एशियन गेम्स 2026: एलावेनिल वालारिवन ने 10 मीटर एयर राइफल में जीता रजत, भारत का दूसरा पदक
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय निशानेबाज़ एलावेनिल वालारिवन ने 20 सितंबर 2026 को नागोया के ऐची प्रीफेक्चर जनरल शूटिंग गैलरी में महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल व्यक्तिगत स्पर्धा के फाइनल में 252.4 अंक के साथ रजत पदक जीता। जापान की हिनाता ताइची ने 253.0 अंक के एशियन गेम्स रिकॉर्ड स्कोर के साथ स्वर्ण पदक पर कब्ज़ा किया। एशियन गेम्स 2026 में यह भारत का दूसरा पदक है।
मुख्य घटनाक्रम
एलावेनिल ने फाइनल की शुरुआत अत्यंत मज़बूती से की। पहले पाँच शॉट के बाद उन्होंने 53.1 अंक हासिल किए और शुरुआती चरण में शीर्ष पर रहीं। एलिमिनेशन राउंड आरंभ होते ही उन्होंने अपनी बढ़त और पुख्ता कर ली तथा लगातार उच्च स्कोरिंग के दम पर घनी प्रतिस्पर्धा में सबसे आगे बनी रहीं।
स्वर्ण के लिए निर्णायक मुकाबला अंतिम दो शॉट तक खिंच गया। एलावेनिल अंतिम चरण में ताइची से महज़ 0.3 अंक आगे उतरी थीं। उन्होंने अपने अंतिम दो शॉट में क्रमशः 10.4 और 10.1 अंक स्कोर किए, जबकि ताइची ने 10.6 और 10.2 अंक हासिल कर बढ़त छीन ली। इस प्रकार जापानी निशानेबाज़ 253.0 अंक पर पहुँचकर स्वर्ण पदक जीतने में सफल रहीं।
टीम स्पर्धा में भी योगदान
एलावेनिल का यह व्यक्तिगत रजत एकमात्र उपलब्धि नहीं थी। इससे पहले उन्होंने टीम स्पर्धा में भी भारत को रजत पदक दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी। उल्लेखनीय है कि एक घंटे से भी कम समय के भीतर उन्होंने दो रजत पदक अपने नाम किए — यह प्रदर्शन उन्हें इन एशियन गेम्स में शूटिंग स्पर्धाओं में भारत के सबसे प्रभावशाली खिलाड़ियों में शामिल करता है।
भारतीय निशानेबाज़ सोनम उत्तम मस्कर, जो टीम रजत जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा भी थीं, व्यक्तिगत फाइनल में पदक की दौड़ में बनी रहीं, लेकिन अंततः छठे स्थान पर रहीं।
आम जनता पर असर
यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय निशानेबाज़ी दुनिया के शीर्ष मंचों पर लगातार अपनी उपस्थिति दर्ज कराने की कोशिश में है। गौरतलब है कि एलावेनिल पहले भी विश्व कप स्तर पर अपना नाम चमका चुकी हैं और इस प्रदर्शन ने उनकी निरंतरता को एक बार फिर रेखांकित किया।
एशियन गेम्स 2026 में भारत के पदकों की संख्या अब 2 हो गई है, और निशानेबाज़ी इस बार भारतीय अभियान की मज़बूत कड़ी साबित हो रही है।
क्या होगा आगे
एशियन गेम्स 2026 अभी जारी हैं और भारतीय दल से अन्य स्पर्धाओं में भी पदक की उम्मीदें बरकरार हैं। एलावेनिल का यह दोहरा रजत पदक प्रदर्शन भारतीय निशानेबाज़ी को आगामी ओलंपिक चक्र के लिए एक सकारात्मक संदेश देता है।