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हिमाचल में मानसून तैयारी: मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने बताया — 1,506 मशीनें तैनात, 104 सड़कें जल्द खुलेंगी

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हिमाचल में मानसून तैयारी: मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने बताया — 1,506 मशीनें तैनात, 104 सड़कें जल्द खुलेंगी

सारांश

हिमाचल के लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने 7 जुलाई को मानसून समीक्षा बैठक के बाद बताया कि 1,506 मशीनें तैनात हैं और 104 बंद सड़कें एक-दो दिन में खुलेंगी। रामपुर, सिरमौर व कुल्लू में विशेष फोकस; राम चढ़ावा विवाद में सुप्रीम कोर्ट जज से जाँच की माँग भी उठाई।

मुख्य बातें

लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने 7 जुलाई 2026 को शिमला में मुख्य अभियंताओं के साथ मानसून तैयारी बैठक की।
राज्यभर में 1,506 मशीनें तैनात; रामपुर, सिरमौर और कुल्लू में विशेष ध्यान।
फिलहाल 104 सड़कें बंद हैं — इनमें छोटी लिंक रोड भी शामिल; एक-दो दिन में खोलने का लक्ष्य।
राम चढ़ावा विवाद में ₹5 से 10 करोड़ के गबन और जमीन घोटाले का आरोप; सर्वोच्च न्यायालय के वर्तमान जज से जाँच की माँग।
बागवानों की फसल आवाजाही सुनिश्चित करना भी विभाग की प्राथमिकता।

हिमाचल प्रदेश सरकार में लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने 7 जुलाई 2026 को शिमला में मुख्य अभियंताओं के साथ मानसून तैयारी बैठक की अध्यक्षता की और पत्रकारों को जानकारी दी कि राज्यभर में 1,506 मशीनें तैनात की जा चुकी हैं। फिलहाल 104 सड़कें बंद हैं, जिन्हें एक-दो दिन में खोलने का लक्ष्य रखा गया है।

मुख्य घटनाक्रम

मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने बताया कि बैठक में पहाड़ी जनपदों — विशेषकर रामपुर, सिरमौर और कुल्लू — में मशीनें तैनात करने का निर्णय लिया गया। उन्होंने कहा, 'जेसीबी के अलावा अन्य उपकरण भी संवेदनशील स्थानों पर लगाए जा रहे हैं।' सड़कें खोलने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और 104 बंद सड़कों में छोटी लिंक रोड भी शामिल हैं।

सिंह के अनुसार, प्रदेश में फिलहाल स्थिति सामान्य है, लेकिन आने वाले महीनों में भारी वर्षा की संभावना को देखते हुए सरकार पूरी सतर्कता बरत रही है। उन्होंने कहा कि हर संवेदनशील स्थान पर मशीनें तैनात करना प्राथमिकता है।

भूस्खलन और आपदा प्रबंधन

मंत्री ने स्वीकार किया कि मानसून के दौरान भूस्खलन और लैंडस्लाइड की स्थितियाँ उत्पन्न होती हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए बैठक का केंद्रीय विषय था — मानसून काल में स्थिति को सामान्य बनाए रखना। उन्होंने यह भी कहा कि बागवानों की फसल की आवाजाही में किसी प्रकार की बाधा न आए, इसके लिए विशेष व्यवस्था की जा रही है।

लोक निर्माण विभाग के पास उपलब्ध 1,506 मशीनों को रणनीतिक रूप से तैनात किया गया है। सिंह ने आश्वासन दिया कि जहाँ भी कोई समस्या आएगी, प्रदेशवासियों को पूरा सहयोग मिलेगा।

राम चढ़ावा विवाद पर मंत्री की प्रतिक्रिया

मानसून तैयारी के अलावा, मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने राम चढ़ावा विवाद पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि सिंधी समुदाय, जिसने करोड़ों रुपए की चाँदी दान की थी, अब लिखित रूप में यह जानना चाहता है कि उनकी चाँदी कहाँ है। उनके अनुसार, इस मामले में ₹5 से 10 करोड़ के गबन की बात सामने आ रही है।

उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में जमीन घोटाला भी जुड़ा है, जिसमें रातोंरात ₹2 से 5 करोड़ की जमीन खरीदकर उसे ₹15 से 20 करोड़ में बेच दिया गया। सिंह ने माँग की कि इस पूरे मामले की जाँच सर्वोच्च न्यायालय के किसी वर्तमान न्यायाधीश की अध्यक्षता में होनी चाहिए।

धर्मांतरण कानून पर बयान

मंत्री ने धर्मांतरण के मुद्दे पर कहा कि हिमाचल प्रदेश में सबसे पहले धर्मांतरण विरोधी कानून कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में तत्कालीन मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के नेतृत्व में लाया गया था। उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान सरकार ने मंदिर निर्माण की दिशा में समय-समय पर काम किया है।

आगे की स्थिति

विभाग की कोशिश है कि अगले कुछ महीनों में भारी वर्षा के दौरान भी प्रदेश में सड़क संपर्क बाधित न हो। बंद सड़कों को एक-दो दिन में बहाल करने का लक्ष्य रखा गया है और संवेदनशील क्षेत्रों में मशीनों की निरंतर तैनाती जारी रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन हिमाचल में हर मानसून में यही तस्वीर दोहराई जाती है — बैठकें होती हैं, मशीनें तैनात होती हैं, फिर भूस्खलन में सड़कें हफ्तों बंद रहती हैं। असली सवाल यह है कि 1,506 मशीनों की तैनाती कितनी पूर्व-नियोजित है और कितनी प्रतिक्रियावादी। राम चढ़ावा विवाद में सुप्रीम कोर्ट जज से जाँच की माँग राजनीतिक रूप से साहसी कदम है, लेकिन इसका अनुसरण होना जरूरी है — वरना यह भी एक और प्रेस कॉन्फ्रेंस बयान बनकर रह जाएगा।
RashtraPress
7 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हिमाचल प्रदेश में मानसून के लिए कितनी मशीनें तैनात की गई हैं?
मंत्री विक्रमादित्य सिंह के अनुसार, राज्य के लोक निर्माण विभाग के पास फिलहाल 1,506 मशीनें हैं जिन्हें तैनात किया जा चुका है। जेसीबी के अलावा अन्य उपकरण भी संवेदनशील स्थानों पर लगाए जा रहे हैं।
हिमाचल में कितनी सड़कें बंद हैं और कब खुलेंगी?
7 जुलाई 2026 तक हिमाचल प्रदेश में 104 सड़कें बंद हैं, जिनमें छोटी लिंक रोड भी शामिल हैं। मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि सभी सड़कें एक-दो दिन में खोल दी जाएंगी।
किन जिलों में मशीनें विशेष रूप से तैनात की गई हैं?
मुख्य रूप से रामपुर, सिरमौर और कुल्लू जैसे पहाड़ी और संवेदनशील इलाकों में मशीनों की विशेष तैनाती की गई है। भूस्खलन की आशंका वाले सभी संवेदनशील स्थानों पर उपकरण लगाना प्राथमिकता है।
राम चढ़ावा विवाद क्या है और मंत्री ने क्या माँग की?
राम चढ़ावा विवाद में कथित तौर पर ₹5 से 10 करोड़ के गबन और जमीन घोटाले के आरोप हैं, जिसमें रातोंरात ₹2 से 5 करोड़ की जमीन खरीदकर ₹15 से 20 करोड़ में बेचने का आरोप है। मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने माँग की है कि इस मामले की जाँच सर्वोच्च न्यायालय के किसी वर्तमान न्यायाधीश की अध्यक्षता में होनी चाहिए।
हिमाचल में बागवानों के लिए मानसून के दौरान क्या व्यवस्था है?
लोक निर्माण मंत्री ने स्पष्ट किया कि बागवानों की फसल की आवाजाही में कोई बाधा न आए, इसके लिए विशेष ध्यान दिया जा रहा है। संवेदनशील मार्गों पर मशीनें तैनात रहेंगी ताकि भूस्खलन की स्थिति में तत्काल सड़क बहाल की जा सके।
राष्ट्र प्रेस
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