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शिवराज सिंह चौहान पूसा कैंपस में 'शक्ति की सप्तधारा' प्रतिज्ञा दिलाएंगे, किसान व लखपति दीदी एजेंडे में

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शिवराज सिंह चौहान पूसा कैंपस में 'शक्ति की सप्तधारा' प्रतिज्ञा दिलाएंगे, किसान व लखपति दीदी एजेंडे में

सारांश

स्वतंत्रता दिवस के भाषण के ठीक तीन दिन बाद, केंद्र सरकार ने 'शक्ति की सप्तधारा' को विभागीय प्रतिज्ञा में बदल दिया। पूसा कैंपस की यह बैठक नीतिगत घोषणाओं को ज़मीनी रोडमैप से जोड़ने की कोशिश है — और लखपति दीदी का 6 करोड़ का नया लक्ष्य इसकी सबसे बड़ी परीक्षा होगी।

मुख्य बातें

शिवराज सिंह चौहान 18 अगस्त को पूसा कैंपस, नई दिल्ली में 'शक्ति की सप्तधारा' प्रतिज्ञा कार्यक्रम का नेतृत्व करेंगे।
'शक्ति की सप्तधारा' पहल PM मोदी के स्वतंत्रता दिवस भाषण में घोषित सात कृषि-ग्रामीण प्राथमिकताओं पर आधारित है।
'लखपति दीदी' योजना के तहत अब तक 3 करोड़ महिलाएँ लाभान्वित; नया लक्ष्य 6 करोड़ ।
किसानों को सब्सिडी वाली खाद और वैश्विक बाज़ारों तक पहुँच सुनिश्चित करना एजेंडे में शामिल।
केंद्रीय बजट में 'शी-मार्ट्स' पहल के ज़रिए महिला-नेतृत्व वाले उद्यमों के लिए बाज़ार विस्तार का प्रावधान।

केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान मंगलवार, 18 अगस्त को नई दिल्ली के पूसा कैंपस में दोनों मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारियों को 'शक्ति की सप्तधारा' प्रतिज्ञा दिलाएंगे। यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा स्वतंत्रता दिवस के भाषण में रेखांकित की गई उन सात प्राथमिकताओं पर आधारित है, जो कृषि, खाद्य प्रसंस्करण और ग्रामीण सशक्तिकरण को 2047 तक 'विकसित भारत' के लक्ष्य से जोड़ती हैं।

कार्यक्रम का एजेंडा

बैठक में विभागीय रोडमैप की समीक्षा, 'लखपति दीदी' पहल के विस्तार और किसानों व ग्रामीण समुदायों से जुड़े अहम नीतिगत फैसलों पर चर्चा होगी। बयान के अनुसार, प्रगतिशील किसान, लखपति दीदियाँ, कृषि निर्यातक और फूड प्रोसेसर भी इस कार्यक्रम में भाग लेंगे। मंत्रालय का जोर इन योजनाओं को पारदर्शी निगरानी और प्रभावी क्रियान्वयन के जरिए ज़मीन पर उतारने पर है।

शक्ति की सप्तधारा: मुख्य प्राथमिकताएँ

प्रधानमंत्री मोदी ने स्वतंत्रता दिवस भाषण में 'शक्ति की सप्त धारा' के तहत खेती और खाद्य उत्पादन को मजबूत करने, फूड प्रोसेसिंग को बढ़ावा देने और वैश्विक बाज़ारों तक किसानों की पहुँच बढ़ाने को प्रमुख लक्ष्य बताया था। उन्होंने वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच किसानों को सब्सिडी वाली दरों पर खाद उपलब्ध कराने के सरकार के संकल्प को भी दोहराया। समुद्री उत्पादों (सीफूड) सहित कृषि निर्यात के लिए नए वैश्विक अवसर तैयार करना भी इस एजेंडे का हिस्सा है।

लखपति दीदी: तीन करोड़ से छह करोड़ का लक्ष्य

ग्रामीण विकास मंत्रालय की 'लखपति दीदी' योजना इस बैठक का केंद्रीय विषय रहेगी। अब तक 3 करोड़ ग्रामीण महिलाएँ 'लखपति दीदी' का दर्जा हासिल कर चुकी हैं। प्रधानमंत्री ने इस संख्या को 6 करोड़ तक ले जाने का नया लक्ष्य निर्धारित किया है। स्वयं-सहायता समूहों (SHG) से जुड़ी महिलाओं को कौशल विकास और आर्थिक सहायता के माध्यम से उनकी आजीविका सुदृढ़ करने पर ध्यान दिया जा रहा है।

शी-मार्ट्स और महिला उद्यमिता

केंद्रीय बजट में शामिल 'शी-मार्ट्स' जैसी पहलें महिला-नेतृत्व वाले उद्यमों के लिए बाज़ार तक पहुँच को व्यापक बनाने के उद्देश्य से लाई गई हैं। इन पहलों का मकसद ग्रामीण महिलाओं को उनके उत्पादों के लिए बेहतर बाज़ार उपलब्ध कराना और मज़बूत ग्रामीण उद्यम खड़े करना है।

मंत्री का बयान और आगे की राह

चौहान ने कहा, 'हमारा मकसद पक्का करना है कि किसानों और ग्रामीण महिलाओं को सीधा फायदा मिले और हम 2047 तक विकसित भारत के सपने को पूरा करने में योगदान दें। इस दिशा में हम विभागों के रोडमैप की समीक्षा करेंगे और उन्हें तेजी से लागू करने के लिए काम करेंगे।' यह बैठक केंद्र सरकार की उस व्यापक कोशिश का हिस्सा है, जिसमें नीतिगत घोषणाओं को विभागीय जवाबदेही से जोड़ा जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि रोडमैप में मापने योग्य मील के पत्थर कितने स्पष्ट हैं। लखपति दीदी का लक्ष्य 3 करोड़ से 6 करोड़ करना महत्वाकांक्षी है, मगर SHG आधारित मॉडल में गुणवत्ता और आय की स्थिरता का सत्यापन अब भी एक अनुत्तरित प्रश्न है। कृषि निर्यात और वैश्विक बाज़ार पहुँच की बात तब तक अधूरी है जब तक लॉजिस्टिक्स, कोल्ड चेन और व्यापार समझौतों पर ठोस कदम न उठाए जाएँ — जिनका इस बैठक के एजेंडे में स्पष्ट उल्लेख नहीं है।
RashtraPress
17 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'शक्ति की सप्तधारा' पहल क्या है?
'शक्ति की सप्तधारा' प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा स्वतंत्रता दिवस भाषण में घोषित सात प्राथमिकताओं का समूह है, जिसमें कृषि उत्पादन को मज़बूत करना, फूड प्रोसेसिंग को बढ़ावा देना, वैश्विक बाज़ारों तक किसानों की पहुँच बढ़ाना और आत्मनिर्भरता शामिल हैं। यह पहल 2047 तक 'विकसित भारत' के लक्ष्य को खेती और ग्रामीण विकास से जोड़ती है।
18 अगस्त को पूसा कैंपस में क्या होगा?
केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान दोनों मंत्रालयों के अधिकारियों को 'शक्ति की सप्तधारा' प्रतिज्ञा दिलाएंगे। बैठक में विभागीय रोडमैप की समीक्षा, 'लखपति दीदी' विस्तार योजना और किसान-केंद्रित नीतिगत फैसलों पर चर्चा होगी।
लखपति दीदी योजना का नया लक्ष्य क्या है?
प्रधानमंत्री मोदी ने 'लखपति दीदी' योजना के तहत लाभान्वित महिलाओं की संख्या मौजूदा 3 करोड़ से बढ़ाकर 6 करोड़ करने का लक्ष्य रखा है। इस विस्तार के लिए क्रियान्वयन रोडमैप पर 18 अगस्त की बैठक में चर्चा होगी।
किसानों के लिए इस एजेंडे में क्या खास है?
किसानों को सब्सिडी वाली दरों पर खाद उपलब्ध कराने का संकल्प दोहराया गया है और कृषि व समुद्री उत्पादों के लिए नए वैश्विक बाज़ार तैयार करने पर जोर दिया गया है। प्रगतिशील किसान और कृषि निर्यातक भी इस कार्यक्रम में सीधे भाग लेंगे।
'शी-मार्ट्स' पहल क्या है और यह ग्रामीण महिलाओं की कैसे मदद करेगी?
'शी-मार्ट्स' केंद्रीय बजट में शामिल एक पहल है, जिसका उद्देश्य महिला-नेतृत्व वाले उद्यमों को बेहतर बाज़ार तक पहुँच दिलाना है। यह SHG से जुड़ी ग्रामीण महिलाओं को उनके उत्पाद बेचने के लिए संगठित मंच और नेटवर्क उपलब्ध कराती है।
राष्ट्र प्रेस
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