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बाराबंकी सड़क हादसा: सोते परिवार को डंपर ने रौंदा, पिता समेत 3 बच्चों की मौत, पत्नी लखनऊ रेफर

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बाराबंकी सड़क हादसा: सोते परिवार को डंपर ने रौंदा, पिता समेत 3 बच्चों की मौत, पत्नी लखनऊ रेफर

सारांश

भीषण गर्मी में बिजली न होने के कारण सड़क किनारे सो रहे एक मज़दूर परिवार को रात दो बजे तेज़ रफ़्तार डंपर ने कुचल दिया। बाराबंकी के झांसा गाँव में हुई इस त्रासदी में पिता और तीन मासूम बच्चों की जान गई — यह हादसा सड़क सुरक्षा और गरीबी दोनों की दर्दनाक कहानी है।

मुख्य बातें

23 मई 2025 की रात करीब 2 बजे बाराबंकी के झांसा गाँव में डंपर ने सोते परिवार को रौंदा।
मृतकों में नीरज (35 वर्ष) , अनुराग (13 वर्ष) , अंशिका (10 वर्ष) और आशू (6 वर्ष) शामिल हैं।
नीरज और अनुराग की मौके पर ही मौत; अंशिका और आशू ने जिला अस्पताल में दम तोड़ा।
घायल पत्नी आरती को लोहिया अस्पताल, लखनऊ रेफर किया गया, हालत नाज़ुक।
परिवार भीषण गर्मी और बिजली कटौती के कारण सड़क किनारे सोने को मजबूर था।
फतेहपुर थाना पुलिस मामले की जाँच कर रही है; डंपर चालक पर कार्रवाई अभी लंबित।

उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में 23 मई 2025 की देर रात एक भीषण सड़क हादसे में एक ही परिवार के चार सदस्यों की जान चली गई — पिता और उसके तीन मासूम बच्चे। फतेहपुर थाना क्षेत्र के झांसा गाँव में फतेहपुर-महमूदाबाद मार्ग पर तेज़ रफ़्तार डंपर ने सड़क किनारे सो रहे इस परिवार को कुचल दिया। घायल पत्नी की हालत अभी भी नाज़ुक बनी हुई है।

हादसे का घटनाक्रम

पुलिस के अनुसार, रात करीब दो बजे 35 वर्षीय नीरज अपनी पत्नी आरती और तीन बच्चों के साथ घर के बाहर सड़क किनारे सो रहे थे। भीषण गर्मी और बिजली न आने के कारण परिवार खुले में सोने को मजबूर था। इसी दौरान एक तेज़ रफ़्तार डंपर पहले सड़क किनारे एक पेड़ से टकराया और फिर अनियंत्रित होकर सोते परिवार के ऊपर चढ़ गया।

हादसे के बाद गाँव में चीख-पुकार मच गई और मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलते ही पुलिस पहुँची और घायलों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुँचाया गया।

मृतक और घायल

हादसे में नीरज (35 वर्ष) और उनके 13 वर्षीय बेटे अनुराग की मौके पर ही मौत हो गई। गंभीर रूप से घायल 10 वर्षीय अंशिका और 6 वर्षीय आशू को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहाँ इलाज के दौरान दोनों बच्चों ने भी दम तोड़ दिया।

जिला अस्पताल के ईएमओ डॉ. आनंद ने बताया कि मरीज़ों को सुबह करीब 5:15 बजे एम्बुलेंस से अस्पताल लाया गया। दोनों बच्चों को गंभीर चोटों के साथ मृत अवस्था में लाया गया था। घायल पत्नी आरती के पैर में कुचलने से गंभीर चोट आई है और उन्हें लखनऊ के लोहिया अस्पताल रेफर किया गया है।

परिवार की पृष्ठभूमि

परिजनों के मुताबिक, नीरज किराए पर मैजिक वाहन चलाकर अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे। यह एक साधारण मज़दूर परिवार था, जो गर्मी की रात में बिजली न होने के कारण घर के बाहर सोने को विवश था — और यही उनकी जान की कीमत बन गई।

पुलिस और प्रशासन की प्रतिक्रिया

घटना की सूचना मिलते ही फतेहपुर थाना पुलिस मौके पर पहुँची। डंपर चालक के खिलाफ कार्रवाई और वाहन की जाँच के बारे में पुलिस की ओर से अभी आधिकारिक बयान आना बाकी है। यह हादसा उत्तर प्रदेश में सड़क सुरक्षा और रात के समय भारी वाहनों की निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

आगे क्या

गंभीर रूप से घायल आरती का लोहिया अस्पताल, लखनऊ में उपचार जारी है। पुलिस मामले की जाँच कर रही है। राज्य में सड़क हादसों की बढ़ती संख्या के बीच यह घटना एक बार फिर सड़क किनारे सोने की मजबूरी और भारी वाहनों की बेलगाम रफ़्तार की त्रासदी को सामने लाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बिजली कटौती और सड़क सुरक्षा की विफलता का घातक संगम है। एक मज़दूर परिवार जो रात को खुले में सोने को मजबूर था, उसे तेज़ रफ़्तार भारी वाहन ने लील लिया। उत्तर प्रदेश में रात के समय भारी वाहनों की निगरानी और ओवरस्पीडिंग पर अंकुश लगाने के दावे बार-बार किए जाते हैं, लेकिन झांसा गाँव की यह त्रासदी बताती है कि ज़मीनी हकीकत कितनी अलग है। जब तक गरीब परिवारों की सड़क किनारे सोने की मजबूरी और भारी वाहनों की बेलगाम रफ़्तार — दोनों को एक साथ नहीं संबोधित किया जाएगा, ऐसी खबरें आती रहेंगी।
RashtraPress
8 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बाराबंकी सड़क हादसे में कितने लोगों की मौत हुई?
इस हादसे में कुल चार लोगों की मौत हुई — 35 वर्षीय नीरज, उनके 13 वर्षीय बेटे अनुराग, 10 वर्षीय बेटी अंशिका और 6 वर्षीय बेटे आशू। पत्नी आरती गंभीर रूप से घायल हैं और लखनऊ के लोहिया अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है।
बाराबंकी में डंपर हादसा कब और कहाँ हुआ?
यह हादसा 23 मई 2025 की रात करीब दो बजे बाराबंकी जिले के फतेहपुर थाना क्षेत्र के झांसा गाँव में फतेहपुर-महमूदाबाद मार्ग पर हुआ। परिवार गर्मी और बिजली न होने के कारण सड़क किनारे सो रहा था।
हादसे में घायल आरती की हालत कैसी है?
आरती के पैर में डंपर से कुचलने की गंभीर चोट आई है। उन्हें पहले जिला अस्पताल और फिर लखनऊ के लोहिया अस्पताल रेफर किया गया है, जहाँ उनका उपचार जारी है और हालत नाज़ुक बताई जा रही है।
डंपर चालक के खिलाफ क्या कार्रवाई हुई?
फतेहपुर थाना पुलिस मामले की जाँच कर रही है। डंपर चालक के खिलाफ आधिकारिक कार्रवाई के बारे में अभी तक कोई पुष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।
परिवार सड़क किनारे क्यों सो रहा था?
परिजनों के अनुसार, भीषण गर्मी और बिजली न आने के कारण 35 वर्षीय नीरज अपनी पत्नी और तीन बच्चों के साथ घर के बाहर सड़क किनारे सोने को मजबूर थे। नीरज किराए पर मैजिक वाहन चलाकर परिवार का गुज़ारा करते थे।
राष्ट्र प्रेस
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