टीएमसी छोड़ने वाले हुमायूं कबीर पर सायनी घोष का कड़ा हमला, जनता देगी जवाब!

Click to start listening
टीएमसी छोड़ने वाले हुमायूं कबीर पर सायनी घोष का कड़ा हमला, जनता देगी जवाब!

सारांश

कोलकाता में हुमायूं कबीर के भाजपा की 'बी' टीम के आरोपों पर टीएमसी सांसद सायनी घोष ने तीखा हमला किया। एआईएमआईएम ने भी कबीर के साथ अपना गठबंधन तोड़ दिया है। जानें इस विवाद की पूरी कहानी।

Key Takeaways

  • हुमायूं कबीर पर भाजपा की 'बी' टीम के आरोप लगे हैं।
  • सायनी घोष ने इस पर तीखा हमला किया है।
  • एआईएमआईएम ने कबीर की पार्टी के साथ गठबंधन तोड़ा।
  • पश्चिम बंगाल के मुस्लिम समुदाय में गद्दारी के आरोप।
  • एआईएमआईएम ने स्वतंत्र चुनाव लड़ने का निर्णय लिया।

कोलकाता, 10 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। चुनावों से पहले टीएमसी छोड़कर अपनी पार्टी बनाने वाले हुमायूं कबीर विवादों में घिर चुके हैं। उन पर भाजपा की 'बी' टीम के रूप में कार्य करने का आरोप लगाया गया है। एआईएमआईएम ने भी उनकी पार्टी से अपना गठबंधन समाप्त कर दिया है। इस पर टीएमसी सांसद सायनी घोष ने कड़ा हमला किया है।

उन्होंने कहा, "मैं पहले दिन से कहती आ रही हूं कि वह भाजपा की 'बी' टीम के तौर पर काम कर रहे हैं। उनकी नीयत ठीक नहीं है। उन्होंने सभी को धोखा दिया है। जनता उन्हें जवाब देगी।"

मीडिया से बातचीत में सायनी घोष ने कहा कि वीडियो सामने आ गया है, जो दर्शाता है कि हुमायूं कबीर भाजपा से मिले हुए हैं। जिनकी नीयत सही नहीं होती, उनकी मुरादें कभी पूरी नहीं होती।

उन्होंने हुमायूं कबीर पर पश्चिम बंगाल के मुस्लिम समुदाय को धोखा देने का आरोप लगाते हुए कहा कि इसका जवाब इसी समुदाय के लोग देंगे। उनका वीडियो सामने आया है, जिससे साफ है कि लोग उनसे नाता तोड़ना चाहते हैं। उन्होंने पश्चिम बंगाल के मुस्लिम समुदाय के साथ गद्दारी की है। इसका उत्तर मुस्लिम भाई देंगे।

इस बीच, ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) ने बड़ा कदम उठाते हुए हुमायूं कबीर की पार्टी के साथ अपना गठबंधन समाप्त कर दिया है। अब पार्टी ने स्पष्ट किया है कि वह बंगाल में किसी भी दल के साथ नहीं, बल्कि अकेले चुनाव लड़ेगी।

एआईएमआईएम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के जरिए स्पष्ट किया, "हुमायूं कबीर के खुलासों से यह स्पष्ट हो गया है कि बंगाल के मुसलमान कितने कमजोर हैं। एआईएमआईएम ऐसे किसी भी बयान से खुद को नहीं जोड़ सकती, जिससे मुसलमानों की गरिमा पर सवाल उठे। वर्तमान में, एआईएमआईएम ने कबीर की पार्टी के साथ अपना गठबंधन समाप्त कर दिया है।"

आगे कहा गया कि बंगाल के मुसलमान सबसे गरीब, उपेक्षित और शोषित समुदायों में से एक हैं। दशकों तक धर्मनिरपेक्ष शासन रहने के बावजूद, उनके लिए कुछ भी नहीं किया गया है। किसी भी राज्य में चुनाव लड़ने के पीछे एआईएमआईएम की नीति यह है कि हाशिए पर पड़े समुदायों की अपनी एक स्वतंत्र राजनीतिक आवाज हो। हम बंगाल चुनाव स्वतंत्र रूप से लड़ेंगे और किसी भी पार्टी के साथ हमारा कोई गठबंधन नहीं होगा।

Point of View

जहां समुदायों के बीच विश्वास का संकट उत्पन्न हो रहा है।
NationPress
13/04/2026

Frequently Asked Questions

हुमायूं कबीर पर क्या आरोप लगाए गए हैं?
उन्हें भाजपा की 'बी' टीम के तौर पर काम करने का आरोप लगाया गया है।
क्या एआईएमआईएम ने कबीर के साथ गठबंधन तोड़ा है?
जी हां, एआईएमआईएम ने हुमायूं कबीर की पार्टी से अपना गठबंधन समाप्त कर दिया है।
टीएमसी सांसद सायनी घोष ने क्या कहा?
उन्होंने कहा कि हुमायूं कबीर की नीयत ठीक नहीं है और जनता उन्हें जवाब देगी।
पश्चिम बंगाल के मुस्लिम समुदाय पर क्या आरोप है?
हुमायूं कबीर पर मुस्लिम समुदाय को धोखा देने का आरोप लगाया गया है।
एआईएमआईएम की चुनाव नीति क्या है?
एआईएमआईएम ने स्पष्ट किया है कि वह स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ेगी और किसी अन्य पार्टी के साथ गठबंधन नहीं करेगी।
Nation Press