29 सितंबर 2026
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रूसी बमबारी से कीव से ओडेसा तक तबाही, बिजली-स्कूल-जहाज निशाने पर; जेलेंस्की ने माँगी अंतरराष्ट्रीय मदद

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रूसी बमबारी से कीव से ओडेसा तक तबाही, बिजली-स्कूल-जहाज निशाने पर; जेलेंस्की ने माँगी अंतरराष्ट्रीय मदद

सारांश

रूस ने सोमवार रात यूक्रेन के कीव से ओडेसा तक कई शहरों पर बमबारी की — रेलवे डिपो, स्कूल, बिजली सब-स्टेशन और विदेशी जहाज़ तक निशाने पर आए। राष्ट्रपति जेलेंस्की ने अमेरिका, नॉर्वे, फ्रांस और जर्मनी का आभार जताते हुए और सहायता की माँग की।

मुख्य बातें

रूस ने सोमवार रात कीव , ओडेसा , खार्कीव , निप्रो समेत 9 क्षेत्रों पर हमले किए।
कीव-पासाजिरस्की रेलवे स्टेशन का डिपो, डेटा सेंटर, रिहायशी इमारतें क्षतिग्रस्त हुईं।
ओडेसा में एक स्कूल, एक हॉस्टल और दो विदेशी जहाज़ निशाने पर आए।
कई बैलिस्टिक मिसाइलों को हवा में ही नाकाम किया गया।
जेलेंस्की ने अमेरिका , नॉर्वे , फ्रांस और जर्मनी को NASAMS और मिसाइल सहायता के लिए धन्यवाद दिया।
यूक्रेनी रक्षा मंत्रालय ने पश्चिमी देशों से निरंतर सहायता पैकेज जारी रखने की अपील की।

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने 29 सितंबर 2026 को पुष्टि की कि रूस की ओर से कीव, ओडेसा समेत देश के कई प्रमुख शहरों पर बमबारी लगातार जारी है, जिसमें बिजली सुविधाओं, स्कूलों, हॉस्टलों और रिहायशी इमारतों को भारी नुकसान पहुँचा है। जेलेंस्की ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए कहा कि ये हमले दिन-रात नागरिकों और नागरिक ठिकानों को निशाना बनाकर किए जा रहे हैं और क्षति की मरम्मत का काम लगभग बिना रुके जारी है।

मुख्य घटनाक्रम

जेलेंस्की ने बताया कि सोमवार रात किए गए रूसी हमलों में कीव स्थित 'कीव-पासाजिरस्की' रेलवे स्टेशन के डिपो, डेटा और बिज़नेस सेंटरों तथा रिहायशी इमारतों को नुकसान पहुँचा। ओडेसा क्षेत्र में एक स्कूल, एक हॉस्टल और दो विदेशी जहाज़ों को भी क्षति पहुँचाई गई।

इसके अलावा निप्रो, खार्कीव, सुमी, डोनेट्स्क, जापोरिज्जिया, जाइटॉमिर, वोलिन और रिव्ने इलाके भी रूसी हमलों की ज़द में आए। बिजली सब-स्टेशनों, औद्योगिक ढाँचे और आवासीय क्षेत्रों को नुकसान पहुँचाने की सूचना है।

वायु रक्षा की भूमिका

राष्ट्रपति जेलेंस्की ने बताया कि कई हमलों को — जिनमें बैलिस्टिक मिसाइलें भी शामिल थीं — हवा में ही नाकाम कर दिया गया। उन्होंने नासाम्स (NASAMS) एयर डिफेंस सिस्टम और उससे संबंधित मिसाइल पैकेज उपलब्ध कराने के लिए अमेरिका और नॉर्वे का आभार व्यक्त किया। साथ ही फ्रांस और जर्मनी को भी विशेष रूप से मिसाइल सहायता पैकेज देने के लिए धन्यवाद दिया।

गौरतलब है कि यूक्रेन की वायु रक्षा प्रणाली पिछले कई महीनों से रूसी ड्रोन और मिसाइल हमलों की बढ़ती आवृत्ति के सामने दबाव में है, और पश्चिमी देशों से मिलने वाली आपूर्ति इसकी प्रभावशीलता में निर्णायक भूमिका निभाती रही है।

जेलेंस्की की अंतरराष्ट्रीय अपील

जेलेंस्की ने कहा, 'रूस की ओर से हर दिन बढ़ते हमलों के बीच यह ज़रूरी है कि लोगों की जान बचाने के लिए लगातार मदद मिलती रहे और इस तरह के सहायता पैकेज आते रहें।' उन्होंने मदद करने वाले सभी भागीदार देशों का धन्यवाद किया।

यूक्रेनी रक्षा मंत्रालय ने भी कहा कि रूस की तरफ से रोज़ाना बढ़ते तनाव को देखते हुए जनहानि रोकने के प्रयासों को निरंतर समर्थन मिलना ज़रूरी है। यह ऐसे समय में आया है जब यूक्रेन युद्ध के तीसरे वर्ष में प्रवेश कर चुका है और पश्चिमी सहायता की गति पर राजनीतिक दबाव बढ़ रहा है।

आम जनता पर असर

बिजली सुविधाओं और सब-स्टेशनों पर हमलों से लाखों नागरिकों की बिजली आपूर्ति बाधित होने की आशंका है, खासकर सर्दियों की दहलीज़ पर। स्कूलों और हॉस्टलों पर हमलों ने एक बार फिर नागरिक सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

ओडेसा में विदेशी जहाज़ों को नुकसान पहुँचना काला सागर के व्यापारिक मार्गों के लिए एक और चेतावनी है, जो पहले से ही संघर्ष के कारण अनिश्चितता में हैं।

क्या होगा आगे

यूक्रेन के अनुरोध पर पश्चिमी देशों से अतिरिक्त वायु रक्षा सहायता मिलने की संभावना है। जेलेंस्की की यह अपील आने वाले हफ्तों में नाटो और जी-7 देशों के साथ रक्षा आपूर्ति वार्ताओं को और गति दे सकती है। युद्ध के मैदान में स्थिति तेज़ी से बदल रही है और आने वाले दिनों में दोनों पक्षों की ओर से और कार्रवाइयाँ होने की आशंका बनी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसकी अनदेखी खतरनाक होगी।
RashtraPress
29 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रूस ने यूक्रेन के किन-किन शहरों पर हमले किए?
सोमवार रात रूस ने कीव, ओडेसा, निप्रो, खार्कीव, सुमी, डोनेट्स्क, जापोरिज्जिया, जाइटॉमिर, वोलिन और रिव्ने इलाकों पर हमले किए। इन हमलों में बिजली सुविधाओं, सब-स्टेशनों, रिहायशी इमारतों और नागरिक ढाँचे को नुकसान पहुँचा।
ओडेसा में क्या-क्या निशाना बनाया गया?
ओडेसा क्षेत्र में एक स्कूल, एक हॉस्टल और दो विदेशी जहाज़ों को नुकसान पहुँचाया गया। विदेशी जहाज़ों पर हमले ने काला सागर के व्यापारिक मार्गों को लेकर फिर से चिंताएँ बढ़ा दी हैं।
जेलेंस्की ने किन देशों से मदद माँगी और क्यों?
जेलेंस्की ने अमेरिका, नॉर्वे, फ्रांस और जर्मनी का NASAMS एयर डिफेंस सिस्टम और मिसाइल पैकेज देने के लिए आभार जताया और सभी भागीदार देशों से निरंतर सहायता जारी रखने की अपील की। रूस के रोज़ाना बढ़ते हमलों के बीच यूक्रेन की वायु रक्षा क्षमता बनाए रखना ज़रूरी हो गया है।
NASAMS एयर डिफेंस सिस्टम क्या है?
NASAMS (नेशनल एडवांस्ड सरफेस-टू-एयर मिसाइल सिस्टम) एक उन्नत जमीन-से-हवा में मार करने वाली वायु रक्षा प्रणाली है, जो अमेरिका और नॉर्वे द्वारा संयुक्त रूप से विकसित की गई है। यूक्रेन को यह प्रणाली पश्चिमी सहायता के तहत मिली है और यह रूसी मिसाइलों व ड्रोन को रोकने में अहम भूमिका निभा रही है।
यूक्रेन पर रूसी हमलों का नागरिकों पर क्या असर हो रहा है?
बिजली सुविधाओं और सब-स्टेशनों पर हमलों से लाखों नागरिकों की बिजली आपूर्ति बाधित होने की आशंका है, खासकर सर्दियों की आमद से पहले। स्कूलों और रिहायशी इमारतों पर हमलों से नागरिक सुरक्षा बुरी तरह प्रभावित हो रही है और मरम्मत का काम बिना रुके जारी रखना पड़ रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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