अभिषेक बनर्जी के दफ्तर पर हमला: महुआ मोइत्रा का भाजपा पर सुनियोजित तोड़फोड़ का आरोप, वीडियो सबूत पेश
सारांश
मुख्य बातें
तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सांसद महुआ मोइत्रा ने 3 सितंबर को कोलकाता में पत्रकारों से बातचीत में आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने सुनियोजित तरीके से TMC महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी के कार्यालय में तोड़फोड़ करवाई। उन्होंने दावा किया कि यह आरोप बेबुनियाद नहीं हैं, बल्कि वीडियो फुटेज के रूप में ठोस सबूत मौजूद हैं।
घटनाक्रम: सुबह चार बजे का हमला
मोइत्रा के अनुसार, यह पूरी घटना सुबह चार बजे की है। कथित हमलावरों ने दफ्तर में घुसने से पहले सुरक्षा गार्ड से मोबाइल फोन छीन लिया और लोहे की रॉड दिखाकर धमकी दी। इसके बाद कार्यालय में जमकर तोड़फोड़ की गई — दफ्तर में रखी हर चीज तोड़ दी गई।
उन्होंने बताया कि हमलावरों ने सीसीटीवी कैमरे तोड़ने की भी कोशिश की, लेकिन कुछ कैमरे सुरक्षित रह गए, जिनकी फुटेज अब सबूत के तौर पर उपलब्ध है। इसी फुटेज को पत्रकारों के सामने पेश किया गया।
दस्तावेज और उपकरण नष्ट
मोइत्रा ने आरोप लगाया कि हमलावरों ने कार्यालय में रखे महत्वपूर्ण दस्तावेज और कंप्यूटर जैसे अहम उपकरण भी नष्ट कर दिए। उनके अनुसार, यह सब कुछ पूर्व नियोजित रणनीति के तहत किया गया।
पुलिस की भूमिका पर सवाल
TMC सांसद ने पुलिस की भूमिका पर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि घटना के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं ने पुलिस को कई बार फोन किया, लेकिन एक भी कॉल का जवाब नहीं मिला। पुलिस सुबह छह बजे मौके पर पहुंची — घटना के दो घंटे बाद — जब तक सभी कथित हमलावर वहाँ से जा चुके थे।
मोइत्रा ने इसे 'पुलिस और BJP का संयुक्त अभियान' करार दिया। उन्होंने बताया कि TMC कार्यकर्ताओं ने छह संदिग्धों को पकड़ा, और बाद में पुलिस ने पूरे परिसर को सील कर दिया।
ममता बनर्जी और अन्य नेताओं को धमकी का दावा
मोइत्रा के अनुसार, हमलावरों ने खुलेआम कहा कि वे ममता बनर्जी को घर से नहीं निकलने देंगे। उन्होंने यह भी दावा किया कि TMC के अन्य नेताओं को भी डराया-धमकाया जा रहा है।
भाजपा के समिक भट्टाचार्य पर निशाना
मोइत्रा ने BJP प्रवक्ता समिक भट्टाचार्य पर भी आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि जब भट्टाचार्य के बेटे का नाम किसी आपराधिक गतिविधि में आता है, तो वे उसे अपना बेटा मानने से इनकार कर देते हैं।
इसके अलावा, उन्होंने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) और BJP के संबंध पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि एक ओर राज्य के मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी विश्वविद्यालयों में ABVP ही जीतेगी, दूसरी ओर भट्टाचार्य दावा करते हैं कि BJP की कोई छात्र इकाई नहीं है — यह विरोधाभास खुद BJP से पूछा जाना चाहिए।
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब पश्चिम बंगाल में TMC और BJP के बीच राजनीतिक तनाव अपने चरम पर है। आने वाले दिनों में पुलिस जाँच की दिशा और गिरफ्तारियाँ इस मामले का रुख तय करेंगी।