शिवराज सिंह चौहान: विकसित भारत के लिए आत्मनिर्भर गांव जरूरी, 1 जुलाई से लागू होगी 'जी राम जी' योजना
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार, 29 जून 2026 को स्पष्ट कहा कि विकसित भारत का सपना तभी पूरा होगा, जब देश के गांव आत्मनिर्भर, रोजगारयुक्त और बुनियादी सुविधाओं से लैस होंगे। नई दिल्ली के पूसा परिसर में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय ग्रामीण विकास सम्मेलन 'ग्रामोदय से राष्ट्रोदय' के समापन दिवस पर उन्होंने कहा कि ग्रामीण विकास ही राष्ट्रीय विकास की असली धुरी है।
मुख्य घोषणाएँ
सम्मेलन के दूसरे दिन चौहान ने ऐलान किया कि 1 जुलाई 2026 से 'विकसित भारत- जी राम जी' योजना पूरे देश में लागू होगी, जो मनरेगा की जगह लेगी। इस योजना के लिए ₹95,682 करोड़ की अंतरिम स्वीकृति दी जा चुकी है। उन्होंने सभी राज्यों से आग्रह किया कि वे समय पर अपनी औपचारिकताएं पूरी करें ताकि योजना का क्रियान्वयन बिना रुकावट के हो सके।
सम्मेलन में 'लखपति दीदी डैशबोर्ड' का भी अनावरण किया गया। इसके साथ ही स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के लिए 'सी लीप्स' डिजिटल प्लेटफॉर्म लॉन्च किया गया। चौहान ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लखपति दीदी का लक्ष्य 3 करोड़ से बढ़ाकर 6 करोड़ महिलाओं तक कर दिया है, जिसके लिए अगले 5 वर्षों में ₹10 लाख करोड़ का बैंक लिंकिंग रोडमैप तैयार किया गया है।
गांवों पर चौहान का दृष्टिकोण
चौहान ने अपने संबोधन में कहा, 'गांव केवल धूल-मिट्टी या चौपाल का नाम नहीं, गांव भारत की शक्ति, भारत की चेतना और भारत की आत्मा हैं। अगर हमें समृद्ध और विकसित भारत बनाना है तो गांव को समृद्ध और विकसित बनाए बिना काम नहीं चलेगा, गांव की प्रगति के बिना देश की प्रगति संभव नहीं है।' यह ऐसे समय में आया है जब सरकार 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को लेकर नीतिगत कदम तेज कर रही है।
सम्मेलन में भागीदारी
इस सम्मेलन में पहली बार एक मंच पर 29 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के ग्रामीण विकास मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और नीति-निर्माता एक साथ जुटे। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा सहित अनेक राज्यों के वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने भाग लिया। गौरतलब है कि इतने व्यापक स्तर पर ग्रामीण विकास पर केंद्रित यह सम्मेलन अपने आप में एक अभूतपूर्व पहल मानी जा रही है।
आम जनता पर असर
'जी राम जी' योजना के लागू होने से ग्रामीण रोजगार की संरचना में बदलाव आएगा, क्योंकि यह मनरेगा की जगह लेगी जो दशकों से ग्रामीण मजदूरों की आजीविका का आधार रही है। ₹10 लाख करोड़ के बैंक लिंकिंग रोडमैप से 6 करोड़ महिलाओं को लखपति बनाने का लक्ष्य ग्रामीण महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। आलोचकों का कहना है कि इन योजनाओं की सफलता राज्यों की समयबद्ध भागीदारी और जमीनी क्रियान्वयन पर निर्भर करेगी।
क्या होगा आगे
1 जुलाई 2026 से 'जी राम जी' योजना के क्रियान्वयन की शुरुआत होगी। राज्यों को अपनी औपचारिकताएं समय पर पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। 'सी लीप्स' प्लेटफॉर्म और 'लखपति दीदी डैशबोर्ड' के माध्यम से स्वयं सहायता समूहों को डिजिटल रूप से सशक्त करने की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है।