सीहोर में NH-46B पर भीषण सड़क हादसा: ट्रक की टक्कर से बच्चे समेत दो की मौत, कई घायल
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश के सीहोर जिले में नेशनल हाईवे-46बी के मिडघाट सेक्शन पर बुधवार तड़के लगभग 4 बजे हुए एक गंभीर सड़क हादसे में एक युवक और एक मासूम बच्चे की मौके पर ही मृत्यु हो गई। सड़क किनारे खड़े एक खराब डंपर में पीछे से आ रहे ट्रक के टकराने से यह दुर्घटना हुई, जिसमें कई अन्य लोग भी गंभीर रूप से घायल हो गए।
हादसे का घटनाक्रम
पुलिस के अनुसार, NH-46B के मिडघाट सेक्शन पर एक डंपर तकनीकी खराबी के कारण सड़क किनारे रुका हुआ था और उसका चालक वाहन को ठीक करने में लगा था। इसी दौरान पीछे से तेज़ रफ्तार में आ रहे एक अन्य ट्रक ने खड़े डंपर को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर की तीव्रता इतनी अधिक थी कि दो लोगों की मौके पर ही मृत्यु हो गई — जिनमें एक युवक और एक मासूम बच्चा शामिल हैं।
हादसे में कई अन्य लोग भी गंभीर रूप से घायल हुए, जिन्हें तत्काल चिकित्सा सहायता के लिए नज़दीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पुलिस की प्रतिक्रिया और जाँच
सूचना मिलते ही बुधनी पुलिस मौके पर पहुँची और घायलों को तत्काल रेस्क्यू कर अस्पताल पहुँचाया। एसडीओपी बुधनी रवि शर्मा ने हादसे की पुष्टि करते हुए बताया कि एक वाहन खराब होने के कारण सड़क किनारे खड़ा था और चालक उसे सुधार रहा था, तभी पीछे से आए दूसरे वाहन ने उसे जोरदार टक्कर मार दी। उन्होंने बताया कि इस दुखद हादसे में एक बच्चे समेत दो लोगों की मृत्यु हुई है। पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर लिया है और मामले की विस्तृत जाँच जारी है।
मध्य प्रदेश में सड़क हादसों का बढ़ता सिलसिला
यह हादसा ऐसे समय में सामने आया है जब मध्य प्रदेश के राजमार्गों पर दुर्घटनाओं की संख्या चिंताजनक बनी हुई है। इससे पहले उमरिया जिले के नेशनल हाईवे-43 पर भरौला गाँव के निकट एक तेज़ रफ्तार कार के सड़क किनारे खड़े ट्रक से टकराने से 3 वर्षीय बच्चे समेत 4 लोगों की मौत हो गई थी। उस हादसे में मृतकों में दो महिलाएँ, एक पुरुष और एक तीन वर्षीय बच्चा शामिल थे। वह कार अनूपपुर जिले से अमरकंटक की ओर जा रही थी।
गौरतलब है कि राज्य के राष्ट्रीय राजमार्गों पर रात्रि के समय खड़े वाहनों से टकराव की घटनाएँ बार-बार सामने आती रही हैं, जो सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं।
आम जनता और परिवारों पर असर
दोनों हादसों ने प्रभावित परिवारों को गहरे शोक में डुबो दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि राजमार्गों पर खराब वाहनों की उचित रिफ्लेक्टिव मार्किंग न होना और रात्रिकालीन गति नियंत्रण का अभाव इस प्रकार के हादसों का प्रमुख कारण बनता है।
आगे क्या
बुधनी पुलिस दुर्घटना के सटीक कारणों की जाँच कर रही है। घायलों की स्थिति की निगरानी जारी है। सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए राजमार्गों पर रात्रिकालीन गश्त और खराब वाहनों के लिए आपातकालीन प्रोटोकॉल को सख्ती से लागू करना आवश्यक है।