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जींद में 17 जुलाई को PM मोदी दिखाएंगे भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी, कई परियोजनाओं का उद्घाटन भी संभव

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जींद में 17 जुलाई को PM मोदी दिखाएंगे भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी, कई परियोजनाओं का उद्घाटन भी संभव

सारांश

17 जुलाई को जींद में PM मोदी देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे — जींद से सोनीपत के बीच चलने वाली यह ट्रेन भारतीय रेलवे में स्वच्छ ऊर्जा की नई शुरुआत का प्रतीक बनेगी। हरियाणा मंत्री रणबीर गंगवा ने इस दौरे को ऐतिहासिक बताया।

मुख्य बातें

PM नरेंद्र मोदी 17 जुलाई को जींद में भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे।
यह ट्रेन जींद से सोनीपत के बीच संचालित होगी और स्वच्छ ऊर्जा परिवहन की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है।
दौरे के दौरान कई अन्य विकास परियोजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास की भी संभावना है।
चनोत गांव ( हांसी, हिसार ) के जल टैंक पुनर्निर्माण के लिए ₹7.5 करोड़ का टेंडर जारी किया जा चुका है।
हरियाणा में लगभग 300 जल टैंक भूजल स्तर बढ़ने से प्रभावित; सरकार ने मरम्मत के लिए अलग बजट का निर्णय लिया।
मंत्री गंगवा ने कांग्रेस को नेतृत्वविहीन और गुटबाजी से ग्रस्त बताया; विपक्ष के जल संकट संबंधी आरोपों को निराधार कहा।

हरियाणा सरकार के कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा ने 7 जुलाई को चंडीगढ़ में घोषणा की कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 जुलाई को जींद पहुँचकर भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे, जो जींद से सोनीपत के बीच संचालित होगी। गंगवा ने इस दिन को हरियाणा के लिए ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि दौरे के दौरान कई अन्य विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी किए जाने की संभावना है।

हाइड्रोजन ट्रेन: स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में बड़ा कदम

गंगवा के अनुसार, जींद-सोनीपत मार्ग पर प्रस्तावित यह हाइड्रोजन ट्रेन देश के रेलवे क्षेत्र में स्वच्छ ऊर्जा और आधुनिक तकनीक की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह ट्रेन पारंपरिक डीज़ल या बिजली के बजाय हाइड्रोजन ईंधन पर संचालित होगी, जिससे कार्बन उत्सर्जन में उल्लेखनीय कमी आने की उम्मीद है। गौरतलब है कि भारत सरकार राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन के तहत ऊर्जा क्षेत्र में आमूल बदलाव की दिशा में काम कर रही है, और यह ट्रेन उसी नीतिगत दिशा का व्यावहारिक विस्तार मानी जा रही है।

PM मोदी का हरियाणा दौरा: क्या-क्या संभव

मंत्री गंगवा ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी का हरियाणा से विशेष जुड़ाव रहा है और उनका प्रत्येक दौरा प्रदेश के लिए नई विकास परियोजनाएँ लेकर आता है। 17 जुलाई के दौरे में हाइड्रोजन ट्रेन के अलावा अन्य विकास योजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास की भी संभावना जताई गई है, हालाँकि इनका विस्तृत विवरण अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है।

कांग्रेस पर निशाना: 'नेतृत्वविहीन और गुटबाजी में उलझी'

हरियाणा कांग्रेस के नए प्रभारी संजय दत्त के प्रदेश दौरे पर प्रतिक्रिया देते हुए गंगवा ने दावा किया कि कांग्रेस आज नेतृत्वविहीन है और आंतरिक गुटबाजी से जूझ रही है। उनके अनुसार, पार्टी के भीतर विभिन्न गुटों के बीच न तो विचारों का तालमेल है और न ही नेतृत्व को लेकर एकजुटता। उन्होंने कहा कि किसी नए प्रभारी के आने से पार्टी की स्थिति में कोई बड़ा बदलाव नहीं आएगा। यह आरोप विपक्ष द्वारा अस्वीकार किए जाने की संभावना है।

चनोत गांव जल संकट: ₹7.5 करोड़ का टेंडर जारी

हिसार जिले के हांसी क्षेत्र के चनोत गांव में पेयजल संकट को लेकर चल रहे ग्रामीणों के धरने पर गंगवा ने कहा कि विपक्ष बिना तथ्यों के आरोप लगा रहा है। उन्होंने बताया कि समस्या की असली वजह दादरी, भिवानी और हिसार क्षेत्रों में बढ़ा भूजल स्तर है, जिसके कारण भूमिगत और नहरी पानी आपस में मिल गए और जल भंडारण टैंक की तली क्षतिग्रस्त हो गई। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह समस्या केवल चनोत तक सीमित नहीं, बल्कि पूरे हरियाणा में लगभग 300 जल टैंक इससे प्रभावित हुए हैं।

गंगवा ने बताया कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की सरकार ने इन सभी टैंकों की मरम्मत के लिए अलग से बजट उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। चनोत गांव के जल टैंक के पुनर्निर्माण के लिए ₹7.5 करोड़ का टेंडर पहले ही जारी किया जा चुका है और टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद जल्द ही निर्माण कार्य शुरू होगा। इसके अतिरिक्त, अमृत योजना के तहत गांव के लिए अलग पाइपलाइन बिछाई जा रही है, जिसके पूरा होने पर पेयजल समस्या स्थायी रूप से समाप्त होने की उम्मीद है।

आगे क्या होगा

17 जुलाई को जींद में होने वाले कार्यक्रम की तैयारियाँ जोरों पर बताई जा रही हैं। हाइड्रोजन ट्रेन के सफल संचालन से न केवल हरियाणा, बल्कि पूरे देश में हरित परिवहन की दिशा में एक नई मिसाल कायम होगी। चनोत गांव में निर्माण कार्य के जल्द शुरू होने और अमृत योजना की पाइपलाइन के पूरा होने के बाद वहाँ पेयजल संकट के समाधान की उम्मीद जताई जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या यह एक पायलट प्रोजेक्ट से आगे बढ़कर व्यापक नेटवर्क बन पाएगा। हरित हाइड्रोजन की उत्पादन लागत अभी भी पारंपरिक ईंधन की तुलना में काफी अधिक है, और बिना स्केलेबल इन्फ्रास्ट्रक्चर के यह पहल एक प्रदर्शनी कदम बनकर रह सकती है। चनोत जल संकट यह भी उजागर करता है कि बुनियादी ढाँचे की देखरेख में चूक कैसे राजनीतिक विवाद का रूप ले लेती है — ₹7.5 करोड़ का टेंडर जारी होना सकारात्मक है, परंतु 300 टैंकों की व्यापक समस्या के लिए दीर्घकालिक नीति की आवश्यकता है।
RashtraPress
7 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन कहाँ और कब शुरू होगी?
हरियाणा के जींद से सोनीपत के बीच यह ट्रेन चलेगी और 17 जुलाई को PM नरेंद्र मोदी इसे हरी झंडी दिखाएंगे। यह देश की पहली हाइड्रोजन ईंधन आधारित ट्रेन होगी।
PM मोदी के 17 जुलाई के जींद दौरे में और क्या होगा?
हाइड्रोजन ट्रेन के उद्घाटन के अलावा कई अन्य विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी किए जाने की संभावना है, हालाँकि इनका विस्तृत विवरण अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है।
चनोत गांव में पानी की समस्या क्यों हुई और सरकार क्या कर रही है?
दादरी, भिवानी और हिसार क्षेत्रों में भूजल स्तर बढ़ने से भूमिगत और नहरी पानी आपस में मिल गए, जिससे जल भंडारण टैंक क्षतिग्रस्त हो गया। सरकार ने चनोत गांव के टैंक पुनर्निर्माण के लिए ₹7.5 करोड़ का टेंडर जारी किया है और अमृत योजना के तहत अलग पाइपलाइन भी बिछाई जा रही है।
हरियाणा में कितने जल टैंक इस समस्या से प्रभावित हैं?
मंत्री रणबीर गंगवा के अनुसार, पूरे हरियाणा में लगभग 300 जल टैंक भूजल स्तर बढ़ने की समस्या से प्रभावित हुए हैं। राज्य सरकार ने इन सभी टैंकों की मरम्मत के लिए अलग से बजट उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है।
हाइड्रोजन ट्रेन पारंपरिक ट्रेन से कैसे अलग है?
हाइड्रोजन ट्रेन डीज़ल या बिजली के बजाय हाइड्रोजन ईंधन सेल पर चलती है, जिससे कार्बन उत्सर्जन नहीं होता। यह भारत के राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन के तहत स्वच्छ परिवहन की दिशा में एक महत्वपूर्ण तकनीकी कदम है।
राष्ट्र प्रेस
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