चुनाव आयोग में टीएमसी महासचिव अभिषेक बनर्जी के खिलाफ भाजपा की शिकायत

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चुनाव आयोग में टीएमसी महासचिव अभिषेक बनर्जी के खिलाफ भाजपा की शिकायत

सारांश

कोलकाता की राजनीति में हलचल। भाजपा ने अभिषेक बनर्जी के भड़काऊ बयान को लेकर चुनाव आयोग में शिकायत की है, जिससे चुनावी माहौल में तनाव बढ़ सकता है। क्या आयोग करेगा उचित कार्रवाई?

Key Takeaways

  • भाजपा ने अभिषेक बनर्जी के खिलाफ चुनाव आयोग में शिकायत की है।
  • रैली में अभिषेक ने भड़काऊ टिप्पणियाँ कीं।
  • टीएमसी की पार्टी नेतृत्व पर निंदनीय आचरण का आरोप है।
  • पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल संभावित रूप से अस्थिर हो सकता है।
  • चुनाव आयोग की कार्रवाई की प्रतीक्षा की जा रही है।

कोलकाता, 8 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के महासचिव अभिषेक बनर्जी के खिलाफ चुनाव आयोग में शिकायत दर्ज कराई है। भाजपा का आरोप है कि अभिषेक बनर्जी ने आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करते हुए भड़काऊ बयान दिए। आरोप है कि उन्होंने पश्चिम बंगाल के रैना में आयोजित एक रैली के दौरान भाजपा और उसके कार्यकर्ताओं को धमकाया।

भाजपा ने चुनाव आयोग को भेजे पत्र में कहा है, "बनर्जी की विवादास्पद टिप्पणियां एक मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय राजनीतिक दल और उसके कार्यकर्ताओं के खिलाफ हिंसा को भड़काने का स्पष्ट आह्वान हैं। रैली में प्रयुक्त भाषा बेहद भड़काऊ थी, जिसका उद्देश्य भय उत्पन्न करना और राजनीतिक विरोधियों को डराना था, जिससे पश्चिम बंगाल में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव के लिए आवश्यक वातावरण को बिगाड़ने का प्रयास किया गया। ऐसी टिप्पणियां सार्वजनिक व्यवस्था और लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए गंभीर खतरा हैं। इसलिए, तत्काल कार्रवाई की जाए।"

भाजपा ने पत्र में आगे लिखा, "हमने टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी के खिलाफ भी भड़काऊ बयानों से संबंधित कई शिकायतें दी हैं। हालांकि, उनके खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। ऐसा प्रतीत होता है कि टीएमसी पार्टी नेतृत्व में निंदनीय आचरण व्याप्त है। पश्चिम बंगाल में 2021 के विधानसभा चुनावों के बाद टीएमसी द्वारा की गई व्यापक हिंसा के कारण 55 से अधिक भाजपा कार्यकर्ताओं की मृत्यु हुई, महिलाओं के साथ सामूहिक बलात्कार की घटनाएं हुईं, और अनेक लोग घायल हुए। इन घटनाओं की गंभीरता ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) को भी संज्ञान लेने के लिए मजबूर किया था।"

भाजपा ने कहा कि अभिषेक बनर्जी और ममता बनर्जी का पार्टी कार्यकर्ताओं और जमीनी स्तर के समर्थकों पर गहरा प्रभाव है। ऐसे बयानों से तनाव बढ़ता है और कार्यकर्ताओं को और अधिक उग्र बनाता है, जिससे एक अस्थिर चुनावी माहौल बनता है। इसलिए, आयोग को उनके बयानों और आचरण पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।

Point of View

NationPress
10/04/2026

Frequently Asked Questions

भाजपा ने अभिषेक बनर्जी के खिलाफ क्या आरोप लगाया है?
भाजपा ने अभिषेक बनर्जी पर आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन और भड़काऊ टिप्पणियां करने का आरोप लगाया है।
टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी के खिलाफ भाजपा की क्या शिकायत है?
भाजपा ने ममता बनर्जी के भी भड़काऊ बयानों की शिकायत की है, लेकिन उनके खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल पर भड़काऊ बयानों का क्या असर हो सकता है?
भड़काऊ बयानों से चुनावी माहौल में तनाव बढ़ सकता है, जिससे स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव पर असर पड़ सकता है।
चुनाव आयोग की क्या भूमिका होती है?
चुनाव आयोग का कार्य आदर्श आचार संहिता का पालन सुनिश्चित करना और चुनावी प्रक्रिया को निष्पक्ष बनाना होता है।
क्या भाजपा ने पहले भी टीएमसी के खिलाफ शिकायतें की हैं?
हाँ, भाजपा ने पहले भी टीएमसी के नेताओं के खिलाफ भड़काऊ बयानों की कई शिकायतें की हैं।
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