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कुल्लू के निरमंड में मूसलाधार बारिश: राजकीय प्राथमिक विद्यालय पांकवा का भवन जमींदोज, बच्चों की सुरक्षा पर संकट

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कुल्लू के निरमंड में मूसलाधार बारिश: राजकीय प्राथमिक विद्यालय पांकवा का भवन जमींदोज, बच्चों की सुरक्षा पर संकट

सारांश

कुल्लू के निरमंड में रात की मूसलाधार बारिश ने राजकीय प्राथमिक विद्यालय पांकवा का भवन ढहा दिया। मलबे से घिरे परिसर में खतरा अभी भी बरकरार है। हिमाचल में इस मानसून अब तक ₹1,000 करोड़ का नुकसान और 15 मौतें दर्ज हो चुकी हैं।

मुख्य बातें

कुल्लू जिले के निरमंड खंड में 2-3 अगस्त की रात मूसलाधार बारिश से राजकीय प्राथमिक विद्यालय पांकवा का एक भवन पूरी तरह जमींदोज हो गया।
स्कूल परिसर के आसपास भारी मलबा और पानी जमा है; ऊपरी ढलानों से मलबे का प्रवाह जारी रहने से स्थिति अभी भी गंभीर है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से तत्काल निरीक्षण और बच्चों के लिए वैकल्पिक शिक्षा व्यवस्था की माँग की है।
हिमाचल प्रदेश में इस मानसून सीजन में प्राकृतिक आपदाओं से करीब ₹1,000 करोड़ के नुकसान का प्रारंभिक अनुमान है।
राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के विशेष सचिव पुष्पेंद्र राणा के अनुसार इस मानसून में लगभग 15 लोगों की मौत हुई है, जिनमें कांगड़ा और पांगी घाटी के मामले शामिल हैं।

कुल्लू जिले के निरमंड खंड में 2-3 अगस्त की रात हुई मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई, जिसमें राजकीय प्राथमिक विद्यालय पांकवा का एक पूरा भवन ढहकर जमींदोज हो गया। स्कूल परिसर के चारों ओर भारी मलबा और पानी जमा हो गया है, और ऊपरी क्षेत्र से मलबा लगातार नीचे आने से स्थिति अब भी गंभीर बनी हुई है।

मुख्य घटनाक्रम

बीती रात हुई अविरल वर्षा ने निरमंड क्षेत्र में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। राजकीय प्राथमिक विद्यालय पांकवा का भवन पूरी तरह क्षतिग्रस्त होकर ढह गया। स्कूल के आसपास इतनी बड़ी मात्रा में मलबा और पानी जमा हो गया है कि परिसर तक पहुँचना भी दुष्कर हो गया है। ऊपरी पहाड़ी ढलानों से मलबे का प्रवाह जारी रहने के कारण खतरा अभी टला नहीं है।

बच्चों की सुरक्षा पर असर

विद्यालय भवन के पूरी तरह ध्वस्त हो जाने के बाद छात्रों की पढ़ाई और सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता उत्पन्न हो गई है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से माँग की है कि परिसर को सुरक्षित घोषित किए जाने तक बच्चों के लिए वैकल्पिक शिक्षा व्यवस्था तत्काल सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी अप्रिय घटना से बचा जा सके।

प्रशासन से राहत की माँग

स्थानीय निवासियों ने जिला प्रशासन से अपील की है कि प्रभावित क्षेत्र का तत्काल निरीक्षण किया जाए और आवश्यक राहत एवं सुरक्षा उपाय युद्धस्तर पर लागू किए जाएँ। लोगों को भी सतर्क रहने और जोखिम वाले क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की गई है।

हिमाचल में मानसून का व्यापक नुकसान

यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब पूरे हिमाचल प्रदेश में इस मानसून सीजन में प्राकृतिक आपदाओं से करीब ₹1,000 करोड़ के नुकसान का प्रारंभिक अनुमान है। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के विशेष सचिव पुष्पेंद्र राणा के अनुसार, इस मानसून सीजन में अब तक लगभग 15 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें कांगड़ा और पांगी घाटी में हुई जनहानि शामिल है।

पुष्पेंद्र राणा ने कहा कि राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण इन घटनाओं पर लगातार नज़र रख रहा है और तत्काल कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि नुकसान का पूरा रिकॉर्ड रखने की कोशिश की जा रही है। गौरतलब है कि हिमाचल में हर मानसून सीजन में भूस्खलन और बाढ़ से बड़े पैमाने पर नुकसान होता है, और इस वर्ष की स्थिति अपेक्षाकृत अधिक गंभीर बताई जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहाँ पहाड़ी इलाकों में सरकारी भवनों की संरचनात्मक कमज़ोरी बारिश में उजागर होती है। ₹1,000 करोड़ के नुकसान और 15 मौतों के आँकड़े चिंताजनक हैं, लेकिन असली सवाल यह है कि भूस्खलन-संवेदनशील क्षेत्रों में बने स्कूल भवनों की नियमित संरचनात्मक जाँच क्यों नहीं होती। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की 'तत्काल कार्रवाई' की बात हर साल सुनाई देती है, लेकिन दीर्घकालिक आपदा-रोधी बुनियादी ढाँचे पर निवेश का सवाल अनुत्तरित रहता है।
RashtraPress
3 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कुल्लू के निरमंड में कौन-सा स्कूल भवन ध्वस्त हुआ?
कुल्लू जिले के निरमंड खंड में स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय पांकवा का एक भवन 2-3 अगस्त की रात मूसलाधार बारिश के कारण पूरी तरह जमींदोज हो गया। स्कूल परिसर के आसपास भारी मलबा और पानी जमा होने से स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है।
हिमाचल प्रदेश में इस मानसून कितना नुकसान हुआ है?
राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के विशेष सचिव पुष्पेंद्र राणा के अनुसार, इस मानसून सीजन में हिमाचल प्रदेश में प्राकृतिक आपदाओं से करीब ₹1,000 करोड़ के नुकसान का प्रारंभिक अनुमान है और लगभग 15 लोगों की मौत हो चुकी है।
निरमंड स्कूल हादसे के बाद बच्चों की पढ़ाई का क्या होगा?
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से माँग की है कि विद्यालय परिसर को सुरक्षित घोषित किए जाने तक बच्चों के लिए वैकल्पिक शिक्षा व्यवस्था तत्काल सुनिश्चित की जाए। अभी तक प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
हिमाचल में मानसून के दौरान किन क्षेत्रों में सबसे अधिक नुकसान हुआ?
इस मानसून सीजन में कांगड़ा और पांगी घाटी में जनहानि दर्ज की गई है, जबकि कुल्लू के निरमंड में स्कूल भवन ध्वस्त होने जैसी घटनाएँ सामने आई हैं। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण पूरे राज्य में घटनाओं पर नज़र रख रहा है।
निरमंड में अभी भी खतरा क्यों बना हुआ है?
ऊपरी पहाड़ी ढलानों से लगातार मलबा नीचे आ रहा है, जिससे स्कूल परिसर और आसपास के क्षेत्र में खतरा बरकरार है। लोगों को जोखिम वाले क्षेत्रों में न जाने की अपील की गई है।
राष्ट्र प्रेस
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