गाले टेस्ट: ऋषभ पंत के 66 रन और टेस्ट में 100 छक्कों का रिकॉर्ड, भारत 193 पर ढेर; श्रीलंका को 372 का लक्ष्य
सारांश
मुख्य बातें
गाले इंटरनेशनल स्टेडियम में 18 अगस्त को खेले जा रहे टेस्ट मैच के चौथे दिन भारतीय क्रिकेट टीम अपनी दूसरी पारी में 193 रन पर सिमट गई। विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत ने 69 गेंदों पर 8 चौके और 2 छक्के जड़ते हुए 66 रन की पारी खेली, जो भारतीय पारी का सर्वोच्च स्कोर रहा। इस मैच में श्रीलंका को जीत के लिए 372 रन का विशाल लक्ष्य मिला है।
मुख्य घटनाक्रम: कैसे गिरे भारत के विकेट
भारत की दूसरी पारी की शुरुआत बेहद खराब रही। सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल बिना खाता खोले पवेलियन लौट गए। इसके बाद केएल राहुल और देवदत्त पड्डिकल ने दूसरे विकेट के लिए 65 रन की साझेदारी कर पारी को संभाला। राहुल 35 रन बनाकर आउट हुए, और उनके बाद शुभमन गिल भी महज 8 रन पर चलते बने।
पड्डिकल ने 44 रन की उपयोगी पारी खेली, लेकिन उनके आउट होते ही भारत का मध्यक्रम ताश के पत्तों की तरह बिखर गया। टीम के आठ बल्लेबाज दहाई का आँकड़ा भी नहीं छू सके। कुल मिलाकर यह भारत के लिए निराशाजनक बल्लेबाजी प्रदर्शन रहा।
ऋषभ पंत का ऐतिहासिक 100वाँ छक्का
विकेट गिरने के बावजूद ऋषभ पंत ने आक्रामक बल्लेबाजी जारी रखी और 66 रन की पारी के दौरान उनका दूसरा छक्का टेस्ट क्रिकेट में उनका 100वाँ छक्का बन गया। इस उपलब्धि के साथ पंत टेस्ट क्रिकेट में 100 छक्के लगाने वाले पहले भारतीय बल्लेबाज बन गए — यह एक ऐसा कीर्तिमान है जो भारतीय क्रिकेट इतिहास में उनका नाम स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज करता है।
श्रीलंकाई गेंदबाजों का प्रदर्शन
श्रीलंका की ओर से असिथा फर्नांडो सबसे सफल गेंदबाज रहे और उन्होंने 4 विकेट चटकाए। प्रबाथ जयसूर्या ने 3 विकेट, लाहिरू कुमारा ने 2 विकेट और केशरा ने 1 विकेट लिया। स्पिनरों की मददगार पिच पर जयसूर्या की भूमिका अहम रही।
पहली पारी का संदर्भ
भारत ने पहली पारी में देवदत्त पड्डिकल के शानदार 167 रन और केएल राहुल के 82 रन की बदौलत 462 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया था। जवाब में श्रीलंका पहली पारी में 284 रन पर सिमट गई थी, जिससे भारत को 178 रनों की महत्वपूर्ण बढ़त मिली।
क्या होगा आगे: श्रीलंका के सामने पहाड़ जैसा लक्ष्य
चौथी पारी में 372 रनों का लक्ष्य टेस्ट क्रिकेट के मानकों पर असाधारण रूप से कठिन है। अभी चौथे दिन का एक सत्र और पाँचवाँ पूरा दिन शेष है। गाले की पिच परंपरागत रूप से स्पिन गेंदबाजों की सहायक रहती है, और ऐसे में भारतीय स्पिनरों का दबदबा निर्णायक साबित हो सकता है। यह देखना दिलचस्प होगा कि श्रीलंकाई बल्लेबाज इस चुनौती का सामना कर पाते हैं या भारतीय गेंदबाज़ पाँचवें दिन मैच अपने नाम करते हैं।