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अभिषेक बनर्जी का आरोप: फायर ऑडिट की आड़ में TMC दफ्तर को निशाना बना रही है BJP सरकार

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अभिषेक बनर्जी का आरोप: फायर ऑडिट की आड़ में TMC दफ्तर को निशाना बना रही है BJP सरकार

सारांश

TMC सांसद अभिषेक बनर्जी ने BJP पर सीधा हमला बोला — फायर ऑडिट को राजनीतिक प्रतिशोध बताया और पूछा कि जब चुनाव से पहले 12,000 EVM जली थीं, तब यही जोश कहाँ था? साइनबोर्ड हटाने के तीन दिन बाद पार्टी दफ्तर में फायर डिपार्टमेंट भेजना, उनके अनुसार, महज संयोग नहीं है।

मुख्य बातें

अभिषेक बनर्जी ने 31 अगस्त को BJP सरकार पर फायर ऑडिट की आड़ में TMC दफ्तर को निशाना बनाने का आरोप लगाया।
तीन दिन पहले TMC का साइनबोर्ड कथित तौर पर गैर-कानूनी ढंग से हटाया गया था।
बनर्जी ने चुनाव से एक महीने पहले 12,000 चुनावी मशीनों ( 4,000 कंट्रोल यूनिट , 4,000 बैलेट यूनिट , 4,000 VVPAT ) के जलने का हवाला दिया।
उन्होंने BJP और चुनाव आयोग (ECI) पर कथित मिलीभगत का आरोप लगाया।
अलीपुर सरकारी दफ्तरों में समय पर ऑडिट न होने पर सवाल उठाए।

तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी ने 31 अगस्त को भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकारी तंत्र का इस्तेमाल विपक्षी दलों को दबाने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने कोलकाता स्थित अपने पार्टी कार्यालय में फायर डिपार्टमेंट भेजे जाने को राजनीतिक प्रतिशोध की कार्रवाई बताया।

मुख्य घटनाक्रम

अभिषेक बनर्जी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के ज़रिए बताया कि तीन दिन पहले उनकी पार्टी का साइनबोर्ड कथित तौर पर गैर-कानूनी ढंग से हटाया गया था। इसके बाद 31 अगस्त को फायर सेफ्टी ऑडिट के नाम पर फायर डिपार्टमेंट को पार्टी कार्यालय भेजा गया। बनर्जी ने लिखा, 'फायर सेफ्टी ऑडिट करने के लिए हमारे पार्टी ऑफिस में फायर डिपार्टमेंट को भेजा गया है और जाहिर है, साथ में कैमरे, पब्लिसिटी स्टंट और मीडिया का वही पुराना तमाशा भी है।'

EVM आग का हवाला — सवाल उठाए

अभिषेक बनर्जी ने प्रशासनिक सक्रियता पर सवाल उठाते हुए एक पुरानी घटना का ज़िक्र किया। उनके अनुसार, चुनाव से महज एक महीने पहले एक रहस्यमयी आग में 4,000 कंट्रोल यूनिट, 4,000 बैलेट यूनिट और 4,000 VVPAT — कुल 12,000 चुनावी मशीनें — जलकर नष्ट हो गई थीं। उन्होंने सवाल किया कि उस समय फायर सेफ्टी को लेकर न कोई ऑडिट हुआ, न कोई चिंता जताई गई।

बनर्जी ने लिखा, 'साफ है कि आग में 12,000 चुनावी मशीनों के जलने से सरकार को कोई फर्क नहीं पड़ा, लेकिन जैसे ही उनकी नजर किसी विपक्षी पार्टी के ऑफिस पर पड़ती है, फायर सेफ्टी को लेकर अचानक उनमें जबरदस्त चिंता जाग उठती है।'

अलीपुर सरकारी दफ्तर पर निशाना

TMC नेता ने तर्क दिया कि फायर ऑडिट 'गलत जगह' किया जा रहा है। उनका कहना था कि यदि अलीपुर स्थित सरकारी दफ्तरों में समय रहते ऑडिट किया गया होता, तो वे 12,000 चुनावी मशीनें शायद बचाई जा सकती थीं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि गहन जाँच होती तो आग लगने की वजह के साथ-साथ BJP और चुनाव आयोग (ECI) के बीच कथित मिलीभगत भी उजागर होती।

सरकार की प्रतिक्रिया

अभिषेक बनर्जी के इन आरोपों पर BJP या संबंधित प्रशासनिक विभाग की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ TMC और केंद्र में सत्तारूढ़ BJP के बीच राजनीतिक तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है।

आगे क्या

गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब TMC ने सरकारी एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाया हो। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, आने वाले दिनों में यह विवाद और गहरा हो सकता है, खासकर तब जब EVM आग की जाँच की माँग अब संसदीय बहस का हिस्सा बन सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असल में यह पश्चिम बंगाल में केंद्र-राज्य टकराव की उस पुरानी लकीर पर चला है जो हर चुनावी मौसम में गहरी होती जाती है। 12,000 EVM जलने की घटना — यदि सत्यापित हो — एक गंभीर प्रशासनिक विफलता है जिसकी स्वतंत्र जाँच होनी चाहिए थी; उस पर चुप्पी और विपक्षी दफ्तर पर सक्रियता का यह विरोधाभास बनर्जी के आरोपों को महज बयानबाज़ी नहीं रहने देता। दूसरी ओर, BJP की ओर से कोई आधिकारिक खंडन न आना भी उल्लेखनीय है। असली ज़रूरत एक निष्पक्ष, सार्वजनिक जवाबदेही की है — न कि राजनीतिक प्रेस वार की।
RashtraPress
1 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अभिषेक बनर्जी ने फायर ऑडिट को लेकर क्या आरोप लगाए हैं?
TMC सांसद अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाया है कि BJP सरकार ने फायर सेफ्टी ऑडिट के बहाने उनके पार्टी कार्यालय में फायर डिपार्टमेंट भेजा, जो कथित तौर पर राजनीतिक प्रतिशोध की कार्रवाई है। यह घटना तब हुई जब तीन दिन पहले ही TMC का साइनबोर्ड गैर-कानूनी ढंग से हटाया गया था।
12,000 EVM जलने की घटना क्या है जिसका बनर्जी ने ज़िक्र किया?
अभिषेक बनर्जी के अनुसार, चुनाव से एक महीने पहले एक रहस्यमयी आग में 4,000 कंट्रोल यूनिट, 4,000 बैलेट यूनिट और 4,000 VVPAT — कुल 12,000 चुनावी मशीनें — जलकर नष्ट हो गई थीं। उनका सवाल है कि उस समय फायर सेफ्टी को लेकर कोई ऑडिट या चिंता क्यों नहीं जताई गई।
TMC और BJP के बीच यह विवाद किस संदर्भ में है?
पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ TMC और केंद्र में सत्तारूढ़ BJP के बीच लंबे समय से राजनीतिक तनाव चला आ रहा है। TMC नेता अक्सर केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाते हैं, जबकि BJP राज्य सरकार पर कानून-व्यवस्था की विफलता का आरोप लगाती है।
अभिषेक बनर्जी ने अलीपुर सरकारी दफ्तर का ज़िक्र क्यों किया?
बनर्जी ने तर्क दिया कि यदि अलीपुर स्थित सरकारी दफ्तरों में समय रहते फायर ऑडिट किया गया होता, तो 12,000 चुनावी मशीनें बचाई जा सकती थीं। उनका कहना है कि असली ऑडिट की ज़रूरत सरकारी परिसरों में है, न कि विपक्षी पार्टी के कार्यालयों में।
BJP या प्रशासन ने इन आरोपों पर क्या कहा है?
अभिषेक बनर्जी के आरोपों पर BJP या संबंधित प्रशासनिक विभाग की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यह मामला आने वाले दिनों में राजनीतिक बहस का केंद्र बन सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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