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पोलैंड के PM डोनाल्ड टस्क बेंगलुरु पहुंचे, भारत-पोलैंड व्यापार 2030 तक दोगुना करने का लक्ष्य

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पोलैंड के PM डोनाल्ड टस्क बेंगलुरु पहुंचे, भारत-पोलैंड व्यापार 2030 तक दोगुना करने का लक्ष्य

सारांश

पोलैंड के PM डोनाल्ड टस्क का बेंगलुरु दौरा महज औपचारिकता नहीं — दिल्ली में मोदी से हुई वार्ता में रक्षा, व्यापार और तकनीक में ठोस साझेदारी की नींव रखी गई है। 6.36 अरब डॉलर के व्यापार को 2030 तक दोगुना करने का लक्ष्य और CDRI में पोलैंड का प्रवेश इस यात्रा को प्रतीकात्मक से परे बनाता है।

मुख्य बातें

पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क 22 अक्टूबर 2026 की रात केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे, बेंगलुरु पहुँचे।
मंत्री कृष्णा बायरेगौड़ा और वरिष्ठ अधिकारियों ने हवाई अड्डे पर गर्मजोशी से स्वागत किया।
नई दिल्ली में PM मोदी और टस्क की द्विपक्षीय वार्ता में व्यापार, रक्षा, आतंकवाद निरोध और आपदारोधी ढाँचे पर सहमति बनी।
भारत-पोलैंड द्विपक्षीय व्यापार 2025 में 6.36 अरब डॉलर रहा; 2030 तक दोगुना करने का लक्ष्य।
पोलैंड आपदा-रोधी अवसंरचना गठबंधन ( CDRI ) में शामिल होगा।
बेंगलुरु में टस्क कई बिजनेस और तकनीक कार्यक्रमों में भाग लेंगे; निवेश सहयोग पर चर्चा अपेक्षित।

पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क अपने उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ 22 अक्टूबर 2026 की रात केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे, बेंगलुरु पर पहुंचे, जहाँ कर्नाटक सरकार ने उनका भव्य स्वागत किया। यह यात्रा 21 से 23 अक्टूबर 2026 तक चलने वाले भारत के आधिकारिक दौरे का हिस्सा है, जिसके दौरान नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता पहले ही संपन्न हो चुकी है।

बेंगलुरु में स्वागत और उपस्थित अधिकारी

हवाई अड्डे पर ग्रेटर बेंगलुरु विकास एवं संसदीय कार्य मंत्री कृष्णा बायरेगौड़ा ने फूलों का गुलदस्ता भेंट कर टस्क और उनके प्रतिनिधिमंडल का गर्मजोशी से स्वागत किया। इस अवसर पर कर्नाटक की मुख्य सचिव शालिनी रजनीश, कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग के सचिव के.जी. जगदीश और बेंगलुरु शहर के पुलिस आयुक्त सीमांत कुमार सिंह सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

बेंगलुरु दौरे के दौरान टस्क कई बिजनेस और तकनीक कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। कर्नाटक सरकार और पोलिश प्रतिनिधिमंडल के बीच निवेश तथा प्रौद्योगिकी सहयोग पर भी चर्चा होने की उम्मीद है।

मोदी-टस्क वार्ता: चार प्रमुख क्षेत्रों पर सहमति

इससे पहले नई दिल्ली में प्रधानमंत्री मोदी और टस्क के बीच हुई द्विपक्षीय वार्ता में दोनों देशों ने आपसी रिश्तों को नई गति देने का संकल्प लिया। प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी आधिकारिक जानकारी के अनुसार, चार प्रमुख क्षेत्रों में साझेदारी को मज़बूत करने पर ज़ोर दिया गया है।

इनमें द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करना, रक्षा उद्योग संवाद की स्थापना, आतंकवाद निरोधक संवाद की शुरुआत और आपदारोधी बुनियादी ढाँचे के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाना शामिल है। इसके अलावा पोलैंड आपदा-रोधी अवसंरचना गठबंधन (CDRI) में भी शामिल होगा।

व्यापार और आर्थिक लक्ष्य

विदेश मंत्रालय के पश्चिमी मामलों के सचिव सिबी जॉर्ज ने बताया कि भारत और पोलैंड के बीच वर्ष 2025 में द्विपक्षीय व्यापार 6.36 अरब डॉलर तक पहुँच गया था। अब दोनों देश इसे 2030 तक दोगुना करने के लक्ष्य पर काम कर रहे हैं।

गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब यूरोप में भू-राजनीतिक तनाव के बीच भारत अपनी रणनीतिक साझेदारियों का दायरा बढ़ाने में जुटा है। रक्षा क्षेत्र में सहयोग, महत्वपूर्ण खनिजों की आपूर्ति शृंखला, उभरती प्रौद्योगिकी और नवीकरणीय ऊर्जा को भी प्राथमिकता दी जा रही है।

रणनीतिक साझेदारी का महत्व

मोदी और टस्क के बीच हुई वार्ता को भारत-पोलैंड संबंधों को सामान्य कूटनीतिक संपर्क से आगे ले जाकर ठोस आर्थिक और सुरक्षा सहयोग में बदलने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यह ऐसे समय में विशेष अहमियत रखता है जब पोलैंड वर्तमान में यूरोपीय संघ (EU) की अध्यक्षता कर रहा है, जिससे भारत-यूरोप संबंधों के संदर्भ में इस यात्रा का कूटनीतिक वज़न और बढ़ जाता है।

आने वाले दिनों में बेंगलुरु में होने वाली बैठकों से यह स्पष्ट होगा कि दोनों देश तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में किस हद तक एक-दूसरे के साथ आगे बढ़ने को तैयार हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी रक्षा उद्योग संवाद की है — भारत अब तक यूरोपीय देशों के साथ रक्षा सह-उत्पादन में अपेक्षित गति नहीं पकड़ पाया है। बेंगलुरु का चुनाव महत्वपूर्ण है क्योंकि यह संकेत देता है कि दोनों देश राजनयिक भाषणों से आगे बढ़कर तकनीक और स्टार्टअप इकोसिस्टम में ठोस जुड़ाव चाहते हैं — जो देखना होगा कि बैठकों के बाद कितना मूर्त रूप लेता है।
RashtraPress
23 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पोलैंड के PM डोनाल्ड टस्क की भारत यात्रा का उद्देश्य क्या है?
डोनाल्ड टस्क 21 से 23 अक्टूबर 2026 तक भारत की आधिकारिक यात्रा पर हैं, जिसका मुख्य उद्देश्य भारत-पोलैंड संबंधों को व्यापार, रक्षा, तकनीक और आपदा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में नई गति देना है। नई दिल्ली में PM मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता हो चुकी है और बेंगलुरु में बिजनेस व तकनीक कार्यक्रमों में हिस्सेदारी तय है।
भारत और पोलैंड के बीच व्यापार का लक्ष्य क्या है?
वर्ष 2025 में भारत-पोलैंड द्विपक्षीय व्यापार 6.36 अरब डॉलर तक पहुँच गया था। विदेश मंत्रालय के सचिव सिबी जॉर्ज के अनुसार, दोनों देश अब इसे 2030 तक दोगुना करने के लक्ष्य पर काम कर रहे हैं।
CDRI में पोलैंड का शामिल होना क्यों महत्वपूर्ण है?
आपदा-रोधी अवसंरचना गठबंधन (CDRI) भारत की एक प्रमुख बहुपक्षीय पहल है, जो बुनियादी ढाँचे को प्राकृतिक आपदाओं के प्रति अधिक मज़बूत बनाने पर केंद्रित है। पोलैंड का इसमें शामिल होना इस गठबंधन के यूरोपीय विस्तार को दर्शाता है और भारत-पोलैंड सहयोग को एक नया आयाम देता है।
मोदी-टस्क वार्ता में किन चार क्षेत्रों पर सहमति बनी?
प्रधानमंत्री कार्यालय की जानकारी के अनुसार, दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने, रक्षा उद्योग संवाद स्थापित करने, आतंकवाद निरोधक संवाद शुरू करने और आपदारोधी बुनियादी ढाँचे में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई। रक्षा, महत्वपूर्ण खनिज, उभरती प्रौद्योगिकी और नवीकरणीय ऊर्जा भी प्राथमिकता में हैं।
बेंगलुरु में टस्क के दौरे का क्या कार्यक्रम है?
बेंगलुरु में पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क कई बिजनेस और तकनीक कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। कर्नाटक सरकार और पोलिश प्रतिनिधिमंडल के बीच निवेश तथा तकनीकी सहयोग पर विस्तृत चर्चा होने की उम्मीद है।
राष्ट्र प्रेस
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