अभिषेक बनर्जी का BJP पर हमला: 'एफआईआर दर्ज करने में व्यस्त, विकास में नहीं'
सारांश
मुख्य बातें
तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद अभिषेक बनर्जी ने 28 जुलाई 2026 को एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) और मीडिया के एक वर्ग पर सीधा निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके खिलाफ राजनीतिक द्वेष से प्रेरित होकर लगातार एफआईआर दर्ज कराई जा रही हैं, जबकि जनकल्याण के काम उपेक्षित हैं।
मुख्य आरोप: विकास नहीं, प्रतिशोध
अभिषेक बनर्जी ने अपनी पोस्ट में कहा कि यदि BJP पश्चिम बंगाल में सत्ता में आती, तो उसकी प्राथमिकता आयुष्मान भारत और लक्ष्मीर भंडार जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं को जनता तक पहुँचाना होनी चाहिए थी। उनके अनुसार, इसके बजाय पार्टी का ध्यान उनके खिलाफ मुकदमे दर्ज कराने में अधिक लगा है।
उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में लिखा, 'मैंने कभी नहीं सोचा था कि तथाकथित डबल इंजन सरकार विकास और अच्छे कामों से इतनी ज्यादा परहेज करेगी।'
डायमंड हार्बर के जनसेवा कार्यों का हवाला
TMC सांसद ने दावा किया कि उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने वाले वही लोग हैं जो डायमंड हार्बर में उनके जनसेवा कार्यों को निशाना बना रहे हैं। उन्होंने इन कार्यों में निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर, कोविड-19 परीक्षण अभियान, सड़क निर्माण और क्षेत्र के बुनियादी ढाँचे के विकास का उल्लेख किया।
यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में केंद्र और राज्य सरकार के बीच राजनीतिक तनाव चरम पर है और जाँच एजेंसियों की भूमिका को लेकर विपक्ष लगातार सवाल उठाता रहा है।
मीडिया के एक वर्ग पर सवाल
अभिषेक बनर्जी ने मीडिया के एक हिस्से पर भी आरोप लगाया कि कुछ संस्थान इस राजनीतिक प्रतिशोध को बढ़ावा दे रहे हैं और सत्ता के इशारों पर काम करते हुए बुनियादी पत्रकारिता के सिद्धांतों की अनदेखी कर रहे हैं। हालाँकि उन्होंने किसी विशेष संस्थान का नाम नहीं लिया।
गौरतलब है कि TMC और BJP के बीच मीडिया की भूमिका को लेकर यह विवाद नया नहीं है — दोनों दल एक-दूसरे पर पक्षपाती कवरेज का आरोप लगाते रहे हैं।
अभिषेक बनर्जी का संदेश: 'न डरूँगा, न रुकूँगा'
अपनी पोस्ट के अंत में उन्होंने विरोधियों को स्पष्ट संदेश दिया। उन्होंने लिखा, 'इस तरह की रणनीतियाँ मुझे डरा नहीं सकतीं और न ही मेरी रफ्तार धीमी कर सकती हैं। आप जो कर सकते हैं, कीजिए। मैं वही करता रहूँगा, जिसके लिए जनता ने मुझे चुना है।'
BJP की ओर से इस पोस्ट पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। आने वाले दिनों में इस राजनीतिक विवाद के और गहराने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।