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हावड़ा के बाली में सीपीआई(एम) के 4 दफ्तरों में तोड़फोड़, भाजपा पर आरोप — पार्टी ने किया इनकार

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हावड़ा के बाली में सीपीआई(एम) के 4 दफ्तरों में तोड़फोड़, भाजपा पर आरोप — पार्टी ने किया इनकार

सारांश

हावड़ा के बाली में रात करीब 11 बजे मोटरसाइकिल सवार कथित हमलावरों ने सीपीआई(एम) के चार दफ्तरों में 45 मिनट तक तोड़फोड़ की। पार्टी ने BJP पर आरोप लगाया, BJP ने साफ इनकार किया। जलपाईगुड़ी में पहले की घटना के बाद यह दूसरा ऐसा मामला है।

मुख्य बातें

हावड़ा जिले के बाली इलाके में 16 सितंबर 2026 की रात सीपीआई(एम) के 4 पार्टी कार्यालयों में कथित तोड़फोड़।
कथित हमलावर रात 11 बजे मोटरसाइकिलों पर आए और लगभग 45 मिनट तक नुकसान पहुँचाते रहे।
जिला समिति सदस्य शंकर मैत्रा ने कहा — BJP के स्थानीय नेता हमले के पीछे थे; BJP नेता राजा गोस्वामी ने पूरी तरह इनकार किया।
घटना DYFI के पंचाननतला कार्यक्रम — जिसमें नेता दीप्सिता धर मौजूद थीं — के कुछ घंटों बाद हुई।
सीपीआई(एम) का आरोप है कि शिकायत के बावजूद पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।
कुछ दिन पहले जलपाईगुड़ी में भी सीपीआई(एम) के जिला कार्यालय पर कथित हमले की घटना हो चुकी है।

पश्चिम बंगाल के हावड़ा जिले के बाली इलाके में मंगलवार, 16 सितंबर 2026 की देर रात भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) यानी सीपीआई(एम) के कई पार्टी कार्यालयों में कथित तौर पर तोड़फोड़ की गई। सीपीआई(एम) ने इस हमले के लिए सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) को ज़िम्मेदार ठहराया है, जिसे BJP ने पूरी तरह नकार दिया है।

घटनाक्रम: रात 11 बजे बाइक पर आए, 45 मिनट तोड़फोड़ की

सीपीआई(एम) नेताओं के अनुसार, कथित हमलावर रात करीब 11 बजे मोटरसाइकिलों पर सवार होकर पहुँचे और लगभग 45 मिनट तक तोड़फोड़ करते रहे। निशाने पर पंचाननतला रोड स्थित देवांगाजी जोनल पार्टी कार्यालय और बेलूर स्टेशन रोड स्थित एक अन्य पार्टी दफ्तर समेत इलाके के कई अन्य कार्यालय थे।

जिला समिति के सदस्य शंकर मैत्रा ने आरोप लगाया, 'रात करीब 11 बजे स्थानीय BJP नेता बाइक पर आए और चार पार्टी कार्यालयों में तोड़फोड़ की। उन्होंने एक कार्यालय में ताला भी लगा दिया।' मैत्रा का यह भी कहना है कि पार्टी की शिकायत के बावजूद पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।

घटना से पहले का माहौल: डीवाईएफआई कार्यक्रम और बढ़ा तनाव

यह घटना सीपीआई(एम) के युवा संगठन डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया (DYFI) द्वारा बाली नहर के पास पंचाननतला में आयोजित एक कार्यक्रम के कुछ घंटों बाद हुई। उस कार्यक्रम में पार्टी नेता दीप्सिता धर समेत कई लोग उपस्थित थे। सीपीआई(एम) का कहना है कि कार्यक्रम के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया था, जिसके बाद देर रात हमले हुए।

BJP का इनकार: गणेश पूजा में थे, हमले से कोई संबंध नहीं

BJP ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। BJP नेता राजा गोस्वामी ने कहा, 'हम गणेश पूजा और खिचड़ी वितरण कार्यक्रम में व्यस्त थे। इसके बाद हावड़ा स्टेशन पर युवा मोर्चा के कार्यक्रम में गए थे। मुझे वामपंथी पार्टी के कार्यालयों पर हमले की जानकारी मीडिया से मिली — BJP का इससे कोई लेना-देना नहीं है।' इस मामले में अभी तक किसी की गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं हुई है।

पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएँ

गौरतलब है कि यह घटना कुछ ही दिन पहले उत्तर बंगाल के जलपाईगुड़ी में सीपीआई(एम) के एक कार्यालय में कथित तोड़फोड़ और आगजनी की घटना के बाद सामने आई है। उस मामले में भी पार्टी ने डीबीसी रोड स्थित अपने जिला कार्यालय पर BJP से जुड़े लोगों द्वारा हमले का आरोप लगाया था। यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ दल और वामपंथी दलों के बीच राजनीतिक संघर्ष लंबे समय से जारी है।

आगे क्या होगा

सीपीआई(एम) ने पुलिस की कथित निष्क्रियता पर आपत्ति जताई है और मामले की स्वतंत्र जाँच की माँग की है। विपक्षी दलों की पार्टी संपत्तियों को लक्षित करने की यह श्रृंखला राज्य में राजनीतिक हिंसा की व्यापक प्रवृत्ति की ओर इशारा करती है, जिस पर चुनाव आयोग और न्यायिक हलकों में भी सवाल उठते रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो एक पैटर्न की ओर संकेत करता है। विपक्षी दफ्तरों पर हमले और पुलिस की कथित निष्क्रियता — दोनों मिलकर बंगाल की राजनीतिक हिंसा की पुरानी समस्या को फिर उजागर करते हैं। आरोप-प्रत्यारोप का यह चक्र दशकों से चला आ रहा है — पहले TMC बनाम CPM, अब BJP बनाम CPM — और हर बार जवाबदेही के बजाय राजनीतिक बयानबाज़ी हावी हो जाती है। असली सवाल यह है कि पुलिस ने FIR के बावजूद कोई गिरफ्तारी क्यों नहीं की और क्या राज्य सरकार इस मामले में निष्पक्ष जाँच सुनिश्चित करेगी।
RashtraPress
16 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हावड़ा के बाली में सीपीआई(एम) दफ्तरों पर हमला कब और कैसे हुआ?
16 सितंबर 2026 की रात करीब 11 बजे मोटरसाइकिल सवार कुछ लोग बाली इलाके में पहुँचे और लगभग 45 मिनट तक सीपीआई(एम) के चार पार्टी कार्यालयों में तोड़फोड़ करते रहे। एक कार्यालय में ताला भी लगा दिया गया।
सीपीआई(एम) ने हमले का आरोप किस पर लगाया है?
सीपीआई(एम) ने हमले के लिए BJP को ज़िम्मेदार ठहराया है। जिला समिति सदस्य शंकर मैत्रा ने कहा कि स्थानीय BJP नेता बाइक पर आए और चार दफ्तरों में तोड़फोड़ की। हालांकि, BJP नेता राजा गोस्वामी ने इन आरोपों को पूरी तरह नकार दिया।
BJP ने इस मामले में क्या कहा?
BJP नेता राजा गोस्वामी ने कहा कि घटना के वक्त पार्टी के लोग गणेश पूजा, खिचड़ी वितरण और हावड़ा स्टेशन पर युवा मोर्चा के कार्यक्रम में व्यस्त थे। उन्होंने कहा कि हमले की जानकारी उन्हें मीडिया से मिली और BJP का इस घटना से कोई संबंध नहीं है।
क्या पश्चिम बंगाल में पहले भी सीपीआई(एम) के दफ्तरों पर हमले हुए हैं?
हाँ, कुछ ही दिन पहले उत्तर बंगाल के जलपाईगुड़ी में सीपीआई(एम) के डीबीसी रोड स्थित जिला कार्यालय पर कथित तोड़फोड़ और आगजनी की घटना हुई थी। उस मामले में भी पार्टी ने BJP से जुड़े लोगों पर आरोप लगाए थे।
इस घटना में पुलिस की क्या भूमिका रही?
सीपीआई(एम) का आरोप है कि पार्टी द्वारा शिकायत दर्ज कराए जाने के बावजूद पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। अब तक इस मामले में किसी की गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं हुई है।
राष्ट्र प्रेस
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