मदुरंतकम उपचुनाव: टीवीके-गठबंधन की संयुक्त रैली आज, सीएम विजय रहेंगे अनुपस्थित
सारांश
मुख्य बातें
तमिलनाडु के मदुरंतकम विधानसभा उपचुनाव की प्रचार मुहिम में तमिलनाडु वेट्री कझगम (टीवीके) और उसके सहयोगी दल गुरुवार, 2 अक्टूबर 2026 को एक संयुक्त जनसभा आयोजित कर रहे हैं। इस रैली का उद्देश्य द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) और ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (AIADMK) के खिलाफ गठबंधन की एकजुट ताकत प्रदर्शित करना है। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय इस बैठक में शामिल नहीं होंगे।
रैली में कौन-कौन होंगे शामिल
'सेक्युलर सोशल जस्टिस विक्ट्री अलायंस' के बैनर तले आयोजित इस संयुक्त सभा में कई वरिष्ठ गठबंधन नेता मंच साझा करेंगे। विदुथलाई चिरुथिगल काची (वीसीके) के अध्यक्ष थोल थिरुमावलवन, तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मणिकम टैगोर, मरुमलार्ची द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एमडीएमके) के महासचिव वाइको और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) के अध्यक्ष के.एम. खादर मोहिदीन इस सभा को संबोधित करेंगे। इनके अलावा टीवीके के महासचिव एन. आनंद और आधव अर्जुन भी मंच पर उपस्थित रहेंगे।
आयोजकों का अनुमान है कि इस जनसभा में लगभग 5,000 समर्थक भाग लेंगे। वीसीके के महासचिव डी. रविकुमार ने बताया कि रैली का निर्णय गठबंधन के सभी सहयोगी दलों की आपसी सहमति और समन्वित अभियान की रणनीति पर चर्चा के बाद लिया गया।
मुख्यमंत्री विजय की अनुपस्थिति और गठबंधन में असंतोष
यह रैली ऐसे संवेदनशील समय में हो रही है जब गठबंधन के भीतर मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के हालिया मदुरंतकम अभियान को लेकर असमंजस की स्थिति है। विजय ने अपने पिछले दौरे के दौरान गठबंधन नेताओं के साथ मंच साझा नहीं किया था। इससे भी आगे, उनके भाषण में केवल इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग का उल्लेख था, जबकि अन्य सहयोगी दलों का कोई ज़िक्र नहीं था — जिससे गठबंधन के भीतर असंतोष की चर्चा तेज हो गई।
गुरुवार की संयुक्त बैठक में भी मुख्यमंत्री विजय शामिल नहीं होंगे। उनका 2 अक्टूबर को निर्वाचन क्षेत्र में अलग से प्रचार करने का कार्यक्रम है। यह ऐसे समय में आया है जब विपक्ष गठबंधन की एकता पर लगातार सवाल उठा रहा है।
विपक्ष की चुनौती और गठबंधन का जवाब
AIADMK के महासचिव एडप्पादी के. पलानीस्वामी ने 'धोखे के लिए न्याय' की अपील करते हुए टीवीके और उसके नेतृत्व पर कथित तौर पर 'हॉर्स-ट्रेडिंग' यानी विधायकों की खरीद-फरोख्त के आरोप लगाए हैं। गठबंधन इस संयुक्त रैली के ज़रिये इन्हीं आरोपों का सीधा जवाब देने की कोशिश कर रहा है।
टीवीके नेताओं का मानना है कि संयुक्त बैठक में वरिष्ठ सहयोगियों की भागीदारी और उसके बाद मुख्यमंत्री विजय के अलग प्रचार से गठबंधन की सामूहिक शक्ति और भी स्पष्ट होगी तथा विपक्ष की आलोचनाओं का करारा जवाब मिलेगा।
मदुरंतकम उपचुनाव का राजनीतिक महत्व
मदुरंतकम सीट पर यह उपचुनाव तमिलनाडु की राजनीति में टीवीके की ज़मीनी पकड़ की पहली बड़ी परीक्षा मानी जा रही है। गौरतलब है कि टीवीके अभी तक एक नवगठित राजनीतिक शक्ति है और यह उपचुनाव उसके गठबंधन प्रबंधन और जनाधार दोनों की कसौटी है। इस सीट पर परिणाम यह भी तय करेगा कि राज्य में तीसरे मोर्चे के रूप में टीवीके का उभरना कितना ठोस है।
आने वाले दिनों में मदुरंतकम की राजनीतिक गतिविधियाँ और तेज़ होने की संभावना है, और गठबंधन की एकता इस चुनाव परिणाम को प्रभावित करने वाला प्रमुख कारक बनेगी।