स्वतंत्रता दिवस 2026: PM मोदी का 'सप्त शक्ति' विजन — विनिर्माण से सॉफ्ट पावर तक भारत का रोडमैप
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस, 15 अगस्त 2026 को लाल किले की प्राचीर से देश के सामने एक बहुआयामी विकास-रोडमैप प्रस्तुत किया, जिसे उन्होंने 'सप्त शक्ति' या 'सप्तधारा' नाम दिया। यह सात-सूत्रीय एजेंडा विनिर्माण, कृषि, प्रौद्योगिकी, अवसंरचना, रक्षा, हरित अर्थव्यवस्था और सांस्कृतिक नेतृत्व को एकसाथ साधने का प्रयास है। प्रधानमंत्री के अनुसार, यह ढाँचा आने वाले वर्षों में भारत की प्रगति, आत्मनिर्भरता और वैश्विक नेतृत्व की दिशा तय करेगा।
सप्त शक्ति की सात धाराएँ
मैन्युफैक्चरिंग पावर के तहत डिज़ाइन से लेकर कंपोनेंट्स तक पूरी घरेलू एंड-टू-एंड वैल्यू चेन खड़ी करने का लक्ष्य है, जिसमें शून्य-दोष गुणवत्ता और वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता पर बल दिया गया है। कृषि और खाद्य प्रसंस्करण धारा में मोटे अनाज (मिलेट्स), मसालों और फलों के लिए खेत से निर्यात तक एकीकृत आपूर्ति शृंखला और रासायनिक-मुक्त खेती को प्राथमिकता दी गई है।
टेक्नोलॉजी और इनोवेशन के अंतर्गत भारत को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम कंप्यूटिंग, अंतरिक्ष, रोबोटिक्स, डिजिटल पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर (DPI) और 'मेड-इन-इंडिया' 6जी में वैश्विक नवाचार केंद्र बनाने का संकल्प है। गति शक्ति धारा में शहरों, राजमार्गों, रेल, हवाई अड्डों और आधुनिक औद्योगिक समुद्री बंदरगाहों को जोड़ने वाली निर्बाध मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स व्यवस्था का खाका खींचा गया है।
रक्षा शक्ति के तहत ड्रोन, काउंटर-ड्रोन प्रणाली और हाइपरसोनिक हथियारों जैसी अगली पीढ़ी की तकनीकों में अग्रणी बनकर पूर्ण रणनीतिक आत्मनिर्भरता और निर्यात का लक्ष्य रखा गया है। ग्रीन और ब्लू इकोनॉमी में हरित हाइड्रोजन, नवीकरणीय ऊर्जा, ऊर्जा भंडारण और समुद्री-तटीय संसाधनों के समग्र दोहन पर ध्यान केंद्रित किया गया है। भारत की सॉफ्ट पावर धारा में योग, आयुर्वेद, पर्यटन के साथ-साथ गेमिंग, VFX, एनिमेशन और क्रिएटिव इकोनॉमी में वैश्विक नेतृत्व स्थापित करने की बात कही गई है।
वैश्विक महत्वाकांक्षाओं का नया पैमाना
प्रधानमंत्री ने भारतीय उद्यम जगत के लिए ठोस वैश्विक बेंचमार्क भी सामने रखे। इनमें फॉर्च्यून 500 सूची में 50 भारतीय कंपनियाँ, प्रमुख वैश्विक बैंकों में एक भारतीय बैंक, दुनिया की शीर्ष 5 फार्मा कंपनियों में एक भारतीय फार्मा कंपनी, वैश्विक नेतृत्व हासिल करने वाली एक भारतीय कानूनी या रेटिंग एजेंसी, एक भारतीय कंसल्टिंग या अकाउंटिंग फर्म, और एक भारतीय प्रौद्योगिकी कंपनी का लक्ष्य शामिल है।
गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब भारत पहले से ही वैश्विक आपूर्ति शृंखला पुनर्गठन का लाभ उठाने की कोशिश में है। प्रधानमंत्री ने हर विनिर्माता, उद्यमी और MSME को संबोधित करते हुए कहा कि वैश्विक बाज़ार में भारत की पहचान विश्वसनीयता और गुणवत्ता पर आधारित होनी चाहिए — उनके शब्दों में, 'क्वालिटी, क्वालिटी और क्वालिटी' ही भारत का वैश्विक ब्रांड मूल्य बनेगा।
सामाजिक एजेंडा: नशामुक्ति, जनगणना और नारी शक्ति
आर्थिक विजन के साथ-साथ प्रधानमंत्री ने 'नशा मुक्त युवा अभियान' का भी उल्लेख किया और हर परिवार से इस मुहिम से जुड़ने की अपील की। उन्होंने बताया कि भारत की पहली डिजिटल जनगणना अभी चल रही है और नागरिकों से अपने परिवार की सटीक जानकारी दर्ज करने का आग्रह किया, ताकि नीति-निर्माण अधिक प्रभावी हो सके।
महिला सशक्तिकरण के मोर्चे पर प्रधानमंत्री ने सभी राजनीतिक दलों से सीधी अपील की कि वे संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक-तिहाई आरक्षण लागू करने में सहयोग करें। यह अपील ऐसे समय में आई है जब महिला आरक्षण विधेयक के क्रियान्वयन पर राजनीतिक बहस जारी है।
सहकारी संघवाद और 'विकसित भारत'
प्रधानमंत्री ने कहा कि सुधारों के अगले चरण के लिए केंद्र और राज्य सरकारें एकजुट होकर काम कर रही हैं। 'विकसित भारत' के लक्ष्य को पाने के लिए सहकारी संघवाद और समावेशी विकास को एक साथ आगे बढ़ाने पर बल दिया गया। यह संदेश उन राज्यों के लिए भी महत्वपूर्ण है जो केंद्रीय योजनाओं के क्रियान्वयन में अग्रणी भूमिका निभाते हैं।
आने वाले महीनों में इन सात धाराओं के लिए विस्तृत नीतिगत रूपरेखा और क्षेत्रवार दिशानिर्देश जारी होने की उम्मीद है।