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भजनलाल शर्मा की शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात, राजस्थान में ग्रामीण विकास योजनाओं की समीक्षा

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भजनलाल शर्मा की शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात, राजस्थान में ग्रामीण विकास योजनाओं की समीक्षा

सारांश

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने नई दिल्ली में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात कर 'विकसित भारत- जी राम जी' योजना की समीक्षा की। ₹445 करोड़ जारी, ₹180 करोड़ की दूसरी किस्त जल्द; ग्राम सभा मॉडल और ग्राम चौपाल पहल को मिली सराहना।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 7 जुलाई को कृषि भवन, नई दिल्ली में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात की।
'विकसित भारत- जी राम जी' योजना के तहत ₹445 करोड़ जारी; लगभग ₹200 करोड़ खर्च हो चुके हैं।
दूसरी किस्त के रूप में ₹180 करोड़ जल्द जारी होंगे; वार्षिक व्यय लक्ष्य ₹12,000 करोड़ ।
राजस्थान ने सूक्ष्म सिंचाई योजना की पूरी स्वीकृत राशि समय पर खर्च कर अतिरिक्त निधि का मार्ग प्रशस्त किया।
ग्राम चौपाल मॉडल के तहत मुख्यमंत्री स्वयं गाँवों में जाकर नागरिकों से संवाद कर रहे हैं।
केंद्रीय मंत्री चौहान ने राजस्थान को ग्रामीण विकास में अग्रणी राज्य बताया।

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मंगलवार, 7 जुलाई को नई दिल्ली स्थित कृषि भवन में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान से भेंट की। इस बैठक में राजस्थान में 'विकसित भारत- जी राम जी' सहित अन्य ग्रामीण विकास योजनाओं के क्रियान्वयन की विस्तृत समीक्षा की गई और ग्राम स्तर पर दर्ज किए जा रहे सकारात्मक परिणामों पर चर्चा हुई।

बैठक में क्या हुई चर्चा

दोनों नेताओं ने ग्राम सभा आधारित कार्य-चयन, पारदर्शी निधि उपयोग और ग्राम चौपाल के माध्यम से ग्रामीण रोज़गार तथा स्थायी परिसंपत्तियों के निर्माण को गति देने के संकल्प को दोहराया। केंद्रीय मंत्री चौहान ने बताया कि राजस्थान में ग्रामीण विकास और रोज़गार सृजन के कार्यक्रम संतोषजनक ढंग से चल रहे हैं।

उन्होंने कहा कि विकास के पिरामिड मॉडल को अपनाते हुए सबसे निचले स्तर — गाँव और पंचायत — की ज़रूरतों के अनुसार योजनाएँ लागू की जा रही हैं। ग्राम सभा के माध्यम से ग्रामीण स्वयं अपने क्षेत्र के कार्यों का चयन कर रहे हैं, जिससे स्थानीय समस्याओं के समाधान में सीधे योगदान देने वाले स्थायी कार्यों को प्राथमिकता मिल रही है।

योजना के तहत निधि का उपयोग

'विकसित भारत- जी राम जी' योजना के अंतर्गत अब तक ₹445 करोड़ की राशि जारी की जा चुकी है, जिसमें से लगभग ₹200 करोड़ खर्च हो चुके हैं। केंद्रीय मंत्री चौहान ने बताया कि दूसरी किस्त के रूप में प्रस्तावित ₹180 करोड़ की राशि तब जारी की जाएगी जब वर्तमान में जारी धनराशि का पर्याप्त और समयबद्ध उपयोग सुनिश्चित हो जाएगा।

चौहान ने यह भी रेखांकित किया कि राजस्थान ने इस योजना के क्रियान्वयन में अग्रणी भूमिका निभाई है। वर्ष भर में लगभग ₹12,000 करोड़ व्यय कर हर गाँव के सुव्यवस्थित विकास का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही, मनरेगा के तहत सामग्री व्यय और मज़दूरी भुगतान दोनों का हिसाब-किताब पारदर्शी रूप से मिलान किया जा रहा है।

सूक्ष्म सिंचाई में राजस्थान की सराहना

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री की सूक्ष्म सिंचाई योजना के तहत राजस्थान सरकार के प्रदर्शन की विशेष सराहना की। उन्होंने बताया कि राज्य ने स्वीकृत धनराशि का त्वरित उपयोग किया और पूरी स्वीकृत राशि समय पर खर्च कर दी, जिसके कारण राज्य को आगे भी अतिरिक्त निधि मिलने की संभावना है।

ग्राम चौपाल मॉडल और मुख्यमंत्री की जमीनी पहल

बैठक में ग्राम चौपाल के माध्यम से मुख्यमंत्री की जमीनी पहल को विशेष रूप से रेखांकित किया गया। चौहान ने बताया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा स्वयं शाम के समय गाँवों तक पहुँचकर बहनों, युवाओं, किसानों और जनप्रतिनिधियों से संवाद कर रहे हैं। अगले दिन भी वे गाँवों में घूमकर जमीनी हालात का आकलन करते हैं और लोगों की समस्याएँ सुनकर समाधान की दिशा में कदम उठाते हैं।

केंद्रीय मंत्री चौहान ने कहा कि ग्राम सभा आधारित कार्य-चयन, पारदर्शी निधि उपयोग, सूक्ष्म सिंचाई में त्वरित व्यय और ग्राम चौपाल जैसी पहलें मिलकर राजस्थान को ग्रामीण विकास के क्षेत्र में एक उदाहरण बना रही हैं।

मुख्यमंत्री ने जताया आभार

सीएम भजनलाल शर्मा ने केंद्रीय मंत्री चौहान को धन्यवाद देते हुए कहा कि केंद्र सरकार की योजनाओं ने ग्रामीण क्षेत्रों में रोज़गार और बुनियादी ढाँचे के विकास को नई गति दी है। उन्होंने आश्वस्त किया कि राज्य सरकार ग्राम सभा और ग्राम पंचायत के माध्यम से चुने गए कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूरा कर रही है और ग्रामीणों की भागीदारी को नीति-निर्माण का केंद्र बनाया गया है। यह बैठक राजस्थान में ग्रामीण विकास की गति को और तेज़ करने के संकल्प के साथ समाप्त हुई।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि ₹445 करोड़ में से केवल ₹200 करोड़ ही खर्च हो पाए हैं — यानी आधी से भी कम राशि। दूसरी किस्त को 'समयबद्ध उपयोग' की शर्त से जोड़ना सतर्कता दिखाता है, पर यह भी संकेत देता है कि ज़मीन पर खर्च की रफ्तार अपेक्षा के अनुरूप नहीं रही। ग्राम चौपाल और ग्राम सभा मॉडल की प्रशंसा स्वागतयोग्य है, किंतु इन पहलों के स्वतंत्र मूल्यांकन और रोज़गार सृजन के सत्यापन-योग्य आँकड़ों के बिना यह तस्वीर अधूरी है।
RashtraPress
7 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भजनलाल शर्मा और शिवराज सिंह चौहान की बैठक में क्या तय हुआ?
7 जुलाई को कृषि भवन, नई दिल्ली में हुई इस बैठक में 'विकसित भारत- जी राम जी' योजना की समीक्षा की गई और ग्राम सभा आधारित कार्य-चयन तथा पारदर्शी निधि उपयोग को और तेज़ करने पर सहमति बनी। दोनों नेताओं ने ग्रामीण रोज़गार और स्थायी परिसंपत्तियों के निर्माण के संकल्प को दोहराया।
'विकसित भारत- जी राम जी' योजना के तहत राजस्थान को कितनी राशि मिली है?
इस योजना के तहत अब तक ₹445 करोड़ जारी किए जा चुके हैं, जिनमें से लगभग ₹200 करोड़ खर्च हो चुके हैं। दूसरी किस्त के रूप में प्रस्तावित ₹180 करोड़ वर्तमान राशि के पर्याप्त उपयोग के बाद जारी किए जाएंगे।
राजस्थान में ग्राम चौपाल मॉडल क्या है?
ग्राम चौपाल मॉडल के तहत मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा स्वयं शाम के समय गाँवों में जाकर बहनों, युवाओं, किसानों और जनप्रतिनिधियों से सीधा संवाद करते हैं। अगले दिन भी वे गाँवों में घूमकर जमीनी हालात का आकलन करते हैं और लोगों की समस्याओं के समाधान की दिशा में कदम उठाते हैं।
सूक्ष्म सिंचाई योजना में राजस्थान का प्रदर्शन कैसा रहा?
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि राजस्थान ने प्रधानमंत्री की सूक्ष्म सिंचाई योजना के तहत स्वीकृत पूरी राशि समय पर खर्च कर दी। इस बेहतर प्रदर्शन के कारण राज्य को आगे अतिरिक्त निधि मिलने की संभावना है।
राजस्थान में ग्रामीण विकास का वार्षिक व्यय लक्ष्य क्या है?
राजस्थान में ग्राम सभा और ग्राम पंचायत स्तर पर चुने गए कार्यों के लिए वर्ष भर में लगभग ₹12,000 करोड़ व्यय का लक्ष्य रखा गया है। इस राशि से हर गाँव के सुव्यवस्थित विकास का लक्ष्य हासिल करने की योजना है।
राष्ट्र प्रेस
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