बीकानेर सड़क हादसा: डंपर-कार टक्कर में 6 की मौत, 2 साल की तन्वी गंभीर — मुकाम दर्शन से लौट रहा था परिवार
सारांश
मुख्य बातें
बीकानेर (राजस्थान) के श्रीडूंगरगढ़ थाना क्षेत्र में सोमवार, 15 जून को दोपहर करीब 1:30 बजे एक भीषण सड़क दुर्घटना में छह लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 2 वर्षीय तन्वी गंभीर रूप से घायल हो गई। नेशनल हाईवे-11 पर होटल सिजरल के निकट एक डंपर ट्रक और हरियाणा नंबर की कार की आमने-सामने हुई टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार पूरी तरह चकनाचूर हो गई। पुलिस के अनुसार, मृतक सभी हरियाणा के फतेहाबाद जिले के निवासी थे और मुकाम धाम से दर्शन कर घर लौट रहे थे।
हादसे का विवरण
पुलिस के मुताबिक, डंपर श्रीडूंगरगढ़ से बीकानेर की ओर जा रहा था, जबकि कार विपरीत दिशा से हरियाणा की ओर आ रही थी। दोनों वाहनों की सीधी भिड़ंत के बाद कार पूरी तरह बिखर गई। स्थानीय लोगों और पुलिस ने तत्काल मौके पर पहुँचकर राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया और काफी मशक्कत के बाद कार में फंसे लोगों को बाहर निकाला।
मृतकों की पहचान
श्रीडूंगरगढ़ के सर्किल ऑफिसर निकेत पारीक ने बताया कि कार में कुल सात लोग सवार थे। हादसे में जान गंवाने वालों में ओमप्रकाश (50) पुत्र भागीरथ बिश्नोई, उनकी पत्नी सोरमा देवी (45), उनकी 3 वर्षीय बेटी प्रमिला, रोनित (4) पुत्र सुरेंद्र कुमार, यश्वी (10) पुत्री अमित, तथा खुशी (8) पुत्री संदीप शामिल हैं। सभी छह की मौके पर ही मौत हो गई।
घायल बच्ची की स्थिति
हादसे में तन्वी (2) पुत्री संदीप गंभीर रूप से घायल हुई। उसे पहले श्रीडूंगरगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) ले जाया गया, जहाँ प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर हालत को देखते हुए उसे बीकानेर के PBM अस्पताल स्थित ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया गया।
मुकाम धाम से लौट रहा था परिवार
अधिकारी निकेत पारीक ने बताया कि यह परिवार मुकाम धाम से दर्शन कर लौट रहा था। मुकाम, बिश्नोई समाज के संस्थापक गुरु जांभेश्वर महाराज की समाधि स्थल के रूप में प्रसिद्ध है और समुदाय के लिए अत्यंत श्रद्धा का केंद्र है। दर्शन की खुशी लेकर घर लौट रहे इस परिवार को रास्ते में इस दर्दनाक हादसे ने उजाड़ दिया।
जाँच और आगे की कार्रवाई
सभी छह मृतकों के शव पोस्टमार्टम के लिए श्रीडूंगरगढ़ CHC की मोर्चरी में भेजे गए हैं। पुलिस ने हादसे के कारणों की जाँच शुरू कर दी है और डंपर चालक सहित अन्य पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है। राजस्थान में राष्ट्रीय राजमार्गों पर भारी वाहनों से होने वाली दुर्घटनाओं की यह घटना एक बार फिर हाईवे सुरक्षा और ओवरस्पीडिंग के मुद्दे को सामने लाती है।