रसेल अर्नोल्ड का बड़ा बयान: श्रीलंका की ओपनिंग पार्टनरशिप कई वर्षों में सबसे कमज़ोर
सारांश
मुख्य बातें
श्रीलंका के पूर्व क्रिकेटर रसेल अर्नोल्ड ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि श्रीलंका की ओपनिंग साझेदारी पिछले कई वर्षों में सबसे निराशाजनक रही है। यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब गाले इंटरनेशनल स्टेडियम में खेले गए भारत बनाम श्रीलंका पहले टेस्ट में मेज़बान टीम को 165 रनों की करारी हार झेलनी पड़ी। अर्नोल्ड ने साथ ही भारत के देवदत्त पडिक्कल और मानव सुथार के प्रदर्शन की जमकर तारीफ की।
पडिक्कल की बल्लेबाज़ी पर अर्नोल्ड का आकलन
पहले टेस्ट में देवदत्त पडिक्कल ने पहली पारी में 167 रन और दूसरी पारी में 44 रन की पारियाँ खेलीं, जिसके लिए उन्हें 'प्लेयर ऑफ द मैच' चुना गया। अर्नोल्ड ने कहा, "पडिक्कल शानदार फॉर्म में नज़र आ रहे हैं। वो जानते हैं कि उन्हें क्या करना है। वह अपनी ताकत का बहुत अच्छे से इस्तेमाल करते हैं, जैसे कि उनकी पहुँच और पैरों का इस्तेमाल। धीमी पिच पर खेलना असल में एक कला है — यह आसान लग सकता है, लेकिन हर कोई रन नहीं बना पाता, जैसा कि आपने पूरे टेस्ट मैच में देखा होगा।" उन्होंने आगे जोड़ा कि पडिक्कल आत्मविश्वास में हैं और सभी फॉर्मेट में अच्छा खेल रहे हैं, और भारत उनसे काफी उम्मीद कर सकता है।
मानव सुथार की ऑलराउंड भूमिका
मानव सुथार ने पहले टेस्ट में 24 और 9 रन बनाने के साथ-साथ मैच में कुल 10 विकेट चटकाए — एक प्रभावशाली ऑलराउंड प्रदर्शन। अर्नोल्ड ने उनकी तुलना श्रीलंका के दिग्गज स्पिनर रंगना हेराथ से करते हुए कहा, "सादगी और सब्र ही मानव सुथार की असल ताकत है। श्रीलंकाई पिचों पर नेचुरल वेरिएशन मिलते हैं, लेकिन जिन खिलाड़ियों ने यहाँ सफलता पाई है — जैसे हेराथ — उन्होंने सादगी और धैर्य से काम लिया है। सुथार का सब्र ही उन्हें आगे ले गया और इसे बनाए रखना मुश्किल होता है।" गौरतलब है कि सुथार ने पिच पर अपनी गति और बॉल रिलीज़ में सूक्ष्म बदलाव करते हुए श्रीलंकाई बल्लेबाज़ों को लगातार परेशान किया।
श्रीलंका की ओपनिंग जोड़ी की विफलता
पहले टेस्ट में श्रीलंका की सलामी जोड़ी बुरी तरह नाकाम रही। पहली पारी में टीम को शून्य के स्कोर पर ही पहला विकेट गँवाना पड़ा। दूसरी पारी में निशान मदुष्का और लाहिरू उदारा के बीच केवल 13 रन की साझेदारी हो सकी। अर्नोल्ड ने कहा, "पिछले कुछ वर्षों में श्रीलंका की ओपनिंग साझेदारी सबसे खराब रही है। पथुम निसांका जैसे बेहतर खिलाड़ी के रहते भी टीम को अच्छी शुरुआत नहीं मिली है। निशान मदुष्का, जिन्होंने अब तक लगभग 12-13 टेस्ट खेले हैं, 200 रन की एक पारी के अलावा कुछ खास नहीं कर पाए हैं।"
अर्नोल्ड ने यह भी बताया कि श्रीलंका के टॉप ऑर्डर ने नई और सख्त गेंद पर बहुत जल्दी शॉट खेलने की गलती की। यहाँ तक कि अनुभवी कामिंदु मेंडिस भी इस जाल में फँस गए। उन्होंने कहा, "यह दबाव में जल्दी हावी होने की कोशिश का मामला है, जबकि श्रीलंका की पिचों पर धैर्य दिखाने की ज़रूरत होती है।"
दूसरे टेस्ट के लिए श्रीलंका की रणनीति
दूसरे टेस्ट की संभावित एकादश पर अर्नोल्ड ने कहा कि श्रीलंका के लिए एकमात्र संभावित बदलाव यह हो सकता है कि एक सीमर को हटाकर रमेश मेंडिस को शामिल किया जाए, ताकि दो स्पिनर छोटे स्पेल में तरोताज़ा रहकर गेंदबाज़ी कर सकें। उन्होंने कहा, "भारतीय स्पिनर्स के मुकाबले श्रीलंकाई स्पिनर्स के स्पेल बहुत लंबे थे। अगर आप बस गेंद डालने के मिज़ाज में आ जाते हैं, तो कुछ नहीं मिलेगा।" उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कोई बड़े संरचनात्मक बदलाव की ज़रूरत नहीं है — फैसला पिच की स्थिति देखकर ही होना चाहिए। अगर पिच सूखी हो तो ऑफ-स्पिनर उपयोगी रहेगा, लेकिन फ्लैट पिच पर कुलदीप यादव जैसे चालाक गेंदबाज़ की ज़रूरत होगी।