मोदी के 'सप्तधारा' विजन पर संबित पात्रा की प्रेस कॉन्फ्रेंस: विकसित भारत का पूरा रोडमैप समझाया
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रवक्ता संबित पात्रा ने मंगलवार, 25 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'सप्तधारा' विजन को विस्तार से रेखांकित किया। 80वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से पीएम मोदी द्वारा प्रस्तुत इस सात-सूत्रीय रूपरेखा को पात्रा ने विकसित भारत बनाने का ठोस रोडमैप बताया।
सप्तधारा क्या है और क्यों महत्वपूर्ण है
संबित पात्रा ने कहा, 'किसी भी देश को आगे बढ़ने के लिए एक लक्ष्य होता है, और किसी भी देश के भविष्य के लिए जब सही समय पर सही नेता उस लक्ष्य का चयन करता है, तभी देश का भविष्य उज्ज्वल होता है।' उनके अनुसार, सप्तधारा कोई राजनीतिक नारा नहीं, बल्कि एक क्रियान्वयन-योग्य नीति ढाँचा है। यह ऐसे समय में आया है जब भारत वैश्विक आपूर्ति शृंखलाओं में अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश कर रहा है।
पहली से चौथी धारा: उत्पादन, कृषि, तकनीक और कनेक्टिविटी
पहली धारा — मैन्युफैक्चरिंग पावर: पात्रा ने कहा कि लक्ष्य एक मजबूत घरेलू वैल्यू चेन बनाना है, जिसमें कच्चे माल से लेकर तैयार उत्पाद तक पूरी प्रक्रिया भारत में ही हो। उन्होंने जीरो-डिफेक्ट, वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी उत्पाद और अत्यधिक प्रतिस्पर्धी घरेलू कारखानों की स्थापना को इस धारा का केंद्र बताया।
दूसरी धारा — कृषि और फूड प्रोसेसिंग: इसमें दलहन-तिलहन उत्पादन में वृद्धि, खेती की उत्पादकता बढ़ाना, रासायनिक-मुक्त जैविक खेती को प्रोत्साहन और किसानों तक सस्ती खाद की पहुँच सुनिश्चित करना शामिल है।
तीसरी धारा — टेक्नोलॉजी और इनोवेशन: पात्रा ने कहा कि भारत आज स्पेस सेक्टर, क्वांटम टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने डेटा सेंटर को भारत का सबसे बड़ा लक्ष्य बताया, ताकि देश का डेटा देश में ही सुरक्षित रहे।
चौथी धारा — गति शक्ति और कनेक्टिविटी: इसके तहत हाई स्पीड रेल, अल्ट्रा मॉडर्न हाईवे, इनलैंड वाटरवेज, उन्नत हवाई अड्डे, हाइड्रोजन पावर ट्रेन और क्लीन एनर्जी के साथ अंतरराष्ट्रीय परिवहन प्रणाली के एकीकरण पर ध्यान दिया जाएगा।
पाँचवीं से सातवीं धारा: रक्षा, ग्रीन-ब्लू इकोनॉमी और सॉफ्ट पावर
पाँचवीं धारा — रक्षा शक्ति: पात्रा ने कहा कि एयर स्ट्राइक और सर्जिकल स्ट्राइक ने भारत की रक्षा क्षमता में आए बदलाव को प्रमाणित किया है। उन्होंने कहा, 'एक समय था जब सीमा पर सड़क तक नहीं बनाई जाती थी।' उनके अनुसार, भारत रक्षा क्षेत्र में आयातक से निर्यातक बन चुका है और भारतीय उत्पाद वैश्विक बाजार में विश्वसनीयता के साथ खड़े हैं।
छठी धारा — ग्रीन इकोनॉमी और ब्लू इकोनॉमी: इसमें सोलर एनर्जी पर विशेष जोर है। पात्रा ने सूर्य घर योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि नागरिक अब सौर ऊर्जा से न केवल घर रोशन कर सकते हैं, बल्कि आमदनी भी कर सकते हैं।
सातवीं धारा — सॉफ्ट पावर: इसमें योग, आयुर्वेद, सांस्कृतिक पर्यटन, हस्तशिल्प, सिनेमा, VFX, गेमिंग और वेव समिट शामिल हैं। पात्रा ने कहा कि अमेरिका से लेकर आइसलैंड तक अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का मनाया जाना भारत की बढ़ती सॉफ्ट पावर का प्रमाण है।
UPI और DPI पर कांग्रेस पर निशाना
पात्रा ने कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम का नाम लेते हुए कहा कि उन्होंने यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) का मजाक उड़ाया था। उन्होंने कहा, 'आज UPI ने 10 साल पूरे किए हैं और यह दुनिया का सबसे बड़ा रियल टाइम पेमेंट सिस्टम बन चुका है।' उन्होंने यह भी कहा कि डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) को लेकर आज जो संशय है, वह भी आने वाले समय में भारत की सफलता की कहानी बनेगा। गौरतलब है कि UPI की शुरुआत के समय इसकी आलोचना करने वाले आज इसकी वैश्विक सफलता पर चुप हैं।
आगे क्या
सप्तधारा के क्रियान्वयन की रूपरेखा अभी केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों के स्तर पर तैयार की जा रही है। BJP के अनुसार, यह विजन 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य की नींव है। विशेषज्ञों और विपक्षी दलों की नजर इस पर रहेगी कि इन सात धाराओं को ठोस नीतिगत कदमों में कितनी तेजी से बदला जाता है।