ऋषभ पंत ने गाले टेस्ट में 39 पर फिर गंवाया विकेट, पडिक्कल की 167 रनों की पारी ने संभाला भारत
सारांश
मुख्य बातें
गाले इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में 16 अगस्त को खेले जा रहे भारत-श्रीलंका पहले टेस्ट मैच के दूसरे दिन विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत एक बार फिर अच्छी शुरुआत को बड़ी पारी में नहीं बदल सके और 39 रन के निजी स्कोर पर एक लापरवाह शॉट खेलकर पवेलियन लौट गए। हालाँकि, देवदत्त पडिक्कल की 230 गेंदों में 167 रनों की करियर-परिभाषित पारी ने भारत की पारी को मज़बूत आधार दिया।
पंत का विकेट — वही पुरानी कहानी
देवदत्त पडिक्कल के साथ दूसरे दिन बल्लेबाजी के लिए उतरे पंत शुरुआत में अच्छी लय में दिखे और क्रीज पर सेट भी नज़र आ रहे थे। लेकिन 39 के स्कोर पर श्रीलंकाई गेंदबाज केशरा नुवानथा की गेंद पर उन्होंने आगे बढ़कर हवाई छक्का मारने का प्रयास किया। गेंद और बल्ले के बीच ठोस संपर्क नहीं बन सका और बॉल बल्ले का भारी किनारा लेकर सीधे फील्डर के हाथों में समा गई। पवेलियन लौटते समय पंत खुद अपने शॉट पर निराश दिखे।
पंत की पुरानी आदत — जल्दबाज़ी में विकेट
यह पहली बार नहीं है जब पंत ने अच्छी शुरुआत के बाद अनावश्यक जोखिम उठाकर अपना विकेट गंवाया हो। आलोचकों का कहना है कि पंत की बड़ा शॉट खेलने की जल्दबाज़ी उनकी सबसे बड़ी कमज़ोरी बनी हुई है — एक ऐसा पैटर्न जो बार-बार दोहराया जाता है, चाहे मैच की परिस्थिति कुछ भी हो।
पडिक्कल की ऐतिहासिक पारी
देवदत्त पडिक्कल ने इस मैच में अपनी बल्लेबाज़ी से सबको चौंका दिया। उन्होंने 230 गेंदों में 167 रन की दमदार पारी खेली और श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट में नंबर तीन पर खेलते हुए 150 से अधिक रन बनाने वाले भारत के सिर्फ तीसरे बल्लेबाज बन गए। उनसे पहले यह उपलब्धि केवल राहुल द्रविड़ और चेतेश्वर पुजारा ने हासिल की थी।
अन्य बल्लेबाजों का प्रदर्शन
पहले दिन 77 रन के स्कोर पर रिटायर हर्ट होने वाले केएल राहुल दूसरे दिन केवल 5 रन और जोड़ सके और 82 रन बनाकर आउट हुए। रवींद्र जडेजा महज 13 रन ही बना सके। वहीं, ध्रुव जुरेल ने 68 गेंदों में 51 रन की आक्रामक पारी खेली, जिसमें 4 चौके और 1 छक्का शामिल रहा।
आगे क्या
भारत की पारी में पडिक्कल की पारी निर्णायक साबित हो सकती है। अब निगाहें इस बात पर होंगी कि भारत का निचला क्रम कितना योगदान देता है और गाले की पिच पर श्रीलंका की गेंदबाज़ी किस तरह प्रतिक्रिया करती है।