गौरतलब है कि साई सुदर्शन को हाल के दौर में टेस्ट टीम में अवसर मिले हैं, लेकिन वे नंबर तीन की स्थायी भूमिका के लिए अपना दावा पुख्ता नहीं कर पाए। पडिक्कल की इस पारी ने चयन समिति के सामने एक स्पष्ट विकल्प खड़ा कर दिया है — खासकर तब जब आगामी न्यूज़ीलैंड सीरीज में सीमित मैचों में सही एकादश उतारना अनिवार्य होगा।
आगे क्या होगा
पहले टेस्ट में पडिक्कल के प्रदर्शन के बाद दूसरे टेस्ट में उनका प्रदर्शन चयनकर्ताओं के निर्णय की दिशा तय करेगा। यदि वे लगातार दो मैचों में प्रभावशाली रहे, तो न्यूज़ीलैंड दौरे की टीम में उनकी जगह लगभग तय मानी जा सकती है।