20 सितंबर 2026
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कोलकाता के जादवपुर में सीपीआई-एम दफ्तरों पर हमला, तृणमूल के पूर्व विधायक देबराब्रता मजूमदार के परिवार से मारपीट

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कोलकाता के जादवपुर में सीपीआई-एम दफ्तरों पर हमला, तृणमूल के पूर्व विधायक देबराब्रता मजूमदार के परिवार से मारपीट

सारांश

दक्षिण कोलकाता के जादवपुर में बाइक सवार बदमाशों ने सीपीआई(एम) के छह वार्डों के दफ्तरों पर हमला कर तोड़फोड़ की और तृणमूल के पूर्व विधायक मजूमदार के परिवार से मारपीट की। सीपीआई(एम) और तृणमूल दोनों ने BJP पर आरोप लगाया, पुलिस की देरी पर भी सवाल उठाए।

मुख्य बातें

20 सितंबर 2026 को दक्षिण कोलकाता के जादवपुर में बाइक सवार बदमाशों ने सीपीआई(एम) के 6 वार्डों के दफ्तरों पर हमला कर तोड़फोड़ की।
तृणमूल कांग्रेस के पूर्व विधायक देबराब्रता मजूमदार के घर और दफ्तर पर हमला, परिवार के सदस्यों से मारपीट।
कथित तौर पर 100 से अधिक लोग हमले में शामिल थे; पार्टी के झंडे उतारकर जमीन पर फेंके गए।
KMC वार्ड 96 में स्थित सीपीआई(एम) शहीद स्मारक को भी निशाना बनाया गया।
परिवार का आरोप — पुलिस सूचना देने के करीब एक घंटे बाद पहुँची।
BJP पर आरोप लगाए गए; पार्टी ने अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी।

दक्षिण कोलकाता के जादवपुर इलाके में 20 सितंबर 2026 को मोटरसाइकिल सवार बदमाशों के एक समूह ने भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) — सीपीआई(एम) के कई पार्टी कार्यालयों और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के पूर्व विधायक देबराब्रता मजूमदार के आवास व दफ्तर पर हमला कर तोड़फोड़ की। मजूमदार के परिवार के कुछ सदस्यों के साथ मारपीट की गई और उनके बड़े भाई को धक्का देकर जमीन पर गिरा दिया गया। पुलिस पर आरोप है कि सूचना देने के करीब एक घंटे बाद मौके पर पहुँची।

हमले का दायरा और प्रभावित इलाके

कोलकाता म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (KMC) के छह वार्डों — वार्ड संख्या 96, 99, 101, 102, 105 और 106 — में सीपीआई(एम) के दफ्तरों को निशाना बनाया गया। सीपीआई(एम) के एक नेता के अनुसार, हमलावरों ने पार्टी के झंडे उतारकर जमीन पर फेंक दिए और पार्टी कार्यालयों में तोड़फोड़ की।

सबसे अधिक तनाव वार्ड संख्या 96 में देखा गया, जहाँ पूर्व विधायक मजूमदार का आवास और पार्टी कार्यालय स्थित है। इस वार्ड में स्थित सीपीआई(एम) का शहीद स्मारक (मार्टियर्स अल्टर) भी कथित तौर पर हमले की चपेट में आया। वार्ड 101 और वार्ड 105 में भी अशांति फैली और मारपीट की खबरें हैं। इसके अलावा, तृणमूल कांग्रेस के पूर्व पार्षद तरुण मंडल के दफ्तर में भी तनावपूर्ण स्थिति बनी।

पूर्व विधायक मजूमदार का बयान

पूर्व विधायक और KMC के दीर्घकालिक पार्षद मजूमदार ने कहा, 'कम से कम 100 लोग आए और घर में तोड़फोड़ की। उन्होंने मेरे बड़े भाई को अपशब्द कहे। उन्हें धक्का दिया। मुझे भी अपशब्द कहे। मैंने अपने पूरे राजनीतिक करियर में ऐसा कभी नहीं देखा। वे सभी भाजपा समर्थक हैं।'

मजूमदार के परिवार ने कहा कि उन्होंने बार-बार पुलिस को फोन कर घटना की जानकारी दी, परंतु पुलिस करीब एक घंटे बाद मौके पर पहुँची। एक सीपीआई(एम) कार्यकर्ता ने भी आरोप लगाया, 'उन्होंने पार्टी के झंडे फाड़ दिए और हमें यहाँ न आने की धमकी दी। वे सभी भाजपा के हैं — पहले तृणमूल के साथ थे।'

राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप

इस घटना के बाद सीपीआई(एम) और तृणमूल कांग्रेस दोनों ने पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। दोनों पार्टियों ने हमले के लिए भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर आरोप लगाए हैं। हालाँकि, BJP ने अभी तक इन आरोपों पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है।

गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हिंसा की घटनाएँ लगातार राष्ट्रीय बहस का केंद्र बनती रही हैं। यह भी उल्लेखनीय है कि मजूमदार स्वयं तृणमूल कांग्रेस के पूर्व विधायक हैं, जो दर्शाता है कि यह हमला दलीय सीमाओं से परे कई पक्षों को प्रभावित कर रहा है।

हमले का विस्तार: नरेंद्रपुर तक

आरोप है कि यह बाइक गैंग केवल जादवपुर तक सीमित नहीं रहा, बल्कि दक्षिण 24 परगना जिले के नरेंद्रपुर में भी उपद्रव मचाया। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि इस समूह में कितने लोग शामिल थे और पुलिस ने किसी को हिरासत में लिया है या नहीं।

आगे क्या

पुलिस की देरी और हमलावरों की पहचान पर स्थिति अभी भी स्पष्ट नहीं है। सीपीआई(एम) और तृणमूल कांग्रेस दोनों के नेताओं ने पुलिस से कड़ी कार्रवाई की माँग की है। राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच यह देखना बाकी है कि राज्य सरकार और कोलकाता पुलिस इस पर क्या कदम उठाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन तरीका वही रहता है। उल्लेखनीय यह है कि इस बार निशाने पर तृणमूल का एक पूर्व विधायक भी है — जो यह दर्शाता है कि राजनीतिक ध्रुवीकरण अब पुराने गठजोड़ों को भी तोड़ रहा है। पुलिस की करीब एक घंटे की देरी — जो परिवार का दावा है — पर जवाबदेही तय होनी चाहिए, क्योंकि यदि यह सिद्ध होती है तो यह महज प्रशासनिक चूक नहीं, बल्कि संस्थागत पक्षपात का संकेत है। BJP ने अभी तक चुप्पी साधी है, जो खुद में एक राजनीतिक संदेश है।
RashtraPress
20 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कोलकाता के जादवपुर में क्या हुआ?
20 सितंबर 2026 को दक्षिण कोलकाता के जादवपुर इलाके में बाइक सवार बदमाशों ने सीपीआई(एम) के छह वार्डों के पार्टी कार्यालयों पर हमला कर तोड़फोड़ की। इसके साथ ही तृणमूल कांग्रेस के पूर्व विधायक देबराब्रता मजूमदार के घर और दफ्तर पर भी हमला हुआ और उनके परिवार के सदस्यों से मारपीट की गई।
देबराब्रता मजूमदार कौन हैं?
देबराब्रता मजूमदार तृणमूल कांग्रेस के पूर्व विधायक और KMC वार्ड नंबर 96 के दीर्घकालिक पार्षद हैं। वे दक्षिण कोलकाता के जादवपुर इलाके में सक्रिय राजनीतिज्ञ हैं।
हमले के लिए किसे जिम्मेदार ठहराया जा रहा है?
सीपीआई(एम) और तृणमूल कांग्रेस दोनों ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर आरोप लगाए हैं। मजूमदार ने कहा कि हमलावर भाजपा समर्थक हैं। हालाँकि, BJP ने अभी तक इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।
पुलिस की भूमिका पर सवाल क्यों उठ रहे हैं?
मजूमदार के परिवार का आरोप है कि उन्होंने बार-बार पुलिस को फोन कर घटना की सूचना दी, लेकिन पुलिस करीब एक घंटे बाद पहुँची। सीपीआई(एम) और तृणमूल कांग्रेस दोनों ने पुलिस की इस देरी पर सवाल उठाए हैं।
हमले का दायरा कितना बड़ा था?
KMC के छह वार्डों — 96, 99, 101, 102, 105 और 106 — में सीपीआई(एम) के दफ्तरों को नुकसान पहुँचाया गया। आरोप है कि बाइक गैंग ने जादवपुर के अलावा दक्षिण 24 परगना जिले के नरेंद्रपुर में भी उपद्रव मचाया।
राष्ट्र प्रेस
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