जितिन प्रसाद वारसॉ पहुंचे, भारत-पोलैंड रणनीतिक साझेदारी को मिलेगी नई गति
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद अपने प्रतिनिधिमंडल के साथ सोमवार, 2 नवंबर 2026 को पोलैंड की राजधानी वारसॉ पहुंचे। वारसॉ स्थित भारतीय दूतावास ने उनका औपचारिक स्वागत किया। यह दौरा भारत और पोलैंड के बीच द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाई देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
दूतावास की प्रतिक्रिया
वारसॉ स्थित भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि मंत्री जितिन प्रसाद और उनके प्रतिनिधिमंडल का वारसॉ आगमन पर हार्दिक स्वागत किया गया। दूतावास ने यह भी कहा कि यह यात्रा पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच नई दिल्ली में हाल ही में हुई मुलाकात के कुछ ही दिनों बाद हो रही है।
दूतावास के अनुसार, इस दौरे से दोनों नेताओं की बैठक में हुए समझौतों और फैसलों को आगे बढ़ाने में सहायता मिलेगी और भारत-पोलैंड रणनीतिक संबंधों में 'महत्वपूर्ण प्रगति' की उम्मीद है।
मोदी-टस्क शिखर बैठक की पृष्ठभूमि
पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क ने अक्टूबर 2026 में भारत का दौरा किया था। उस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और टस्क ने 2030 तक दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने का लक्ष्य निर्धारित किया।
गौरतलब है कि मोदी ने पोलैंड की कंपनियों को भारत में निवेश और कारोबार विस्तार के लिए आमंत्रित किया था। उन्होंने कहा था कि भारत का विशाल बाज़ार, कुशल कार्यबल, तेज़ी से बढ़ता विनिर्माण क्षेत्र और नवाचार-आधारित इकोसिस्टम विदेशी कंपनियों के लिए बड़े अवसर उपलब्ध कराता है।
पोलैंड की भूमिका और यूरोपीय बाज़ार
डोनाल्ड टस्क ने भारत-पोलैंड शिखर वार्ता में भारतीय निवेश की सराहना करते हुए कहा था कि पोलैंड, मध्य और पूर्वी यूरोप के साथ-साथ व्यापक यूरोपीय बाज़ार में प्रवेश करने की इच्छुक भारतीय कंपनियों के लिए एक महत्वपूर्ण प्रवेशद्वार बन सकता है। यह ऐसे समय में आया है जब भारत यूरोपीय संघ के साथ मुक्त व्यापार समझौते की दिशा में भी सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है।
कृषि एवं द्विपक्षीय सहयोग
दोनों देशों के शीर्ष नेताओं ने कृषि क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई थी। इसके लिए द्विपक्षीय कार्य समूह की गतिविधियों को फिर से शुरू किया जाएगा, जिससे कृषि व्यापार और तकनीकी सहयोग को नई गति मिल सके। जितिन प्रसाद का यह दौरा उन्हीं प्रतिबद्धताओं को धरातल पर उतारने की व्यावहारिक कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
आगे क्या होगा
उम्मीद है कि मंत्री जितिन प्रसाद वारसॉ में पोलैंड के व्यापार एवं उद्योग प्रतिनिधियों के साथ बैठकें करेंगे और मोदी-टस्क शिखर वार्ता में हुए व्यापार, निवेश एवं कृषि समझौतों पर आगे की कार्ययोजना तय करेंगे। यह दौरा भारत की यूरोप-केंद्रित कूटनीतिक व आर्थिक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।