गृह मंत्रालय का FRRO विस्तार: 2027 तक सभी राज्यों की राजधानियों में कार्यालय, अब देशभर में 20 केंद्र
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 2 नवंबर 2026 को घोषणा की कि विदेशी नागरिकों के प्रबंधन को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से फॉरेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस (FRRO) नेटवर्क का व्यापक विस्तार किया जा रहा है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के निर्देश पर 2027 तक सभी राज्यों की राजधानियों में एक-एक FRRO कार्यालय स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। इस प्रक्रिया के तहत देश में FRRO कार्यालयों की कुल संख्या अब बढ़कर 20 हो गई है।
मुख्य घटनाक्रम
गृह मंत्रालय द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, पर्यटन, चिकित्सा और शिक्षा के उद्देश्यों से भारत आने वाले विदेशी नागरिकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इस बढ़ती माँग को देखते हुए सभी राज्यों में FRRO की उपस्थिति अनिवार्य मानी गई। मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि इससे सेवाओं तक पहुँच सुनिश्चित होगी, नियमों का पालन बेहतर होगा और भारत एक आकर्षक गंतव्य के रूप में और मजबूती से उभरेगा।
चरणबद्ध विस्तार: क्या हुआ और कब
2025 में सबसे पहले तीन नए FRRO कार्यालय — जयपुर (राजस्थान), चंडीगढ़ और गुवाहाटी (असम) — स्थापित किए गए। इससे पहले ये क्षेत्र क्रमशः दिल्ली, अमृतसर और कोलकाता FRRO के अधिकार क्षेत्र में आते थे।
इसी वर्ष 2026 में दो और राजधानियों — आइजोल (मिजोरम) और अमरावती (आंध्र प्रदेश) — में नए कार्यालय खोले गए। आइजोल पहले कोलकाता FRRO के अंतर्गत था, जबकि अमरावती हैदराबाद FRRO के अधिकार क्षेत्र में आता था।
हाल ही में कोहिमा (नागालैंड), अगरतला (त्रिपुरा) और भुवनेश्वर (ओडिशा) में तीन नए FRRO कार्यालयों की अधिसूचना जारी की गई है। इससे पहले कोहिमा और अगरतला कोलकाता FRRO के, तथा भुवनेश्वर हैदराबाद FRRO के क्षेत्राधिकार में थे।
देशभर में FRRO कार्यालयों की स्थिति
अब देश में कुल 20 FRRO कार्यालय कार्यरत हैं। ये कार्यालय अहमदाबाद, अमरावती, अमृतसर, आइजोल, अगरतला, बेंगलुरु, भुवनेश्वर, कालीकट, चेन्नई, कोचीन, चंडीगढ़, दिल्ली, गुवाहाटी, हैदराबाद, कोलकाता, कोहिमा, कोझिकोड, लखनऊ, मुंबई और तिरुवनंतपुरम में स्थित हैं। गौरतलब है कि यह नेटवर्क देश के उत्तर-पूर्वी और दक्षिणी राज्यों तक अब पहली बार प्रत्यक्ष रूप से पहुँचा है।
विस्तार का दोहरा उद्देश्य
मंत्रालय के बयान में स्पष्ट किया गया कि इस विस्तार के दो मुख्य उद्देश्य हैं — पहला, विदेशी नागरिकों की भारत में वैध यात्रा और प्रवास को सुगम बनाना; और दूसरा, आव्रजन कानूनों तथा सुरक्षा आवश्यकताओं को प्रभावी ढंग से लागू करना। यह ऐसे समय में आया है जब भारत अंतरराष्ट्रीय पर्यटन और मेडिकल टूरिज्म के क्षेत्र में अपनी वैश्विक हिस्सेदारी बढ़ाने की कोशिश कर रहा है।
आगे की राह
शेष राज्यों की राजधानियों में FRRO स्थापित करने की प्रक्रिया 2027 तक पूरी करने का लक्ष्य है। यह कदम न केवल विदेशी नागरिकों के लिए प्रशासनिक सुविधा बढ़ाएगा, बल्कि स्थानीय पुलिस और राज्य सरकारों पर रजिस्ट्रेशन और अनुपालन का बोझ भी कम करेगा।