26 जून 2026
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राष्ट्रीय ग्रामीण विकास सम्मेलन 2026: शिवराज सिंह चौहान ने बताया 'विकसित ग्राम, विकसित भारत' का रोडमैप

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राष्ट्रीय ग्रामीण विकास सम्मेलन 2026: शिवराज सिंह चौहान ने बताया 'विकसित ग्राम, विकसित भारत' का रोडमैप

सारांश

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राष्ट्रीय ग्रामीण विकास सम्मेलन 2026 की रूपरेखा सामने रखी — 'विकसित ग्राम, विकसित भारत' की परिकल्पना पर आधारित यह दो दिवसीय आयोजन केंद्र और सभी राज्यों को एक मंच पर लाकर ग्रामीण भारत के लिए साझा नीतिगत दिशा तय करेगा।

मुख्य बातें

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 26 जून 2026 को राष्ट्रीय ग्रामीण विकास सम्मेलन 2026 की रूपरेखा की घोषणा की।
सम्मेलन 'विकसित ग्राम, विकसित भारत' की परिकल्पना पर केंद्रित होगा और दो दिनों तक चलेगा।
सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के ग्रामीण विकास मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और विशेषज्ञ भाग लेंगे।
PMAY-ग्रामीण, PMGSY, DAY-NRLM, ग्रामीण कौशल विकास और NSAP की प्रगति की समीक्षा होगी।
2025 के ग्रामीण विकास अधिनियम के क्रियान्वयन और ग्राम पंचायत स्तर पर नियोजन सुदृढ़ीकरण पर विशेष चर्चा होगी।
राज्यों की सफल पहलों को राष्ट्रीय स्तर पर अपनाने के लिए प्रदर्शित किया जाएगा।

केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शुक्रवार, 26 जून 2026 को नई दिल्ली में घोषणा की कि आगामी राष्ट्रीय ग्रामीण विकास सम्मेलन 2026 'विकसित ग्राम, विकसित भारत' की केंद्रीय परिकल्पना पर आधारित होगा। उनके अनुसार, इस दो दिवसीय सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य केंद्र और राज्यों को एक साझा मंच पर लाकर समावेशी एवं सतत ग्रामीण विकास के लिए ठोस रणनीति तैयार करना है।

सम्मेलन में कौन होगा शामिल

इस सम्मेलन में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के ग्रामीण विकास मंत्री, वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, नीति निर्माता और विषय विशेषज्ञ भाग लेंगे। यह व्यापक भागीदारी सम्मेलन को महज एक नीतिगत बैठक से आगे ले जाती है — यह ग्रामीण भारत के भविष्य पर एक राष्ट्रीय विमर्श का मंच बनेगा। गौरतलब है कि इस तरह की केंद्र-राज्य एकत्रता ग्रामीण विकास के क्षेत्र में दुर्लभ अवसरों पर ही देखने को मिलती है।

मुख्य योजनाओं की होगी समीक्षा

चौहान ने बताया कि सम्मेलन में निम्नलिखित प्रमुख केंद्रीय योजनाओं के कार्यान्वयन और प्रगति की विस्तृत समीक्षा की जाएगी:

प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, ग्रामीण कौशल विकास कार्यक्रम और राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम — इन सभी की प्रगति की पड़ताल होगी। यह ऐसे समय में आया है जब कई राज्यों में इन योजनाओं के क्रियान्वयन में जमीनी स्तर पर असमानताएँ दर्ज की जा रही हैं।

ग्राम पंचायत स्तर पर नियोजन को मिलेगी मजबूती

मंत्री के अनुसार, विचार-विमर्श में 2025 के ग्रामीण विकास अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन और ग्राम पंचायत स्तर पर योजना प्रक्रियाओं को सुदृढ़ करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। चर्चा का केंद्र बिंदु ग्राम स्तरीय नियोजन को सशक्त बनाना, संसाधनों का कुशल उपयोग सुनिश्चित करना और सतत विकास की गति को तेज़ करना होगा।

विषयगत सत्र और सफल प्रयोगों का प्रदर्शन

सम्मेलन में ग्रामीण आवास, सड़क संपर्क, आजीविका, कौशल विकास और सामाजिक सुरक्षा जैसे विषयों पर कई विषयगत और ब्रेकआउट सत्र आयोजित किए जाएँगे। विभिन्न राज्यों की सफल पहलों और नवोन्मेषी प्रथाओं को भी प्रदर्शित किया जाएगा, ताकि उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर अपनाया जा सके। यह 'पीयर लर्निंग' दृष्टिकोण राज्यों के बीच बेहतर समन्वय की दिशा में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है।

आगे की राह

इस सम्मेलन से निकलने वाला साझा रोडमैप केंद्र और राज्य सरकारों के ग्रामीण विकास कार्यक्रमों की दिशा तय करेगा। जमीनी स्तर की चुनौतियों का समाधान और व्यावहारिक नीतिगत हस्तक्षेप विकसित करना इस आयोजन की प्राथमिकता रहेगी — और इसके नतीजे ग्रामीण भारत की लाखों आबादी के जीवनस्तर पर सीधा असर डाल सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या इस बार 'साझा रोडमैप' महज दस्तावेज़ी कवायद से आगे जाएगा। पिछले ऐसे सम्मेलनों के बाद भी PMAY-ग्रामीण और PMGSY जैसी योजनाओं में राज्यवार क्रियान्वयन की खाई बनी रही है। ग्राम पंचायत स्तर पर नियोजन को मजबूत करने की बात हर बजट और हर सम्मेलन में होती है, पर वित्तीय विकेंद्रीकरण के बिना यह खोखली रहती है। जब तक सम्मेलन से निकले निर्णयों की समयबद्ध जवाबदेही तय नहीं होती, 'विकसित ग्राम' की परिकल्पना नारे से आगे नहीं बढ़ेगी।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राष्ट्रीय ग्रामीण विकास सम्मेलन 2026 क्या है?
यह केंद्र सरकार द्वारा आयोजित एक दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन है, जिसमें सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के ग्रामीण विकास मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और विशेषज्ञ भाग लेंगे। इसका उद्देश्य 'विकसित ग्राम, विकसित भारत' की परिकल्पना के तहत समावेशी ग्रामीण विकास के लिए साझा रणनीति तैयार करना है।
इस सम्मेलन में किन योजनाओं की समीक्षा होगी?
सम्मेलन में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, ग्रामीण कौशल विकास कार्यक्रम और राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम के कार्यान्वयन और प्रगति की समीक्षा की जाएगी।
'विकसित ग्राम, विकसित भारत' परिकल्पना का क्या अर्थ है?
यह केंद्र सरकार की उस सोच का प्रतिबिंब है जिसमें गाँवों के समग्र विकास को राष्ट्रीय विकास की बुनियाद माना गया है। इसके तहत ग्राम स्तरीय नियोजन, संसाधनों का कुशल उपयोग और सतत ग्रामीण विकास को प्राथमिकता दी जाती है।
2025 के ग्रामीण विकास अधिनियम पर सम्मेलन में क्या होगा?
मंत्री शिवराज सिंह चौहान के अनुसार, सम्मेलन में 2025 के ग्रामीण विकास अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन और ग्राम पंचायत स्तर पर योजना प्रक्रियाओं को सुदृढ़ करने पर विशेष विचार-विमर्श होगा।
इस सम्मेलन से आम ग्रामीण जनता को क्या फायदा होगा?
सम्मेलन से निकलने वाला साझा रोडमैप ग्रामीण आवास, सड़क संपर्क, आजीविका, कौशल विकास और सामाजिक सुरक्षा जैसी योजनाओं की दिशा तय करेगा। विभिन्न राज्यों की सफल पहलों को राष्ट्रीय स्तर पर अपनाने से जमीनी स्तर की चुनौतियों का समाधान अधिक प्रभावी हो सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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