जापोरिजिया में रूसी हमले से 18 मौतें, मानवीय सहायता केंद्र और स्कूल को बनाया निशाना
सारांश
मुख्य बातें
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने 2 नवंबर 2026 को बताया कि जापोरिजिया ओब्लास्ट के कोमिशुवाखा गांव में रूसी सेना ने एक मानवीय सहायता केंद्र पर भीषण हवाई हमला किया, जिसमें कम से कम 18 लोगों की मौत हो गई और 5 अन्य घायल हुए। हमले में उस स्कूल को निशाना बनाया गया जहाँ नागरिकों को राहत सामग्री वितरित की जा रही थी।
हमले का विवरण
जेलेंस्की के अनुसार, सुबह से ही कोमिशुवाखा गांव पर कई हवाई हमले किए गए। पहले हमले में स्कूल पर बम गिराए गए, जो उस समय मानवीय सहायता वितरण केंद्र के रूप में काम कर रहा था। इसके बाद रूसी सेना ने दूसरी बार हमला किया, जिसमें नौ और बम गिराए गए — इस बार खासतौर पर उस शरणस्थल (शेल्टर) को निशाना बनाया गया जहाँ नागरिक शरण लिए हुए थे।
जेलेंस्की ने कहा, 'रूस ने जापोरिजिया ओब्लास्ट के कोमिशुवाखा गांव पर बेहद भयानक हमला किया। बम उस स्कूल पर गिराए गए, जिसका इस्तेमाल लोगों की मदद के लिए किया जा रहा था। वहीं लोगों को मानवीय सहायता बांटी जा रही थी।'
बचाव अभियान की स्थिति
जेलेंस्की ने बताया कि मौके पर बचाव अभियान जारी है और मलबे में फंसे लोगों की तलाश की जा रही है। सेना, बचावकर्मी और विशेष सेवाएं लगातार काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि 'स्थिति बहुत कठिन है।' यह ऐसे समय में आया है जब जापोरिजिया क्षेत्र में पहले से ही रूसी हमलों की आवृत्ति बढ़ी हुई है।
जेलेंस्की का रूस पर आरोप
राष्ट्रपति जेलेंस्की ने स्पष्ट रूप से कहा कि रूस को इस बात की जानकारी अवश्य थी कि कोमिशुवाखा में हर हफ्ते मानवीय सहायता वितरण होता है। उन्होंने इसे शांति की दिशा में रूस की इच्छाशक्ति के अभाव का प्रमाण बताया। जेलेंस्की ने कहा कि ओलेश्की में हुए मानवीय अभियान के बाद एक अवसर था, लेकिन इस हत्याकांड से रूस ने विपरीत संदेश दिया है।
अंतरराष्ट्रीय जवाब की माँग
जेलेंस्की ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से कड़ी और ठोस प्रतिक्रिया की अपील की। उन्होंने कहा कि 'रूस को जवाब और यूक्रेन के लिए समर्थन — दोनों जरूरी हैं। हमें लोगों की जान की रक्षा करनी होगी।' गौरतलब है कि यह रूस-यूक्रेन संघर्ष में नागरिक राहत केंद्रों पर हुए हमलों की एक लंबी श्रृंखला में नवीनतम घटना है। आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय दबाव और राजनयिक प्रतिक्रियाओं पर सभी की नज़रें टिकी रहेंगी।