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अभिषेक बनर्जी के आवास पर पत्थरबाजी का आरोप, टीएमसी सांसद ने बंगाल की कानून-व्यवस्था पर उठाए गंभीर सवाल

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अभिषेक बनर्जी के आवास पर पत्थरबाजी का आरोप, टीएमसी सांसद ने बंगाल की कानून-व्यवस्था पर उठाए गंभीर सवाल

सारांश

टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी ने एक्स पर आरोप लगाया कि उनके कोलकाता आवास की खिड़कियों पर पत्थर फेंके गए। उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए बंगाल में हिंसा के 'संस्थागत' होने और राजनीतिक संरक्षण में अपराध पनपने का आरोप लगाया।

मुख्य बातें

30 जून 2026 को अभिषेक बनर्जी ने एक्स पर आरोप लगाया कि उनके कोलकाता आवास की पहली मंजिल की खिड़कियों पर पत्थर फेंके गए, शीशे टूटे।
कथित हमलावर बाइक सवार था जिसने बार-बार पत्थर फेंके; घटना के समय पुलिस की अनुपस्थिति पर सवाल उठाए गए।
बनर्जी ने भाजपा पर आरोप लगाया कि बंगाल में हिंसा को राजनीतिक संरक्षण मिल रहा है।
उन्होंने हाल ही में पारित 'वेस्ट बंगाल पब्लिक सेफ्टी एंड कंट्रोल ऑफ एंटी सोशल एक्टिविटीज बिल, 2026' के निष्पक्ष अनुप्रयोग पर सवाल उठाया।
पुलिस की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।

तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद अभिषेक बनर्जी ने 30 जून 2026 को एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर आरोप लगाया कि मंगलवार सुबह एक व्यक्ति बाइक से उनके कोलकाता स्थित पारिवारिक आवास के बाहर पहुँचा और पहली मंजिल की खिड़कियों पर बार-बार बड़ा पत्थर फेंका, जिससे शीशे टूट गए। इस कथित हमले को लेकर उन्होंने पश्चिम बंगाल की कानून-व्यवस्था की स्थिति पर तीखे सवाल खड़े किए हैं।

क्या हुआ घटनास्थल पर

अभिषेक बनर्जी के अनुसार, आरोपी बाइक सवार ने उनके परिवार के घर की पहली मंजिल की खिड़कियों को निशाना बनाया और कई बार पत्थर फेंके, जिससे शीशे टूट गए। उन्होंने इस घटना को महज कानून-व्यवस्था की विफलता नहीं, बल्कि हिंसा के संस्थागत रूप लेने का संकेत बताया।

उन्होंने अपनी पोस्ट में सवाल उठाया कि घटना के समय पुलिस कहाँ थी और किसके इशारे पर यह हमला किया गया। उनके अनुसार, राज्य में ऐसा माहौल बन गया है जहाँ अपराधी यह मानकर चलते हैं कि उन्हें राजनीतिक संरक्षण मिलेगा।

भाजपा पर सीधा निशाना

टीएमसी सांसद ने इस घटना के लिए भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर आरोप मढ़ते हुए कहा कि बंगाल में हिंसा और गुंडागर्दी को बढ़ावा दिया जा रहा है। उनका दावा है कि सरकार की नीतियों के कारण अपराधियों का मनोबल बढ़ा है।

गौरतलब है कि यह आरोप-प्रत्यारोप ऐसे समय में सामने आए हैं जब पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हिंसा की घटनाएँ बार-बार राष्ट्रीय चर्चा का विषय बनती रही हैं।

नए सार्वजनिक सुरक्षा कानून पर सवाल

अभिषेक बनर्जी ने हाल ही में पारित 'वेस्ट बंगाल पब्लिक सेफ्टी एंड कंट्रोल ऑफ एंटी सोशल एक्टिविटीज बिल, 2026' का भी उल्लेख किया। उन्होंने सवाल किया कि क्या यह कानून उन लोगों पर भी समान रूप से लागू होगा जिन पर भाजपा समर्थित होने के आरोप लगाए जाते हैं।

उनकी यह टिप्पणी नए कानून की निष्पक्ष अनुप्रयोग पर एक बड़ा राजनीतिक प्रश्नचिह्न लगाती है।

प्रशासन से कार्रवाई की माँग

बनर्जी ने कहा कि राज्य की मौजूदा स्थिति को लेकर वे चिंतित और परेशान हैं। उन्होंने प्रशासन से हिंसा की घटनाओं पर प्रभावी और निष्पक्ष कार्रवाई की माँग की।

अभी तक पुलिस की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। यह देखना होगा कि प्रशासन इस शिकायत पर क्या कदम उठाता है और क्या किसी आरोपी की पहचान हो पाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जबकि राज्य में उसी दल की सरकार है। यह घटना तब और महत्वपूर्ण हो जाती है जब 'वेस्ट बंगाल पब्लिक सेफ्टी बिल, 2026' अभी-अभी पारित हुआ है — बनर्जी का यह पूछना कि यह कानून सभी पर समान रूप से लागू होगा या नहीं, दरअसल अपनी ही सरकार की जवाबदेही पर एक असहज प्रश्न है। मुख्यधारा की कवरेज इस घटना को केवल भाजपा-टीएमसी टकराव के रूप में देख रही है, लेकिन असली सवाल यह है कि जब तक आरोपी की पहचान और पुलिस की भूमिका स्पष्ट नहीं होती, तब तक राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तथ्य नहीं बनते।
RashtraPress
1 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अभिषेक बनर्जी के आवास पर पत्थरबाजी की घटना क्या है?
टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी ने 30 जून 2026 को एक्स पर आरोप लगाया कि एक बाइक सवार ने उनके कोलकाता स्थित पारिवारिक आवास की पहली मंजिल की खिड़कियों पर बार-बार पत्थर फेंके, जिससे शीशे टूट गए। यह घटना कथित तौर पर मंगलवार सुबह हुई।
अभिषेक बनर्जी ने इस हमले के लिए किसे जिम्मेदार ठहराया?
बनर्जी ने भाजपा पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि बंगाल में हिंसा और गुंडागर्दी को राजनीतिक संरक्षण मिल रहा है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि घटना के समय पुलिस कहाँ थी और किसके इशारे पर हमला किया गया।
वेस्ट बंगाल पब्लिक सेफ्टी बिल 2026 का इस मामले से क्या संबंध है?
बनर्जी ने हाल ही में पारित 'वेस्ट बंगाल पब्लिक सेफ्टी एंड कंट्रोल ऑफ एंटी सोशल एक्टिविटीज बिल, 2026' का उल्लेख करते हुए सवाल किया कि क्या यह कानून भाजपा समर्थित आरोपियों पर भी समान रूप से लागू होगा। यह टिप्पणी नए कानून की निष्पक्षता पर सवाल उठाती है।
इस मामले में पुलिस ने क्या कार्रवाई की?
अभी तक पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। बनर्जी ने खुद घटना के समय पुलिस की अनुपस्थिति पर सवाल उठाया है और प्रशासन से प्रभावी कार्रवाई की माँग की है।
क्या पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हिंसा की यह पहली बड़ी घटना है?
नहीं, पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हिंसा की घटनाएँ बार-बार राष्ट्रीय चर्चा का विषय बनती रही हैं। यह घटना उस दीर्घकालिक पैटर्न का हिस्सा है जिसमें टीएमसी और भाजपा एक-दूसरे पर हिंसा भड़काने के आरोप लगाते रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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