पोलैंड के PM डोनाल्ड टस्क नई दिल्ली पहुंचे, 22 अक्टूबर को PM मोदी से होगी द्विपक्षीय वार्ता
सारांश
मुख्य बातें
पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क 21 अक्टूबर 2026 की शाम नई दिल्ली पहुंचे, जहाँ वे तीन दिवसीय आधिकारिक दौरे पर रहेंगे। इस यात्रा का उद्देश्य भारत और पोलैंड के बीच रक्षा, व्यापार, प्रौद्योगिकी और रणनीतिक सहयोग को और मज़बूत बनाना है। प्रधानमंत्री के रूप में यह टस्क की 16 वर्षों में पहली भारत यात्रा है।
आगमन और स्वागत
दिल्ली हवाई अड्डे पर खाद्य प्रसंस्करण उद्योग एवं जल शक्ति राज्य मंत्री राज भूषण चौधरी ने उनका औपचारिक स्वागत किया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए कहा कि यह उच्चस्तरीय यात्रा भारत-पोलैंड रणनीतिक साझेदारी को नई गति देगी और दोनों देशों के दीर्घकालिक संबंधों को और गहरा बनाएगी।
टस्क के साथ पोलैंड के वित्त एवं अर्थव्यवस्था मंत्री आंद्रेज डोमांस्की और एक उच्चस्तरीय व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल भी भारत आया है, जो संभावित निवेश अवसरों की पड़ताल करेगा।
PM मोदी से वार्ता का एजेंडा
22 अक्टूबर को प्रधानमंत्री टस्क, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ व्यापक द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। इस बैठक में रक्षा विनिर्माण, व्यापार, उभरती प्रौद्योगिकियाँ, अंतरिक्ष अनुसंधान, नवीकरणीय ऊर्जा और निवेश जैसे विषयों पर चर्चा होने की उम्मीद है।
दोनों नेता रूस-यूक्रेन संघर्ष, भारत-यूरोपीय संघ संबंध और वैश्विक सुरक्षा से जुड़े अन्य मुद्दों पर भी विचार-विमर्श करेंगे। यह ऐसे समय में आया है जब यूरोप में सुरक्षा परिदृश्य तेज़ी से बदल रहा है और भारत की भूमिका एक महत्वपूर्ण भागीदार के रूप में उभर रही है।
भारत-पोलैंड बिजनेस फोरम और बेंगलुरु दौरा
आधिकारिक बैठकों के अलावा भारत-पोलैंड बिजनेस फोरम का आयोजन 22 अक्टूबर को नई दिल्ली और 23 अक्टूबर को बेंगलुरु में किया जाएगा। दिल्ली के कार्यक्रमों के बाद टस्क बेंगलुरु जाएंगे, जहाँ वे सूचना प्रौद्योगिकी (IT), अंतरिक्ष और अन्य क्षेत्रों से जुड़े उद्योग प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे।
रणनीतिक साझेदारी की पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि अगस्त 2024 में प्रधानमंत्री मोदी ने पोलैंड की ऐतिहासिक यात्रा की थी, जिसके दौरान दोनों देशों के संबंधों को रणनीतिक साझेदारी का दर्जा दिया गया था। इसके बाद सितंबर 2026 में विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने वारसा में पोलैंड के उपप्रधानमंत्री एवं विदेश मंत्री राडोस्वाव सिकोरस्की से मुलाकात की थी और संयुक्त कार्य योजना 2024-28 की प्रगति की समीक्षा की थी।
उस दौरे में व्यापार एवं निवेश, अंतरिक्ष, डिजिटल तकनीक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), सेमीकंडक्टर, रक्षा, शिक्षा, ऊर्जा और बहुपक्षीय सहयोग जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई थी। जयशंकर ने उसी यात्रा के दौरान पोलैंड के राष्ट्रपति कारोल नावरोकी से भी भेंट की थी।
आगे क्या
टस्क का यह दौरा भारत-यूरोप संबंधों के व्यापक संदर्भ में महत्वपूर्ण है, जहाँ भारत-EU मुक्त व्यापार समझौते पर बातचीत जारी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह यात्रा भारत को यूरोपीय सुरक्षा ढाँचे में एक भरोसेमंद भागीदार के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक और कदम है। 23 अक्टूबर को बेंगलुरु में होने वाले कार्यक्रमों के बाद टस्क का दौरा संपन्न होगा।