हिमाचल में मानसून का कहर: 6 की मौत, 35 सड़कें बंद, कुल्लू में 86 ट्रांसफार्मर ठप
सारांश
मुख्य बातें
हिमाचल प्रदेश में मानसून ने 1 जुलाई को विकराल रूप धारण कर लिया, जिससे राज्यभर में 6 लोगों की मौत, 35 सड़कें बंद और 127 बिजली वितरण ट्रांसफार्मर (डीटीआर) ठप हो गए। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार, भूस्खलन, करंट और सड़क हादसों से हुई इन मौतों के साथ-साथ प्रारंभिक आकलन में ₹44.40 लाख की संपत्ति क्षति का अनुमान लगाया गया है।
मुख्य घटनाक्रम
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के आँकड़ों के अनुसार, मानसून से जुड़ी घटनाओं में कांगड़ा जिले में करंट लगने, आकाशीय बिजली गिरने और अन्य हादसों में तीन लोगों की जान गई। मंडी जिले में एक व्यक्ति की मौत हुई, जबकि बारिश के कारण हुए सड़क हादसों में किन्नौर और लाहौल-स्पीति जिलों में एक-एक व्यक्ति की मृत्यु हुई। इस प्रकार मानसून से संबंधित कुल मृतक संख्या 6 हो गई है।
सड़क संपर्क सबसे बुरी तरह प्रभावित हुआ है। राज्यभर में 35 सड़कें बंद हैं, जिनमें सर्वाधिक 18 सड़कें कुल्लू जिले में अवरुद्ध हैं। इसके अतिरिक्त सोलन और चंबा जिलों में भी सड़क संपर्क बाधित हुआ है। लोक निर्माण विभाग की टीमें मलबा हटाकर यातायात बहाल करने में जुटी हैं।
बिजली व्यवस्था पर असर
प्रदेशभर में 127 ट्रांसफार्मर बंद पड़े हैं, जिनमें अकेले कुल्लू जिले के 86 ट्रांसफार्मर शामिल हैं। अधिकारियों के अनुसार, हाई टेंशन लाइनों के तार टूटने और बिजली केबलों के क्षतिग्रस्त होने से यह स्थिति उत्पन्न हुई है। बिजली विभाग की टीमें आपूर्ति बहाल करने के लिए निरंतर काम कर रही हैं।
यह ऐसे समय में आया है जब हिमाचल प्रदेश में मानसून की आधिकारिक दस्तक हाल ही में हुई है और पहाड़ी भूगोल में बारिश की तीव्रता आमतौर पर पहले ही हफ्ते में सर्वाधिक नुकसान पहुँचाती है।
आर्थिक नुकसान का आकलन
प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, सार्वजनिक और निजी संपत्ति के साथ-साथ पशुधन को हुए नुकसान का कुल अनुमान ₹44.40 लाख है। सबसे अधिक आर्थिक क्षति कांगड़ा जिले में दर्ज की गई है, जहाँ करीब ₹16 लाख की क्षति का अनुमान है। गौरतलब है कि यह आँकड़ा प्रारंभिक है और नुकसान की वास्तविक सीमा बढ़ सकती है।
पेयजल आपूर्ति सामान्य
राहत की बात यह है कि राज्य के किसी भी जिले से पेयजल आपूर्ति बाधित होने की सूचना नहीं मिली है। सभी जलापूर्ति योजनाएँ सामान्य रूप से संचालित बताई जा रही हैं।
प्रशासन की अपील और आगे की स्थिति
राज्य सरकार, जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन एजेंसियाँ हाई अलर्ट पर हैं। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश जारी रहने की संभावना जताई है। प्रशासन ने नागरिकों से सतर्क रहने, अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम विभाग के दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।