10 अक्टूबर 2026
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तमिलनाडु उपचुनाव: मदुरंतकम-धारापुरम हारने के बावजूद द्रविड़ मुनेत्र कषगम का वोट शेयर लगभग स्थिर

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तमिलनाडु उपचुनाव: मदुरंतकम-धारापुरम हारने के बावजूद द्रविड़ मुनेत्र कषगम का वोट शेयर लगभग स्थिर

सारांश

तमिलनाडु में मदुरंतकम और धारापुरम उपचुनाव में दोनों सीटें TVK ने जीतीं, लेकिन DMK के लिए राहत यह रही कि कमज़ोर गठबंधन के बावजूद उसका वोट शेयर लगभग स्थिर रहा। स्टालिन ने इसे 'हार में जीत' बताया — और तमिलनाडु की बदलती राजनीति का यह नया समीकरण 2026 के बड़े चुनावों की दिशा तय कर सकता है।

मुख्य बातें

DMK ने 10 अक्टूबर 2026 को मदुरंतकम और धारापुरम उपचुनावों में दोनों सीटें TVK से हारीं।
मदुरंतकम में DMK का वोट शेयर 30.18% से घटकर 29.15% हुआ — 1.03% की गिरावट; पार्टी तीसरे से दूसरे स्थान पर आई।
धारापुरम में DMK का वोट शेयर 32.20% से 31.78% हुआ — केवल 0.42% की कमी।
कांग्रेस , IUML , CPI , CPI(M) , MDMK और VCK जैसे प्रमुख सहयोगी गठबंधन से अलग हो गए थे।
स्टालिन ने परिणाम को 'हार के बीच जीत' करार दिया।
दोनों जीतने वाले TVK उम्मीदवार पहले AIADMK के विधायक थे।

द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) ने 10 अक्टूबर 2026 को तमिलनाडु के मदुरंतकम और धारापुरम उपचुनावों में दोनों सीटें गँवा दीं, लेकिन पार्टी का कहना है कि उसका मतदाता आधार काफी हद तक अक्षुण्ण रहा। कांग्रेस समेत कई प्रमुख सहयोगियों के गठबंधन से अलग हो जाने के बाद भी DMK के वोट शेयर में मामूली गिरावट दर्ज की गई।

मुख्य चुनाव परिणाम

दोनों निर्वाचन क्षेत्रों में DMK दूसरे स्थान पर रही। मदुरंतकम में पार्टी उम्मीदवार आई. परंथमन को 29.15 प्रतिशत वोट मिले, जबकि पिछले आम चुनाव में पार्टी उम्मीदवार अमुलु पोनमलार 30.18 प्रतिशत वोट के साथ तीसरे स्थान पर थीं। यानी स्थिति तीसरे से दूसरे पायदान पर सुधरी, हालाँकि वोट शेयर में 1.03 प्रतिशत की मामूली कमी आई।

धारापुरम में पार्टी उम्मीदवार सुकन्या को 57,370 वोट और 31.78 प्रतिशत वोट शेयर मिला। पिछले आम चुनाव में पार्टी की इंद्राणी 64,373 वोट और 32.20 प्रतिशत के साथ दूसरे स्थान पर थीं। इस बार भी पार्टी दूसरे नंबर पर रही और वोट शेयर में केवल 0.42 प्रतिशत की गिरावट दर्ज हुई।

टीवीके की जीत और राजनीतिक समीकरण

दोनों सीटें तमिलगा वेट्री कझगम (TVK) ने जीतीं। उल्लेखनीय है कि मदुरंतकम से मरगथम कुमारवेल और धारापुरम से सत्यभामा ने विधानसभा चुनाव में अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (AIADMK) के उम्मीदवार के रूप में जीत हासिल की थी। अब उपचुनाव में दोनों ने TVK के उम्मीदवार के रूप में जीत दर्ज की। यह TVK के तेज़ी से उभरते राजनीतिक कद को दर्शाता है।

उपचुनाव में पाँच दलों के बीच मुकाबला था, किंतु मुख्य त्रिकोणीय संघर्ष TVK, DMK और AIADMK के बीच रहा।

कमज़ोर गठबंधन — पर वोट बैंक स्थिर

इन उपचुनावों में DMK का गठबंधन उल्लेखनीय रूप से सिकुड़ा हुआ था। कांग्रेस, विदुथलाई चिरुथाइगल काची, एमडीएमके, सीपीआई (एम), सीपीआई और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) जैसे परंपरागत सहयोगी दल गठबंधन से अलग हो चुके थे। DMK केवल मनिथानेया जननायगा काची और मनिथानेया मक्कल काची जैसी छोटी पार्टियों के साथ मैदान में उतरी।

यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में गठबंधन की राजनीति नए सिरे से परिभाषित हो रही है और TVK एक मज़बूत तीसरी शक्ति के रूप में उभर रही है।

स्टालिन की प्रतिक्रिया

DMK अध्यक्ष एम.के. स्टालिन ने चेन्नई के कोडंबक्कम में पत्रकारों से बातचीत में इस परिणाम को 'DMK की हार के बीच जीत' और 'TVK की जीत के बीच हार' बताया। स्टालिन के इस बयान से स्पष्ट होता है कि पार्टी सीटें गँवाने के बावजूद अपने ज़मीनी जनाधार को लेकर आश्वस्त है।

आगे की राह

आलोचकों का कहना है कि वोट शेयर स्थिर रहना और सीट गँवाना — ये दो अलग-अलग संकेत हैं। गठबंधन पुनर्गठन की संभावनाएँ और TVK की बढ़ती ताकत आने वाले विधानसभा चुनाव से पहले DMK के लिए रणनीतिक प्रश्न बन चुके हैं। अब देखना होगा कि अलग हुए सहयोगी दोबारा गठबंधन की ओर लौटते हैं या नहीं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असल सवाल यह है कि क्या कांग्रेस और IUML जैसे दल अलग होकर भी DMK का नुकसान नहीं कर सके, या फिर TVK की जीत का श्रेय AIADMK के वोटों के पुनर्वितरण को जाता है। गठबंधन के टूटने का असर वोट शेयर में नहीं दिखा — यह या तो DMK की जड़ मज़बूती का प्रमाण है, या फिर यह संकेत कि सहयोगियों का वोट कभी DMK के खाते में था ही नहीं। स्टालिन का 'हार में जीत' वाला बयान राजनीतिक रूप से चतुर है, पर इससे यह सच नहीं बदलता कि TVK अब तमिलनाडु की राजनीति में एक नई धुरी बन रही है जिसे नज़रअंदाज़ करना DMK के लिए महँगा पड़ सकता है।
RashtraPress
10 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तमिलनाडु उपचुनाव 2026 में किसने जीत हासिल की?
मदुरंतकम और धारापुरम दोनों सीटें तमिलगा वेट्री कझगम (TVK) ने जीतीं। दोनों विजेता उम्मीदवार — मरगथम कुमारवेल और सत्यभामा — पहले AIADMK के विधायक थे और अब TVK में शामिल होकर चुनाव लड़े।
DMK उपचुनाव हारने के बाद भी वोट शेयर का दावा क्यों कर रही है?
मदुरंतकम में DMK का वोट शेयर 30.18% से घटकर 29.15% (1.03% कम) और धारापुरम में 32.20% से 31.78% (0.42% कम) रहा। पार्टी का तर्क है कि इतने कमज़ोर गठबंधन के बावजूद वोट बैंक लगभग अक्षुण्ण रहा, जो उसकी संगठनात्मक मज़बूती दर्शाता है।
DMK के गठबंधन से कौन-कौन से दल अलग हुए थे?
कांग्रेस, विदुथलाई चिरुथाइगल काची (VCK), एमडीएमके, सीपीआई (एम), सीपीआई और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) इन उपचुनावों से पहले DMK नेतृत्व वाले गठबंधन से अलग हो गई थीं। DMK केवल मनिथानेया जननायगा काची और मनिथानेया मक्कल काची के साथ उतरी।
DMK अध्यक्ष एम.के. स्टालिन ने उपचुनाव परिणामों पर क्या कहा?
DMK अध्यक्ष एम.के. स्टालिन ने चेन्नई के कोडंबक्कम में पत्रकारों से बात करते हुए इस परिणाम को 'DMK की हार के बीच जीत' और 'TVK की जीत के बीच हार' बताया। उनके इस बयान से स्पष्ट है कि पार्टी नेतृत्व अपने वोट शेयर को बड़ी उपलब्धि मान रहा है।
इन उपचुनाव परिणामों का तमिलनाडु की भावी राजनीति पर क्या असर होगा?
TVK की दोनों सीटों पर जीत तमिलनाडु में एक नई तीसरी राजनीतिक शक्ति के उभार का संकेत है। आने वाले विधानसभा चुनाव से पहले DMK को अपने गठबंधन का पुनर्गठन करना होगा, जबकि AIADMK के वोट बैंक में सेंध और TVK की बढ़ती ताकत राज्य के राजनीतिक समीकरणों को नए सिरे से परिभाषित कर सकती है।
राष्ट्र प्रेस
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