मोदी टस्क शिखर वार्ता: भारत पोलैंड व्यापार 2030 तक दोगुना, रक्षा व आतंकवाद निरोधक संवाद पर सहमति
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क के बीच 22 अक्टूबर 2026 को हैदराबाद हाउस, नई दिल्ली में हुई शिखर वार्ता के बाद दोनों देशों ने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार दोगुना करने, रक्षा उद्योग संवाद स्थापित करने, आतंकवाद निरोधक संवाद शुरू करने और आपदा रोधी बुनियादी ढाँचे के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर ठोस सहमति बनाई। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) द्वारा जारी आधिकारिक परिणामों की सूची इस रणनीतिक साझेदारी को आर्थिक और सुरक्षा दोनों आयामों में ठोस रूप देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
व्यापार और निवेश का खाका
विदेश मंत्रालय (एमईए) के पश्चिमी मामलों के सचिव सिबी जॉर्ज ने प्रेस ब्रीफिंग में बताया कि वर्ष 2025 में भारत पोलैंड द्विपक्षीय व्यापार 6.36 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुँच गया, जबकि पोलैंड में भारतीय निवेश 3 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक होने का अनुमान है। उन्होंने कहा, "व्यापार, निवेश और आर्थिक सहयोग पर काफी ध्यान दिया गया। नए उभरते क्षेत्रों में ईवी बैटरी, नवीकरणीय ऊर्जा, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग और स्वच्छ तकनीकें शामिल हैं।"
दोनों देशों ने महत्वपूर्ण खनिजों की आपूर्ति शृंखला और उभरती प्रौद्योगिकियों को भी प्राथमिकता सूची में रखा है। यह ऐसे समय में आया है जब यूरोप में आपूर्ति शृंखला विविधीकरण की माँग तेज़ हुई है और भारत उसमें एक विश्वसनीय साझेदार के रूप में उभर रहा है।
रक्षा और सुरक्षा सहयोग
दोनों देशों के बीच रक्षा उद्योग संवाद की स्थापना पर बनी सहमति को विशेषज्ञ एक उल्लेखनीय कदम मान रहे हैं। गौरतलब है कि पोलैंड नाटो का सदस्य है और पूर्वी यूरोप में रक्षा खर्च के मामले में सबसे सक्रिय देशों में शुमार है। भारत के रक्षा निर्यात और 'मेक इन इंडिया' कार्यक्रम के लिए यह संवाद नए अवसर खोल सकता है।
आतंकवाद निरोधक संवाद के अंतर्गत दोनों नेताओं ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) की 1267 प्रतिबंध समिति द्वारा सूचीबद्ध आतंकियों और आतंकी संगठनों के विरुद्ध मजबूत और समन्वित कार्रवाई की आवश्यकता पर बल दिया। यह भारत की उस दीर्घकालिक माँग के अनुरूप है जिसमें वह पाकिस्तान आधारित आतंकी संगठनों पर वैश्विक कार्रवाई की पैरवी करता रहा है।
सीडीआरआई में पोलैंड का प्रवेश
पोलैंड का आपदा रोधी अवसंरचना गठबंधन (सीडीआरआई — CDRI) में शामिल होना इस शिखर वार्ता के उल्लेखनीय परिणामों में से एक है। सीडीआरआई भारत और यूके की संयुक्त पहल है जिसे 2019 में संयुक्त राष्ट्र जलवायु सम्मेलन में लॉन्च किया गया था। पोलैंड के इसमें जुड़ने से यूरोपीय देशों की इस मंच पर भागीदारी और व्यापक होगी।
हिंद प्रशांत और अंतरराष्ट्रीय कानून पर साझा दृष्टिकोण
दोनों नेताओं ने एक स्वतंत्र, खुले, शांतिपूर्ण और समृद्ध हिंद प्रशांत क्षेत्र के महत्व को दोहराया। उन्होंने 1982 के संयुक्त राष्ट्र समुद्र कानून कन्वेंशन (यूएनसीएलओएस) सहित अंतरराष्ट्रीय कानूनों के सम्मान और नौवहन की स्वतंत्रता पर जोर दिया। यह संयुक्त बयान दक्षिण चीन सागर में चीन की आक्रामकता के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
यात्रा का व्यापक संदर्भ
पोलिश प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क 21 से 23 अक्टूबर 2026 तक भारत की आधिकारिक यात्रा पर हैं। यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब भारत यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (FTA) की वार्ता गति पकड़ रही है और पोलैंड यूरोपीय संघ की परिषद की अध्यक्षता संभाल चुका है। दोनों देश अब इस बढ़ती हुई रणनीतिक गर्मजोशी को दीर्घकालिक संस्थागत ढाँचे में तब्दील करने के प्रयास में हैं।