3 अगस्त 2026
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एमडीएमके का डीएमके गठबंधन छोड़ने का ऐलान संभव, 27 जून की जनरल काउंसिल बैठक अहम

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एमडीएमके का डीएमके गठबंधन छोड़ने का ऐलान संभव, 27 जून की जनरल काउंसिल बैठक अहम

सारांश

तमिलनाडु में गठबंधन की सियासत करवट ले रही है — एमडीएमके 27 जून को DMK का साथ छोड़ने का ऐलान कर सकती है। वाइको की मुख्यमंत्री विजय से 45 मिनट की मुलाकात और दोनों विधायकों के संभावित इस्तीफे ने राज्य की राजनीति में नई हलचल मचा दी है।

मुख्य बातें

एमडीएमके 27 जून 2026 की जनरल काउंसिल बैठक में DMK -नीत SPA से अलग होने का औपचारिक ऐलान कर सकती है।
वाइको ने सचिवालय में मुख्यमंत्री सी.
जोसेफ विजय से करीब 45 मिनट की बैठक की; राजनीतिक चर्चा की पुष्टि सूत्रों ने की।
एमडीएमके के दो विधायक DMK के 'राइजिंग सन' चिह्न पर चुने गए हैं, जो टीवीके सरकार के समर्थन में बाधा है।
पार्टी नेताओं के अनुसार दोनों विधायकों के इस्तीफे और उपचुनाव का रास्ता सबसे व्यावहारिक विकल्प है।
यदि दोनों विधायक इस्तीफा देते हैं, तो विधानसभा में रिक्त सीटों की संख्या आठ हो जाएगी।
वीसीके , आईयूएमएल , सीपीआई और सीपीएम पहले ही टीवीके सरकार को समर्थन दे चुके हैं।

तमिलनाडु की राजनीति में बड़े फेरबदल की आहट सुनाई दे रही है। मरुमलार्ची द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एमडीएमके) के द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK)-नीत सेक्युलर प्रोग्रेसिव अलायंस (SPA) से अलग होने और मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली टीवीके सरकार के करीब जाने की अटकलें 18 जून 2026 को और तेज हो गई हैं। पार्टी सूत्रों के अनुसार, 27 जून को होने वाली एमडीएमके की जनरल काउंसिल बैठक में इस संबंध में औपचारिक निर्णय लिया जा सकता है।

राजनीतिक पुनर्गठन की पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि अप्रैल में हुए विधानसभा चुनाव में एमडीएमके ने DMK के चुनाव चिह्न 'राइजिंग सन' पर चार सीटों पर चुनाव लड़ा था, जिनमें से दो सीटों पर जीत हासिल हुई। यही स्थिति अब पार्टी के लिए राजनीतिक पेंच बन गई है — क्योंकि DMK के चुनाव चिह्न पर जीते विधायक सीधे तौर पर टीवीके सरकार का समर्थन नहीं कर सकते। पार्टी नेताओं के अनुसार, सबसे व्यावहारिक रास्ता यही है कि दोनों विधायक अपने पद से इस्तीफा दें, उपचुनाव लड़ें और दोबारा जीतने के बाद सत्तारूढ़ गठबंधन को समर्थन दें।

वाइको और दुरई वाइको की भूमिका

एमडीएमके प्रमुख वाइको और उनके पुत्र, तिरुचिरापल्ली से सांसद दुरई वाइको, दोनों सार्वजनिक रूप से DMK के चुनाव चिह्न पर चुनाव लड़ने को लेकर खेद जता चुके हैं। दुरई वाइको ने हाल ही में कहा था कि DMK के टिकट पर जीतने के कारण उनकी पार्टी टीवीके सरकार का समर्थन नहीं कर पा रही, जो उनके लिए 'दुर्भाग्य की बात' है।

मंगलवार को लोक निर्माण मंत्री आधव अर्जुना ने चेन्नई स्थित वाइको के आवास पर उनसे मुलाकात की। अगले दिन वाइको ने सचिवालय में मुख्यमंत्री विजय से करीब 45 मिनट की बैठक की, जिसमें सूत्रों के अनुसार राजनीतिक मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। हालांकि वाइको ने गठबंधन बदलने की खबरों को 'महज अटकल' बताया।

टीवीके सरकार का बचाव और विपक्ष पर पलटवार

इसी बीच दुरई वाइको ने राज्य में महिलाओं के खिलाफ हालिया अपराधों को लेकर टीवीके सरकार का बचाव किया। उन्होंने विपक्ष के उन आरोपों को खारिज किया जिनमें कानून-व्यवस्था बिगड़ने की बात कही जा रही थी, और कहा कि यह सरकार के खिलाफ एक 'नैरेटिव' तैयार करने की कोशिश है। उनका तर्क था कि महिलाओं के खिलाफ अपराधों में कोई असामान्य बढ़ोतरी नहीं हुई है और ऐसे मामले DMK शासन के दौरान भी सामने आते रहे थे।

विधानसभा पर असर: आठ सीटें हो सकती हैं रिक्त

यदि एमडीएमके के दोनों विधायक इस्तीफा देते हैं, तो विधानसभा में रिक्त सीटों की संख्या बढ़कर आठ हो जाएगी। इनमें मुख्यमंत्री विजय के पद संभालने के बाद खाली हुई तिरुचिरापल्ली (पूर्व) सीट भी शामिल है। यह ऐसे समय में आया है जब DMK के कई पूर्व सहयोगी दल — वीसीके, आईयूएमएल, सीपीआई और सीपीएम — पहले ही टीवीके सरकार को समर्थन दे चुके हैं।

आगे क्या होगा

27 जून की जनरल काउंसिल बैठक तमिलनाडु की राजनीति में एक निर्णायक मोड़ साबित हो सकती है। यदि एमडीएमके औपचारिक रूप से SPA से बाहर निकलती है, तो यह राज्य में गठबंधन राजनीति के नए समीकरणों की शुरुआत होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहाँ पुराने गठबंधन सत्ता-केंद्र बदलते ही बिखरने लगते हैं। दिलचस्प यह है कि वाइको ने खुद DMK के टिकट पर चुनाव लड़ने को 'दुर्भाग्य' बताया — यह राजनीतिक असहजता महीनों से दिख रही थी, लेकिन औपचारिक कदम अब तक नहीं उठाया गया था। असली परीक्षा यह होगी कि क्या उपचुनाव की रणनीति व्यावहारिक रूप से कारगर होती है, क्योंकि DMK चिह्न पर जीती सीटें छोड़ना राजनीतिक जोखिम से खाली नहीं है। मुख्यधारा की कवरेज जो चूक रही है, वह यह है कि यह पुनर्गठन केवल एमडीएमके की कहानी नहीं — यह टीवीके सरकार की विधानसभा में संख्या-बल बढ़ाने की सुनियोजित कोशिश भी हो सकती है।
RashtraPress
3 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एमडीएमके DMK गठबंधन क्यों छोड़ना चाहती है?
एमडीएमके के दोनों विधायक DMK के 'राइजिंग सन' चुनाव चिह्न पर जीते हैं, जिससे वे सीधे तौर पर टीवीके सरकार का समर्थन नहीं कर सकते। पार्टी नेताओं के अनुसार, SPA से बाहर निकलकर टीवीके के करीब जाना ही अब सबसे व्यावहारिक विकल्प है।
27 जून की जनरल काउंसिल बैठक में क्या होने की उम्मीद है?
पार्टी सूत्रों के अनुसार, एमडीएमके 27 जून की जनरल काउंसिल बैठक में DMK-नीत SPA से अलग होने का औपचारिक ऐलान कर सकती है। यह बैठक तमिलनाडु की राजनीति में एक निर्णायक मोड़ साबित हो सकती है।
वाइको और मुख्यमंत्री विजय की बैठक में क्या हुआ?
वाइको ने सचिवालय में मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय से करीब 45 मिनट की बैठक की, जिसमें सूत्रों के अनुसार राजनीतिक मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। हालांकि वाइको ने गठबंधन बदलने की खबरों को 'महज अटकल' बताया।
एमडीएमके विधायकों के इस्तीफे से विधानसभा पर क्या असर पड़ेगा?
यदि एमडीएमके के दोनों विधायक इस्तीफा देते हैं, तो तमिलनाडु विधानसभा में रिक्त सीटों की संख्या बढ़कर आठ हो जाएगी। इनमें मुख्यमंत्री विजय के पद संभालने के बाद खाली हुई तिरुचिरापल्ली (पूर्व) सीट भी शामिल है।
तमिलनाडु में टीवीके सरकार को और कौन-से दल समर्थन दे रहे हैं?
DMK के कई पूर्व सहयोगी दल — वीसीके, आईयूएमएल, सीपीआई और सीपीएम — पहले ही टीवीके सरकार को समर्थन दे चुके हैं। एमडीएमके अब तक इस समर्थन से दूर रही है, लेकिन 27 जून की बैठक के बाद स्थिति बदल सकती है।
राष्ट्र प्रेस
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