देवदत्त पडिक्कल की करियर-बेस्ट 167 रनों की पारी, गाले टेस्ट में भारत ने 460/9 का स्कोर बनाया
सारांश
मुख्य बातें
बाएं हाथ के बल्लेबाज देवदत्त पडिक्कल ने गाले इंटरनेशनल स्टेडियम में श्रीलंका के खिलाफ जारी पहले टेस्ट मैच की पहली पारी में 230 गेंदों में 167 रन की करियर-बेस्ट पारी खेली, जिसमें 15 चौके और 1 छक्का शामिल रहा। 16 अगस्त को बारिश से प्रभावित दूसरे दिन का खेल समाप्त होने तक भारत ने 9 विकेट खोकर 460 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया।
मुख्य घटनाक्रम
पडिक्कल ने पहले दिन 131 रन के स्कोर पर नाबाद रहने के बाद दूसरे दिन अपनी पारी को और आगे बढ़ाया। उमस भरे मौसम और बारिश की बाधाओं के बावजूद उन्होंने न केवल शतक, बल्कि डेढ़ सौ से भी अधिक का स्कोर बनाया — जो कर्नाटक की समृद्ध बैटिंग परंपरा को आगे ले जाने का प्रमाण है। यह उनके अंतरराष्ट्रीय टेस्ट करियर का सर्वश्रेष्ठ व्यक्तिगत स्कोर है।
पडिक्कल की रणनीति: स्पिन के खिलाफ आक्रामक इरादा
श्रीलंकाई स्पिनरों के खिलाफ पडिक्कल का फुटवर्क और सुनियोजित आक्रामकता उनकी पारी की विशेषता रही। उन्होंने कहा, 'जब आप स्पिन के खिलाफ खेल रहे हों, तो यह जरूरी है कि आपके दिमाग में कुछ योजनाएं हों।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि मैदान पर केवल प्रतिक्रिया देने की बजाय पहले से तय शॉट्स खेलना गेंदबाज पर दबाव बनाने की कुंजी है।
दो वर्षों की मेहनत का फल
पडिक्कल ने बताया कि इस अंतरराष्ट्रीय मंच पर खास प्रदर्शन करने के लिए उन्होंने पर्दे के पीछे दो वर्षों तक कड़ी मेहनत की। उन्होंने कहा, 'मैंने इस पल का सपना देखा था। पिछले दो वर्षों से मैं बहुत मेहनत कर रहा था ताकि जब मुझे मौका मिले, तो मैं कुछ खास कर सकूं और ऐसा कर पाने पर मैं बेहद खुश हूं।'
शतक के बाद भी टिके रहने की मानसिकता
पडिक्कल ने 100 रन पूरे करने के तुरंत बाद विकेट न गंवाने की अपनी मानसिकता के बारे में खुलकर बात की। उनके अनुसार, शतक के बाद के 20-30 गेंदों का दौर सबसे अहम होता है। उन्होंने कहा, 'जब मैं 100 रन के बाद शुरुआती 10 बॉल खेल लेता हूं, तो मेरा काम बहुत आसान हो जाता है।' कर्नाटक के बड़े बल्लेबाजों को बड़ी पारियां खेलते देखने की प्रेरणा ने भी उन्हें यह सोच विकसित करने में मदद की।
जश्न की कोई खास योजना नहीं
करियर की इस यादगार पारी के बाद पडिक्कल बेहद सरल रहे। उन्होंने हंसते हुए कहा, 'ऐसा कुछ नहीं। मुझे लगता है कि मैं थक गया हूं, इसलिए अब बस सोने जा रहा हूं।' यह टिप्पणी उनके स्वभाव की सहजता को दर्शाती है। गाले टेस्ट में भारत की पहली पारी अब अंतिम रूप लेने के करीब है और आने वाले दिनों में श्रीलंका की बल्लेबाजी की असली परीक्षा होगी।