बारानिका इलांगोवन ने एशियन गेम्स 2026 में पोल वॉल्ट ब्रॉन्ज जीता, पहली भारतीय बनीं
सारांश
मुख्य बातें
तमिलनाडु की एथलीट बारानिका इलांगोवन ने 25 सितंबर 2026 को नागोया में एशियन गेम्स 2026 के पोल वॉल्ट फाइनल में 4.15 मीटर की ऊँचाई पार कर ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया — और इसके साथ ही वह एशियन गेम्स पोल वॉल्ट स्पर्धा में पदक जीतने वाली पहली भारतीय एथलीट बन गईं। यह उपलब्धि भारतीय महिला ट्रैक एंड फील्ड के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ती है।
फाइनल में कैसा रहा प्रदर्शन
29 वर्षीय बारानिका ने फाइनल की शुरुआत आत्मविश्वास के साथ की, 3.85 मीटर और 4.00 मीटर की ऊँचाई पहले ही प्रयास में पार कर लीं। 4.15 मीटर की बाधा पार करने में उन्हें दो प्रयास लगे, जिसके बाद उन्होंने 4.25 मीटर पर तीन असफल प्रयास किए और प्रतियोगिता से बाहर हो गईं।
ब्रॉन्ज मेडल उन्होंने कजाकिस्तान की पोलिना इवानोवा के साथ साझा किया, जिन्होंने भी 4.15 मीटर की ऊँचाई पार की थी। दोनों का बेस्ट मार्क और सफल प्रयासों की संख्या समान होने के कारण काउंटबैक नियम के तहत भी अंतर नहीं किया जा सका, और दोनों को संयुक्त रूप से तीसरा स्थान दिया गया।
शानदार सीज़न का स्वर्णिम समापन
बारानिका के लिए यह पदक एक असाधारण सीज़न के समापन का प्रतीक है। उन्होंने 2026 में दो बार राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ा — पहले मार्च में 4.22 मीटर और फिर मई में भुवनेश्वर में 4.23 मीटर की ऊँचाई पार की। एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (AFI) उनके 4.23 मीटर के प्रयास को वर्तमान राष्ट्रीय रिकॉर्ड के रूप में मान्यता देता है।
वह 4.23 मीटर के अपने व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के साथ नागोया पहुँची थीं और अपनी ट्रेनिंग पार्टनर सिंधुश्री गणेश के साथ पूरे सत्र में कड़ी घरेलू प्रतिस्पर्धा में हिस्सा लेती रहीं।
संघर्ष से वापसी की कहानी
गौरतलब है कि तीन बार की राष्ट्रीय आउटडोर चैंपियन बारानिका को 2023 एशियन चैंपियनशिप में कोई वैध मार्क दर्ज नहीं हो पाया था। उस निराशाजनक अनुभव के बाद उन्होंने अपने खेल में उल्लेखनीय सुधार किया। बेंगलुरु में इंडियन ओपन जंप्स प्रतियोगिता जीतकर उन्होंने एशियन गेम्स के 4.10 मीटर के क्वालिफाइंग मानक को पार किया और राष्ट्रीय रिकॉर्ड-तोड़ प्रदर्शन के साथ नागोया का टिकट हासिल किया।
यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय महिला ट्रैक एंड फील्ड अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के लिए लगातार प्रयासरत है।
सिंधुश्री का अनुभव रहा निराशाजनक
बारानिका की साथी एथलीट और ट्रेनिंग पार्टनर सिंधुश्री गणेश फाइनल में कोई मान्य ऊँचाई दर्ज नहीं कर सकीं और बिना किसी रिकॉर्डेड मार्क के प्रतियोगिता से बाहर हो गईं। हालाँकि, पूरे सीज़न में दोनों के बीच की प्रतिस्पर्धा ने भारतीय महिला पोल वॉल्ट के समग्र स्तर को ऊँचा उठाने में अहम भूमिका निभाई।
बारानिका के इस ऐतिहासिक पदक के साथ भारत की नज़रें अब आगामी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं पर टिकी हैं, जहाँ वह अपने राष्ट्रीय रिकॉर्ड को और बेहतर करने की उम्मीद के साथ मैदान में उतरेंगी।