पोलैंड के PM डोनाल्ड टस्क अक्टूबर में भारत दौरे पर, साथ आएंगी 100 प्रमुख कंपनियाँ
सारांश
मुख्य बातें
पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क अक्टूबर 2026 के आखिर में भारत का दौरा करेंगे और इस यात्रा में पोलैंड की 100 प्रमुख कंपनियों के प्रतिनिधि भी उनके साथ होंगे। पोलैंड के वित्त और अर्थव्यवस्था मंत्री आंद्रेज डोमान्स्की ने मिल्वौकी में जी20 व्यापार मंत्रियों की बैठक के दौरान एक खास इंटरव्यू में यह जानकारी दी। डोमान्स्की ने कहा कि पोलैंड भारत के साथ अपने आर्थिक और कारोबारी रिश्तों को तेज़ गति से आगे बढ़ाना चाहता है।
यात्रा की रूपरेखा
डोमान्स्की ने बताया कि प्रधानमंत्री टस्क अपने भारत दौरे के दौरान नई दिल्ली और बेंगलुरु — दोनों शहरों का दौरा करेंगे। उन्होंने भारत के वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के साथ हुई बैठक का ज़िक्र करते हुए कहा, "यह बैठक आमने सामने हुई और वहाँ मीडिया मौजूद नहीं था। मैं इतना बता सकता हूँ कि कई दूसरे मुद्दों के साथ हमने प्रधानमंत्री टस्क के भारत दौरे पर भी चर्चा की, जो अक्टूबर के आखिर में होगा।"
उन्होंने स्पष्ट किया, "इस यात्रा में आर्थिक मुद्दों और सहयोग पर खास ज़ोर रहेगा।" यह यात्रा 2010 के बाद टस्क की भारत की पहली यात्रा होगी, जब वे पहली बार पोलैंड के प्रधानमंत्री के तौर पर यहाँ आए थे।
किन क्षेत्रों में होगा सहयोग
डोमान्स्की के अनुसार, पोलैंड को भारत के साथ रक्षा, अंतरिक्ष, मशीनरी और फूड प्रोसेसिंग जैसे क्षेत्रों में सहयोग की व्यापक संभावनाएँ दिखती हैं। उन्होंने कहा, "एक ऐसे देश के रूप में जो तेज़ी से अपना रक्षा उद्योग विकसित कर रहा है, हमारा मानना है कि रक्षा उद्योग में सहयोग की काफी गुंजाइश है।"
स्पेस सेक्टर पर बोलते हुए डोमान्स्की ने कहा कि पोलैंड ने इस क्षेत्र में अपना निवेश दोगुना करने का फैसला किया है और अपनी अंतरिक्ष कंपनियों को भारत लाने की योजना है। उन्होंने यह भी बताया कि भारत में निवेश की संभावनाएँ तलाश रही पोलिश कंपनियों के लिए क्लीन एनर्जी, IT और इंडस्ट्रियल क्षेत्र में अच्छे अवसर हैं।
भारत पोलैंड रणनीतिक साझेदारी की पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगस्त 2024 में वॉरसॉ यात्रा के दौरान भारत और पोलैंड ने अपने रिश्तों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक उठाया था। दोनों देशों ने पाँच साल का एक्शन प्लान भी अपनाया था, जिसमें व्यापार, निवेश, रक्षा, ऊर्जा, ग्रीन टेक्नोलॉजी, कृषि और बुनियादी ढाँचे में सहयोग शामिल है।
मोदी की वह यात्रा इसलिए भी ऐतिहासिक थी क्योंकि 45 वर्षों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री का यह पहला पोलैंड दौरा था। उसी यात्रा के दौरान मोदी ने टस्क को भारत आने का न्योता दिया था। टस्क की आगामी यात्रा उसी आमंत्रण की परिणति है।
पोलैंड — यूरोप प्रवेश का द्वार
डोमान्स्की ने पोलैंड को भारतीय कंपनियों के लिए यूरोपीय संघ (EU) के विशाल बाज़ार में प्रवेश का एक सशक्त माध्यम बताया। उनके अनुसार, इस साल पोलैंड की आर्थिक वृद्धि दर 3.5 से 3.6 प्रतिशत रहने का अनुमान है। उन्होंने कहा, "पोलैंड में निवेश करने पर भारतीय कंपनियों को EU के बाज़ार तक पहुँच मिलती है — हम यूरोप में भारतीय निवेश के लिए एक बेहतरीन हब बन सकते हैं।"
डोमान्स्की ने जी20 की बैठक में कृषि उत्पादों के व्यापार को दबाव के साधन के रूप में इस्तेमाल किए जाने का मुद्दा भी उठाया और यूक्रेन में चल रहे युद्ध के कारण काला सागर मार्ग पर आई रुकावटों का संदर्भ दिया।
वैश्विक व्यापार में भारत की भूमिका पर ज़ोर
पोलिश मंत्री ने वैश्विक व्यापार में भारत की बढ़ती भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा, "भारत एक लीडर है। भारत न सिर्फ दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक है, बल्कि उसकी जीडीपी की विकास दर भी काफी ऊँची है।" उन्होंने यह भी कहा कि भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था पोलैंड के साथ दीर्घकालिक आर्थिक संबंध बनाने में एक महत्वपूर्ण कारक है।
टस्क की इस यात्रा से भारत पोलैंड आर्थिक संबंधों के एक नए अध्याय की शुरुआत होने की उम्मीद है, और दोनों देशों के बीच व्यापार एवं निवेश के ठोस समझौतों पर नज़र रहेगी।