तमिलनाडु उपचुनाव: टीवीके ने मदुरंतकम और धारापुरम दोनों सीटें जीतीं, सीएम विजय की सरकार मजबूत
सारांश
मुख्य बातें
तमिलगा वेट्री कझगम (टीवीके) ने 9 अक्टूबर 2026 को घोषित तमिलनाडु विधानसभा उपचुनाव के नतीजों में मदुरंतकम और धारापुरम — दोनों सीटें जीत लीं, जिससे मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली सरकार की राजनीतिक स्थिति और पुख्ता हो गई है। मरागाथम कुमारवेल और सत्यभामा ने अपने-अपने द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) प्रतिद्वंद्वियों को स्पष्ट अंतर से पराजित किया। पार्टी कार्यकर्ताओं ने जीत की खबर आते ही जोरदार जश्न मनाया।
मुख्य चुनाव परिणाम
मदुरंतकम सीट पर टीवीके उम्मीदवार मरागाथम कुमारवेल को 61,470 वोट मिले और उन्होंने DMK के परंथमन (43,916 वोट) को 17,554 वोटों के अंतर से हराया। अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (AIADMK) की उम्मीदवार गनिथा संपत 38,770 वोट लेकर तीसरे स्थान पर रहीं। नाम तमिलर काची के जानकीरमन को 1,703 और सीपीआईएम उम्मीदवार सुगंधि को 1,441 वोट मिले। इस सीट पर 27 उम्मीदवार मैदान में थे और 21 राउंड में मतगणना पूरी हुई।
धारापुरम सीट पर टीवीके की सत्यभामा ने 62,596 वोट हासिल कर DMK की सुकन्या (52,400 वोट) को 10,196 वोटों के अंतर से हराया। AIADMK की भानुमती 41,078 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रहीं। नाम तमिलर काची की कार्तिका को 4,954 और सीपीआई उम्मीदवार लक्ष्मणन को 1,099 वोट मिले। यहाँ 22 उम्मीदवार मैदान में थे और 23 राउंड में गिनती पूरी हुई।
मतदान प्रतिशत और मतदाता आँकड़े
मदुरंतकम में 2,13,788 पंजीकृत मतदाताओं में से 1,84,413 ने मतदान किया, जिससे मतदान प्रतिशत 86.26% रहा — यह तमिलनाडु के हालिया उपचुनावों में उल्लेखनीय रूप से ऊँचा आँकड़ा है। धारापुरम में 2,23,306 पंजीकृत मतदाताओं में से 1,79,314 ने वोट डाले, जो 80.30% मतदान प्रतिशत है।
उपचुनाव की पृष्ठभूमि
ये उपचुनाव इसलिए आवश्यक हो गए थे क्योंकि AIADMK के टिकट पर निर्वाचित दोनों विधायकों ने विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था और टीवीके में शामिल हो गए थे। उनके इस कदम से इन सीटों पर रिक्तियाँ पैदा हुईं और सत्ताधारी पार्टी को अपनी लोकप्रियता परखने का अवसर मिला। गौरतलब है कि प्रचार के दौरान पाँच-तरफा मुकाबला देखा गया — टीवीके, DMK, AIADMK, वामपंथी दलों और नाम तमिलर काची के बीच।
सरकार की प्रतिक्रिया और राजनीतिक असर
टीवीके के मंत्रियों ने इन दोनों जीतों को सरकार के चार महीने के कामकाज पर जनता की स्वीकृति की मुहर बताया। यह ऐसे समय में आया है जब सीएम विजय की सरकार ने सत्ता संभाले अभी अपेक्षाकृत कम समय ही हुआ है, इसलिए इन नतीजों को राजनीतिक रूप से महत्त्वपूर्ण माना जा रहा है। दूसरी ओर, DMK और AIADMK — राज्य की दो प्रमुख विपक्षी पार्टियाँ — दोनों में से एक भी सीट न जीत पाने के कारण आत्ममंथन के दौर में हैं।
आगे की राह
भले ही यह सिर्फ दो विधानसभा सीटों का उपचुनाव था, लेकिन नतीजों ने टीवीके को 2026 की शेष राजनीतिक बहसों में मज़बूत स्थिति से बोलने का हक दे दिया है। अब सभी की निगाहें इस बात पर होंगी कि क्या DMK और AIADMK अपनी रणनीति बदलते हैं और राज्य में बदलते राजनीतिक परिदृश्य के बीच अगले विधानसभा चुनाव की तैयारी किस दिशा में जाती है।