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गृह मंत्रालय का FRRO विस्तार: 2027 तक सभी राज्यों की राजधानियों में कार्यालय, अब देशभर में 20 केंद्र

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गृह मंत्रालय का FRRO विस्तार: 2027 तक सभी राज्यों की राजधानियों में कार्यालय, अब देशभर में 20 केंद्र

सारांश

गृह मंत्री अमित शाह के निर्देश पर FRRO नेटवर्क का तेज़ विस्तार हो रहा है — 2025-26 में आइजोल, अमरावती, कोहिमा, अगरतला और भुवनेश्वर समेत 8 नए कार्यालय जुड़े, कुल संख्या 20 पहुँची। 2027 तक हर राज्य राजधानी को यह सुविधा मिलेगी।

मुख्य बातें

गृह मंत्री अमित शाह के निर्देश पर 2027 तक सभी राज्यों की राजधानियों में FRRO कार्यालय स्थापित करने का लक्ष्य।
2025 में जयपुर, चंडीगढ़ और गुवाहाटी में तीन नए FRRO खोले गए।
2026 में आइजोल (मिजोरम) और अमरावती (आंध्र प्रदेश) में दो नए कार्यालय स्थापित।
हाल ही में कोहिमा, अगरतला और भुवनेश्वर के FRRO की अधिसूचना जारी।
देशभर में FRRO कार्यालयों की कुल संख्या अब 20 हो गई है।
FRRO विस्तार का उद्देश्य वैध विदेशी प्रवास को सुगम बनाना और आव्रजन कानूनों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना।

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 2 नवंबर 2026 को घोषणा की कि विदेशी नागरिकों के प्रबंधन को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से फॉरेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस (FRRO) नेटवर्क का व्यापक विस्तार किया जा रहा है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के निर्देश पर 2027 तक सभी राज्यों की राजधानियों में एक-एक FRRO कार्यालय स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। इस प्रक्रिया के तहत देश में FRRO कार्यालयों की कुल संख्या अब बढ़कर 20 हो गई है।

मुख्य घटनाक्रम

गृह मंत्रालय द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, पर्यटन, चिकित्सा और शिक्षा के उद्देश्यों से भारत आने वाले विदेशी नागरिकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इस बढ़ती माँग को देखते हुए सभी राज्यों में FRRO की उपस्थिति अनिवार्य मानी गई। मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि इससे सेवाओं तक पहुँच सुनिश्चित होगी, नियमों का पालन बेहतर होगा और भारत एक आकर्षक गंतव्य के रूप में और मजबूती से उभरेगा।

चरणबद्ध विस्तार: क्या हुआ और कब

2025 में सबसे पहले तीन नए FRRO कार्यालय — जयपुर (राजस्थान), चंडीगढ़ और गुवाहाटी (असम) — स्थापित किए गए। इससे पहले ये क्षेत्र क्रमशः दिल्ली, अमृतसर और कोलकाता FRRO के अधिकार क्षेत्र में आते थे।

इसी वर्ष 2026 में दो और राजधानियों — आइजोल (मिजोरम) और अमरावती (आंध्र प्रदेश) — में नए कार्यालय खोले गए। आइजोल पहले कोलकाता FRRO के अंतर्गत था, जबकि अमरावती हैदराबाद FRRO के अधिकार क्षेत्र में आता था।

हाल ही में कोहिमा (नागालैंड), अगरतला (त्रिपुरा) और भुवनेश्वर (ओडिशा) में तीन नए FRRO कार्यालयों की अधिसूचना जारी की गई है। इससे पहले कोहिमा और अगरतला कोलकाता FRRO के, तथा भुवनेश्वर हैदराबाद FRRO के क्षेत्राधिकार में थे।

देशभर में FRRO कार्यालयों की स्थिति

अब देश में कुल 20 FRRO कार्यालय कार्यरत हैं। ये कार्यालय अहमदाबाद, अमरावती, अमृतसर, आइजोल, अगरतला, बेंगलुरु, भुवनेश्वर, कालीकट, चेन्नई, कोचीन, चंडीगढ़, दिल्ली, गुवाहाटी, हैदराबाद, कोलकाता, कोहिमा, कोझिकोड, लखनऊ, मुंबई और तिरुवनंतपुरम में स्थित हैं। गौरतलब है कि यह नेटवर्क देश के उत्तर-पूर्वी और दक्षिणी राज्यों तक अब पहली बार प्रत्यक्ष रूप से पहुँचा है।

विस्तार का दोहरा उद्देश्य

मंत्रालय के बयान में स्पष्ट किया गया कि इस विस्तार के दो मुख्य उद्देश्य हैं — पहला, विदेशी नागरिकों की भारत में वैध यात्रा और प्रवास को सुगम बनाना; और दूसरा, आव्रजन कानूनों तथा सुरक्षा आवश्यकताओं को प्रभावी ढंग से लागू करना। यह ऐसे समय में आया है जब भारत अंतरराष्ट्रीय पर्यटन और मेडिकल टूरिज्म के क्षेत्र में अपनी वैश्विक हिस्सेदारी बढ़ाने की कोशिश कर रहा है।

आगे की राह

शेष राज्यों की राजधानियों में FRRO स्थापित करने की प्रक्रिया 2027 तक पूरी करने का लक्ष्य है। यह कदम न केवल विदेशी नागरिकों के लिए प्रशासनिक सुविधा बढ़ाएगा, बल्कि स्थानीय पुलिस और राज्य सरकारों पर रजिस्ट्रेशन और अनुपालन का बोझ भी कम करेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसके दो पहलू हैं जिन पर ध्यान देना ज़रूरी है। एक ओर, उत्तर-पूर्वी राज्यों जैसे नागालैंड, मिजोरम और त्रिपुरा में स्थानीय FRRO की स्थापना वहाँ के विदेशी नागरिकों — खासकर म्यांमार सीमा से जुड़े क्षेत्रों में — के प्रबंधन में वास्तविक बदलाव ला सकती है। दूसरी ओर, कार्यालय खोलना और उन्हें पर्याप्त जनशक्ति, तकनीकी अवसंरचना व अधिकारों से लैस करना दो अलग बातें हैं। 2027 की समयसीमा महत्वाकांक्षी है — असली परीक्षा क्रियान्वयन की गति और गुणवत्ता होगी, न केवल कार्यालयों की गिनती।
RashtraPress
3 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

FRRO क्या होता है और इसका काम क्या है?
FRRO यानी फॉरेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस वह सरकारी कार्यालय है जो भारत में रहने वाले विदेशी नागरिकों का पंजीकरण, वीज़ा विस्तार और आव्रजन संबंधी अनुपालन सुनिश्चित करता है। यह गृह मंत्रालय के अंतर्गत काम करता है और विदेशियों की वैध उपस्थिति की निगरानी रखता है।
अभी देश में कितने FRRO कार्यालय हैं और कहाँ-कहाँ हैं?
2 नवंबर 2026 तक देश में कुल 20 FRRO कार्यालय हैं। ये अहमदाबाद, अमरावती, अमृतसर, आइजोल, अगरतला, बेंगलुरु, भुवनेश्वर, कालीकट, चेन्नई, कोचीन, चंडीगढ़, दिल्ली, गुवाहाटी, हैदराबाद, कोलकाता, कोहिमा, कोझिकोड, लखनऊ, मुंबई और तिरुवनंतपुरम में स्थित हैं।
2027 तक FRRO विस्तार से क्या बदलेगा?
गृह मंत्री अमित शाह के निर्देश के अनुसार, 2027 तक सभी राज्यों की राजधानियों में FRRO कार्यालय होंगे। इससे विदेशी नागरिकों को पंजीकरण और वीज़ा सेवाओं के लिए दूर-दराज़ के मुख्य शहरों तक नहीं जाना पड़ेगा, और स्थानीय स्तर पर अनुपालन बेहतर होगा।
2025 और 2026 में कौन से नए FRRO खोले गए?
2025 में जयपुर, चंडीगढ़ और गुवाहाटी में तीन नए FRRO स्थापित हुए। 2026 में आइजोल (मिजोरम) और अमरावती (आंध्र प्रदेश) में दो नए कार्यालय खुले। इसके अलावा कोहिमा (नागालैंड), अगरतला (त्रिपुरा) और भुवनेश्वर (ओडिशा) के लिए हाल ही में अधिसूचना जारी की गई है।
FRRO विस्तार से आम विदेशी यात्री और पर्यटकों को क्या फायदा होगा?
पहले कई राज्यों के विदेशी नागरिकों को पंजीकरण के लिए दिल्ली, कोलकाता या हैदराबाद जैसे दूर के शहरों में जाना पड़ता था। अब अपने राज्य की राजधानी में FRRO उपलब्ध होने से पर्यटन, चिकित्सा और शिक्षा के उद्देश्य से आने वाले विदेशियों को सेवाएँ सुगमता से मिलेंगी।
राष्ट्र प्रेस
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