हैदराबाद ओआरआर हादसा: ट्रक से टकराई कार में एक परिवार के 6 की मौत, 2 बच्चे भी शामिल
सारांश
Key Takeaways
हैदराबाद के शमशाबाद क्षेत्र में आउटर रिंग रोड (ओआरआर) के एग्जिट-16 के पास शुक्रवार, 1 मई को एक भीषण सड़क दुर्घटना में एक ही परिवार के 6 सदस्यों की मौके पर मौत हो गई, जबकि एक महिला को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मृतकों में दो बच्चे और एक महिला भी शामिल हैं। पुलिस के अनुसार परिवार यदाद्रिगुट्टा मंदिर में दर्शन कर लौट रहा था, तभी यह दर्दनाक हादसा हुआ।
हादसे का घटनाक्रम
पुलिस के अनुसार, तेज़ रफ्तार वैगनआर कार सड़क किनारे खड़े एक ट्रक के पीछे जा टकराई। टक्कर इतनी ज़ोरदार थी कि कार ट्रक के नीचे बुरी तरह फंस गई और पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। कार में सवार 6 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। प्रारंभिक जाँच में आशंका जताई जा रही है कि कार चालक को झपकी आने के कारण यह दुर्घटना हुई।
बचाव अभियान में आई चुनौतियाँ
राहगीरों से सूचना मिलने के बाद पुलिस और बचाव दल मौके पर पहुँचे। क्षतिग्रस्त वाहन में फंसे शवों को निकालने के लिए बचाव दल को काफी मशक्कत करनी पड़ी और ट्रक के नीचे दबी कार को बाहर निकालने के लिए क्रेन की सहायता लेनी पड़ी। मौके पर मौजूद एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि उन्होंने मदद के लिए चीख रही एक महिला को कार से बाहर निकाला, जिसे बाद में एंबुलेंस से अस्पताल भेजा गया।
पुलिस की प्रतिक्रिया और जाँच
चेवेल्ला के पुलिस उपायुक्त योगेश गौतम समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर पहुँचे। पुलिस ने सभी 6 शवों को पोस्टमार्टम के लिए सरकारी उस्मानिया जनरल अस्पताल भेज दिया है और मामला दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है। घायल महिला को नज़दीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।
मृतकों का परिचय
बताया जा रहा है कि मृतक तेलंगाना के राजन्ना सिरसिल्ला ज़िले के मूल निवासी थे और हैदराबाद के सनतनगर क्षेत्र में रहते थे। परिवार यदाद्रिगुट्टा मंदिर में धार्मिक दर्शन कर वापस लौट रहा था। यह हादसा उस वक्त हुआ जब परिवार के सदस्य आस्था की यात्रा से घर लौट रहे थे।
ओआरआर पर बढ़ती दुर्घटनाएँ: एक गंभीर चिंता
गौरतलब है कि 158 किलोमीटर लंबा आउटर रिंग रोड पिछले कुछ वर्षों से लगातार घातक हादसों के लिए चर्चा में रहा है। पिछले 5 वर्षों में इस मार्ग पर 375 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। यह ऐसे समय में आया है जब सड़क सुरक्षा विशेषज्ञ इस मार्ग पर रात्रि गश्त और तेज़ रफ्तार पर अंकुश लगाने की माँग करते रहे हैं। इस दुर्घटना के बाद ओआरआर पर सुरक्षा उपायों को लेकर एक बार फिर सवाल उठने शुरू हो गए हैं।