उन्नाव सड़क हादसा: मुंडन संस्कार से लौट रहे 6 लोगों की मौत, बोलेरो दो ट्रकों के बीच दबी
सारांश
Key Takeaways
- उन्नाव-रायबरेली मार्ग पर 29 अप्रैल को हुए हादसे में 6 लोगों की मौत, कई घायल।
- बोलेरो सवार लोग मुंडन संस्कार से मंदिर से वापस लौट रहे थे।
- ओवरटेक के दौरान बोलेरो दो ट्रकों के बीच फंसकर पूरी तरह पिचक गई।
- घायलों में महिलाएं और बच्चे शामिल, कुछ की हालत नाज़ुक बताई जा रही है।
- दोनों ट्रक चालक और सहायक मौके से फरार, पुलिस तलाश जारी।
- सभी शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेजे गए, मामले की जांच शुरू।
उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में बुधवार, 29 अप्रैल को एक दर्दनाक सड़क हादसे में छह लोगों की मौत हो गई, जब उन्नाव-रायबरेली मार्ग पर कीरतपुर गांव के निकट एक तेज रफ्तार बोलेरो दो ट्रकों के बीच बुरी तरह फंसकर चकनाचूर हो गई। पुलिस अधीक्षक जय प्रकाश सिंह के जनसंपर्क अधिकारी के अनुसार, गाड़ी में सवार लोग एक बच्चे के मुंडन संस्कार से मंदिर से वापस लौट रहे थे।
हादसे का घटनाक्रम
पुलिस के बयान के अनुसार, बोलेरो चालक ने ओवरटेक करने की कोशिश के दौरान आगे चल रहे एक ट्रक को टक्कर मार दी। इसी बीच पीछे से आ रहे एक अन्य ट्रक ने भी ज़ोरदार धक्का दे दिया, जिससे बोलेरो दोनों ट्रकों के बीच बुरी तरह पिचक गई और उसमें सवार लोग अंदर ही फंस गए। हादसा इतना भीषण था कि वाहन की पहचान करना भी मुश्किल हो गया।
घायलों की स्थिति और राहत कार्य
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दुर्घटना के तुरंत बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई। स्थानीय ग्रामीणों और राहगीरों ने तत्काल राहत कार्य शुरू कर घायलों को मलबे से बाहर निकाला और जिला अस्पताल भिजवाया। घायलों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं, जिनमें से कुछ की हालत नाज़ुक बताई जा रही है।
पुलिस की कार्रवाई
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि हादसे के बाद दोनों ट्रकों के चालक और उनके सहायक मौके से फरार हो गए। उनकी तलाश जारी है। पुलिस ने सभी छह शवों को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और पूरे मामले की विधिवत जांच शुरू कर दी गई है।
आम जनता पर असर
यह हादसा ऐसे समय में हुआ है जब उत्तर प्रदेश की सड़कों पर ओवरस्पीडिंग और ओवरटेकिंग से होने वाले हादसों की संख्या लगातार चिंताजनक बनी हुई है। गौरतलब है कि उन्नाव-रायबरेली मार्ग पर पहले भी कई गंभीर दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। इस घटना ने एक बार फिर भारी वाहनों की बेलगाम रफ्तार और सड़क सुरक्षा के प्रति लापरवाही पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पीड़ित परिवारों को न्याय और घायलों को बेहतर उपचार दिलाने की माँग स्थानीय स्तर पर उठने लगी है।