देवदत्त पडिक्कल की 167 रनों की पारी पर रसेल अर्नोल्ड मुग्ध, मानव सुथार को बताया हेराथ की परछाईं
सारांश
मुख्य बातें
श्रीलंका के पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर रसेल अर्नोल्ड ने गाले टेस्ट में भारत की जीत के दो प्रमुख नायकों — बल्लेबाज देवदत्त पडिक्कल और स्पिनर मानव सुथार — की जमकर प्रशंसा की है। अर्नोल्ड ने पडिक्कल की तकनीकी परिपक्वता को रेखांकित किया और सुथार के संयमित गेंदबाजी अंदाज़ की तुलना श्रीलंका के महान बाएं हाथ के स्पिनर रंगना हेराथ से की।
पडिक्कल की पारी: क्लास और आत्मविश्वास का संगम
साई सुदर्शन के सीरीज से बाहर होने के बाद पडिक्कल को पहले टेस्ट में नंबर तीन की जिम्मेदारी सौंपी गई। कर्नाटक के इस बल्लेबाज ने पहली पारी में 167 रनों की शानदार पारी खेलकर भारत को मजबूत स्थिति में पहुँचाया। दूसरी पारी में भी उन्होंने 44 रनों का अहम योगदान दिया।
सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क के एक वर्चुअल इवेंट में अर्नोल्ड ने कहा, "पडिक्कल बहुत अच्छी लय में दिख रहे हैं। उन्हें पता है कि उन्हें क्या करना है। वह अपनी खूबियों का बहुत अच्छे से इस्तेमाल करते हैं — जैसे उनकी पहुँच और पैरों का इस्तेमाल — धीमी पिचों और हालात में खेलना असल में एक कला है। यह आसान लग सकता है, लेकिन हर कोई रन नहीं बना पाता।"
उन्होंने यह भी जोड़ा, "जिस तरह से वह आत्मविश्वास से भरे हैं और सभी फॉर्मेट में अच्छा खेल रहे हैं, मुझे लगता है कि पडिक्कल को यह मौका सही समय पर मिला है। उन्होंने बहुत क्लास और क्वालिटी दिखाई है, और मुझे लगता है कि भारत उनसे काफी उम्मीदें रख सकता है।"
मानव सुथार: सरलता और सब्र की गेंदबाजी
गेंदबाजी मोर्चे पर मानव सुथार ने पहली पारी में 4 विकेट और दूसरी पारी में 6 विकेट लेकर श्रीलंकाई बल्लेबाजी क्रम को ध्वस्त किया। उनके इस प्रदर्शन ने अर्नोल्ड को हेराथ की याद दिला दी।
अर्नोल्ड ने कहा, "सुथार बहुत सरल हैं, उन्हें देखना बहुत अच्छा लगता है, और मुझे लगता है कि यही उनकी ताकत है — सरल और धैर्यवान होना। श्रीलंकाई पिचों पर आपको स्वाभाविक वेरिएशन मिलते हैं। जिन स्पिनरों ने वास्तव में अच्छा प्रदर्शन किया है, उन्होंने इसे सरल रखा और धैर्य बनाए रखा। इसका सबसे अच्छा उदाहरण रंगना हेराथ हैं, और सुथार भी ठीक वैसा ही करते दिखे।"
उन्होंने आगे कहा, "मैदान पर उतरना, बस अपनी गति और गेंद छोड़ने के तरीके में बदलाव करना — यह सब कुछ वैसा ही था। सुथार के सब्र ने ही उन्हें आगे बढ़ाया, और ऐसा सब्र बनाए रखना मुश्किल होता है।"
भारतीय टेस्ट टीम के लिए बड़ी राहत
यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय टेस्ट टीम कई मोर्चों पर पुनर्निर्माण के दौर में है। रविचंद्रन अश्विन के संन्यास और रवींद्र जडेजा के करियर के आखिरी पड़ाव में होने के साथ-साथ, चेतेश्वर पुजारा के जाने के बाद नंबर तीन की स्थायी जगह लंबे समय से खाली थी। गौरतलब है कि गाले टेस्ट में पडिक्कल और सुथार, दोनों का एक साथ उभरना भारतीय क्रिकेट के लिए दोहरी राहत की खबर है।
आगे की राह
पडिक्कल की इस पारी ने टेस्ट टीम में नंबर तीन की दावेदारी को मजबूत किया है, जबकि सुथार ने उपमहाद्वीप की परिस्थितियों में खुद को एक भरोसेमंद स्पिन विकल्प के रूप में स्थापित किया है। भारत और श्रीलंका के बीच सीरीज का अगला मुकाबला दोनों युवा खिलाड़ियों के लिए अपनी छाप और गहरी करने का अवसर होगा।