3 सितंबर 2026
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अभिषेक बनर्जी के दफ्तर पर हमला: महुआ मोइत्रा का भाजपा पर सुनियोजित तोड़फोड़ का आरोप, वीडियो सबूत पेश

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अभिषेक बनर्जी के दफ्तर पर हमला: महुआ मोइत्रा का भाजपा पर सुनियोजित तोड़फोड़ का आरोप, वीडियो सबूत पेश

सारांश

TMC सांसद महुआ मोइत्रा ने कोलकाता में अभिषेक बनर्जी के दफ्तर पर सुबह चार बजे हुई तोड़फोड़ के लिए BJP को जिम्मेदार ठहराया। CCTV फुटेज सबूत के तौर पर पेश; पुलिस पर दो घंटे देरी से पहुँचने का आरोप। छह संदिग्ध पकड़े गए, परिसर सील।

मुख्य बातें

TMC सांसद महुआ मोइत्रा ने 3 सितंबर को BJP पर अभिषेक बनर्जी के कोलकाता कार्यालय में सुनियोजित तोड़फोड़ का आरोप लगाया।
घटना सुबह चार बजे की बताई गई; हमलावरों ने सुरक्षा गार्ड से मोबाइल छीना और लोहे की रॉड से धमकाया।
कार्यालय में महत्वपूर्ण दस्तावेज, कंप्यूटर और उपकरण नष्ट किए गए; CCTV कैमरे तोड़ने की कोशिश हुई।
पुलिस पर आरोप — कई कॉल के बावजूद दो घंटे बाद पहुँची; तब तक सभी हमलावर फरार।
TMC कार्यकर्ताओं ने 6 संदिग्धों को पकड़ा; पुलिस ने परिसर सील किया।
मोइत्रा ने इसे 'पुलिस और BJP का संयुक्त अभियान' करार दिया।

तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सांसद महुआ मोइत्रा ने 3 सितंबर को कोलकाता में पत्रकारों से बातचीत में आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने सुनियोजित तरीके से TMC महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी के कार्यालय में तोड़फोड़ करवाई। उन्होंने दावा किया कि यह आरोप बेबुनियाद नहीं हैं, बल्कि वीडियो फुटेज के रूप में ठोस सबूत मौजूद हैं।

घटनाक्रम: सुबह चार बजे का हमला

मोइत्रा के अनुसार, यह पूरी घटना सुबह चार बजे की है। कथित हमलावरों ने दफ्तर में घुसने से पहले सुरक्षा गार्ड से मोबाइल फोन छीन लिया और लोहे की रॉड दिखाकर धमकी दी। इसके बाद कार्यालय में जमकर तोड़फोड़ की गई — दफ्तर में रखी हर चीज तोड़ दी गई।

उन्होंने बताया कि हमलावरों ने सीसीटीवी कैमरे तोड़ने की भी कोशिश की, लेकिन कुछ कैमरे सुरक्षित रह गए, जिनकी फुटेज अब सबूत के तौर पर उपलब्ध है। इसी फुटेज को पत्रकारों के सामने पेश किया गया।

दस्तावेज और उपकरण नष्ट

मोइत्रा ने आरोप लगाया कि हमलावरों ने कार्यालय में रखे महत्वपूर्ण दस्तावेज और कंप्यूटर जैसे अहम उपकरण भी नष्ट कर दिए। उनके अनुसार, यह सब कुछ पूर्व नियोजित रणनीति के तहत किया गया।

पुलिस की भूमिका पर सवाल

TMC सांसद ने पुलिस की भूमिका पर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि घटना के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं ने पुलिस को कई बार फोन किया, लेकिन एक भी कॉल का जवाब नहीं मिला। पुलिस सुबह छह बजे मौके पर पहुंची — घटना के दो घंटे बाद — जब तक सभी कथित हमलावर वहाँ से जा चुके थे।

मोइत्रा ने इसे 'पुलिस और BJP का संयुक्त अभियान' करार दिया। उन्होंने बताया कि TMC कार्यकर्ताओं ने छह संदिग्धों को पकड़ा, और बाद में पुलिस ने पूरे परिसर को सील कर दिया।

ममता बनर्जी और अन्य नेताओं को धमकी का दावा

मोइत्रा के अनुसार, हमलावरों ने खुलेआम कहा कि वे ममता बनर्जी को घर से नहीं निकलने देंगे। उन्होंने यह भी दावा किया कि TMC के अन्य नेताओं को भी डराया-धमकाया जा रहा है।

भाजपा के समिक भट्टाचार्य पर निशाना

मोइत्रा ने BJP प्रवक्ता समिक भट्टाचार्य पर भी आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि जब भट्टाचार्य के बेटे का नाम किसी आपराधिक गतिविधि में आता है, तो वे उसे अपना बेटा मानने से इनकार कर देते हैं।

इसके अलावा, उन्होंने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) और BJP के संबंध पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि एक ओर राज्य के मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी विश्वविद्यालयों में ABVP ही जीतेगी, दूसरी ओर भट्टाचार्य दावा करते हैं कि BJP की कोई छात्र इकाई नहीं है — यह विरोधाभास खुद BJP से पूछा जाना चाहिए।

यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब पश्चिम बंगाल में TMC और BJP के बीच राजनीतिक तनाव अपने चरम पर है। आने वाले दिनों में पुलिस जाँच की दिशा और गिरफ्तारियाँ इस मामले का रुख तय करेंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन अभी तक ये एकतरफा बयान हैं — BJP की आधिकारिक प्रतिक्रिया और स्वतंत्र पुलिस जाँच के बिना तस्वीर अधूरी है। पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हिंसा का इतिहास रहा है जिसमें दोनों पक्ष एक-दूसरे पर आरोप लगाते आए हैं, इसलिए CCTV फुटेज की न्यायिक जाँच ही असली कसौटी होगी। पुलिस की दो घंटे की देरी — चाहे लापरवाही हो या मिलीभगत — खुद में जाँच का विषय है। मुख्यधारा की कवरेज जो चूक रही है वह यह है कि इस घटना का समय और निशाना — TMC महासचिव का दफ्तर — संकेत देता है कि यह छिटपुट हिंसा नहीं, बल्कि संगठनात्मक दबाव की रणनीति हो सकती है।
RashtraPress
3 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महुआ मोइत्रा ने किस घटना पर BJP पर आरोप लगाए हैं?
TMC सांसद महुआ मोइत्रा ने आरोप लगाया है कि BJP ने 3 सितंबर की सुबह चार बजे कोलकाता में TMC महासचिव अभिषेक बनर्जी के कार्यालय में सुनियोजित तोड़फोड़ करवाई। उन्होंने दावे के समर्थन में CCTV फुटेज पेश की।
तोड़फोड़ में क्या-क्या नुकसान हुआ?
कथित हमलावरों ने कार्यालय में रखे महत्वपूर्ण दस्तावेज, कंप्यूटर और अन्य उपकरण नष्ट कर दिए। CCTV कैमरे तोड़ने की भी कोशिश की गई, लेकिन कुछ कैमरे सुरक्षित रहे जिनकी फुटेज सबूत के रूप में उपलब्ध है।
पुलिस की भूमिका पर क्या आरोप हैं?
मोइत्रा के अनुसार, TMC कार्यकर्ताओं ने घटना के दौरान पुलिस को कई बार फोन किया, लेकिन एक भी कॉल का जवाब नहीं मिला। पुलिस घटना के दो घंटे बाद सुबह छह बजे पहुँची, जब सभी कथित हमलावर जा चुके थे।
अब तक कितने संदिग्ध पकड़े गए हैं?
TMC कार्यकर्ताओं ने छह संदिग्धों को मौके पर पकड़ा। पुलिस ने बाद में पूरे परिसर को सील कर दिया है और मामले की जाँच जारी है।
ABVP और BJP के संबंध पर महुआ मोइत्रा ने क्या कहा?
मोइत्रा ने सवाल उठाया कि एक ओर राज्य के मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी विश्वविद्यालयों में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ही जीतेगी, दूसरी ओर BJP प्रवक्ता समिक भट्टाचार्य दावा करते हैं कि BJP की कोई छात्र इकाई नहीं है। उन्होंने इस विरोधाभास पर BJP से जवाब माँगा।
राष्ट्र प्रेस
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