सरिता विहार में डंपर ने रौंदा: चार की मौत, 'सेफ सिटी प्रोजेक्ट' के कर्मी भी शिकार, चालक फरार
सारांश
मुख्य बातें
दक्षिण दिल्ली के सरिता विहार में 20 सितंबर 2026 की तड़के 3:20 बजे एक तेज़ रफ़्तार डंपर ट्रक ने सड़क किनारे खड़ी क्रेन और ऑटो-रिक्शा को टक्कर मार दी, जिसमें कम से कम चार लोगों की मौत हो गई और तीन अन्य घायल हैं। दुर्घटनास्थल पर उस समय 'सेफ सिटी प्रोजेक्ट' के तहत सीसीटीवी कैमरे लगाने का काम चल रहा था। हादसे के बाद डंपर चालक मौके से फ़रार हो गया और पुलिस उसकी तलाश में जुटी है।
हादसे का घटनाक्रम
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, डंपर ट्रक उत्तर प्रदेश के नोएडा से दिल्ली की ओर आ रहा था। रात के अँधेरे में चालक ने सड़क किनारे खड़ी क्रेन और ऑटो-रिक्शा को नहीं देखा और उनसे जा टकराया। मृतक उमेश (23 वर्ष) के पिता रामदास ने बताया, 'दो लोग ऊपर और दो लोग नीचे थे, ये लोग कैमरे का काम कर रहे थे। इन लोगों ने डंपर के ड्राइवर को इशारा करके रोकने की कोशिश की, लेकिन उसने नहीं रोका। सभी लोग डंपर की जद में आ गए और घसीटते हुए चले गए। उमेश डंपर के दोनों पहियों के बीच में आ गया था। ड्राइवर नींद में डंपर चला रहा था।'
मृतक उमेश के भाई रतन सिंह ने कहा, 'तेज़ गति से आ रहे ट्रक ने बगल में खड़ी ऑटो समेत चार-पाँच लोगों को टक्कर मार दी। एक-दो लोगों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया और बाकी दो-तीन हॉस्पिटल में खत्म हो गए।'
मृतकों और घायलों की पहचान
अधिकारियों के अनुसार मृतकों की पहचान उमेश (23 वर्ष), प्रवीण (35 वर्ष) और सूरज (34 वर्ष) के तौर पर हुई है। सूरज 'सेफ सिटी प्रोजेक्ट' से जुड़ी कंपनी में एचआर मैनेजर पद पर कार्यरत थे। चौथे मृतक की पहचान की पुष्टि प्रक्रिया जारी है। घायलों में आकाश, अनूप और खेम सिंह का अस्पताल में उपचार चल रहा है, जबकि सुधीर नामक एक व्यक्ति इस हादसे में बाल-बाल बच गया।
परिवारों की पीड़ा और न्याय की माँग
मृतक उमेश के भाई रतन सिंह ने बताया कि उमेश के दो छोटे बच्चे हैं और परिवार संगम विहार में किराए के मकान में रहता था। उन्होंने ट्रक चालक को कड़ी सज़ा देने की माँग की। मृतकों के परिजन गहरे शोक में हैं और दुर्घटना के लिए जिम्मेदार चालक की गिरफ़्तारी की माँग कर रहे हैं।
जाँच और आगे की कार्रवाई
पुलिस ने बताया कि फ़रार डंपर चालक को पकड़ने के लिए तलाशी अभियान जारी है। यह ऐसे समय में आया है जब राजधानी में सड़क सुरक्षा को लेकर बहस तेज़ है — विडंबना यह है कि मृतक खुद शहर की निगरानी व्यवस्था को मज़बूत करने वाले 'सेफ सिटी प्रोजेक्ट' के कार्यकर्ता थे। घटना की आगे की जाँच संबंधित पुलिस थाने द्वारा की जा रही है।