रूसी गाइडेड एरियल बमों से यूक्रेन के जापोरिजिया-पोल्टावा में तबाही, 5 मौतें और 26 घायल
सारांश
मुख्य बातें
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने 21 जून 2025 को एक्स पर पोस्ट कर बताया कि शनिवार रात रूस के गाइडेड एरियल बम हमलों में जापोरिजिया में 5 लोगों की मौत हो गई और 26 लोग घायल हुए। इसके अलावा पोल्टावा में गोलाबारी से 2 और लोगों की जान गई तथा 12 अन्य घायल हुए, जिनमें 6 बच्चे शामिल हैं।
हमलों का दायरा
जेलेंस्की के अनुसार रूसी हमले केवल जापोरिजिया और पोल्टावा तक सीमित नहीं रहे। डिनिप्रो, खार्किव, ओडेसा, सुमी, डोनेट्स्क, किरोवोहराद और रिव्ने क्षेत्रों पर भी हमले किए गए। उन्होंने बताया कि केवल इसी सप्ताह रूस ने यूक्रेन पर लगभग 2,200 अटैक ड्रोन, 1,800 से अधिक गाइडेड एरियल बम और 87 मिसाइलें दागीं। अग्रिम मोर्चे की बस्तियाँ और सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले नागरिक लगातार ड्रोन हमलों का निशाना बन रहे हैं।
जेलेंस्की की अंतरराष्ट्रीय अपील
यूक्रेनी राष्ट्रपति ने अंतरराष्ट्रीय सहयोगियों से एयर डिफेंस मिसाइलों की आपूर्ति तत्काल तेज करने की माँग की। उन्होंने कहा कि जी-7, यूरोपीय परिषद और यूडीसीजी की आगामी बैठकों से ठोस नतीजे निकलना ज़रूरी है ताकि यूक्रेन की रक्षा क्षमता को वास्तविक रूप से मज़बूत किया जा सके। जेलेंस्की ने साझेदार देशों की एकजुटता के प्रति आभार जताया, लेकिन स्पष्ट किया कि एकजुटता के साथ-साथ त्वरित कार्रवाई भी उतनी ही ज़रूरी है।
यूक्रेन का जवाबी हमला
जेलेंस्की ने बताया कि रूसी हमलों के जवाब में यूक्रेन ने भी बीती रात रूसी सेना की सैन्य लॉजिस्टिक्स, तेल उद्योग और एयर डिफेंस सिस्टम को निशाना बनाया। उन्होंने अपनी एक्स पोस्ट में लिखा, 'हमारी लंबी दूरी की कार्रवाई ने कब्जा करने वाली रूसी सेना की सैन्य लॉजिस्टिक्स, तेल उद्योग और एयर डिफेंस सिस्टम को निशाना बनाया। यह सब रूस की ओर से हमारे लोगों पर किए जा रहे क्रूर हमलों का उचित जवाब है।'
जेलेंस्की के अनुसार यूक्रेनी बलों ने क्रीमिया ब्रिज के दोनों ओर स्थित ठिकानों को निशाना बनाया — इनमें क्रास्नोदार क्षेत्र की समुद्री लॉजिस्टिक्स सुविधाएँ, केर्च में एक तेल भंडार केंद्र, तथा एस-400 एयर डिफेंस सिस्टम के 4 रडार स्टेशन और 2 पैंट्सिर सिस्टम शामिल थे। यह अभियान फ्रंटलाइन से लगभग 300 किलोमीटर दूर सफलतापूर्वक चलाया गया।
आगे की स्थिति
यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब रूस-यूक्रेन युद्ध में किसी भी स्थायी युद्धविराम की संभावना फिलहाल नज़र नहीं आ रही। गौरतलब है कि रूस हर सप्ताह हमलों की तीव्रता बढ़ाता जा रहा है, जबकि पश्चिमी देशों से हथियार आपूर्ति की रफ्तार यूक्रेन की माँग के अनुरूप नहीं रही है। जेलेंस्की ने स्पष्ट किया कि 'रूस केवल ताकत की भाषा समझता है' और यूक्रेन की दीर्घ-दूरी की क्षमता शांति स्थापित करने की दिशा में काम कर रही है।