कुल्लू के निरमंड में मूसलाधार बारिश: राजकीय प्राथमिक विद्यालय पांकवा का भवन जमींदोज, बच्चों की सुरक्षा पर संकट
सारांश
मुख्य बातें
कुल्लू जिले के निरमंड खंड में 2-3 अगस्त की रात हुई मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई, जिसमें राजकीय प्राथमिक विद्यालय पांकवा का एक पूरा भवन ढहकर जमींदोज हो गया। स्कूल परिसर के चारों ओर भारी मलबा और पानी जमा हो गया है, और ऊपरी क्षेत्र से मलबा लगातार नीचे आने से स्थिति अब भी गंभीर बनी हुई है।
मुख्य घटनाक्रम
बीती रात हुई अविरल वर्षा ने निरमंड क्षेत्र में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। राजकीय प्राथमिक विद्यालय पांकवा का भवन पूरी तरह क्षतिग्रस्त होकर ढह गया। स्कूल के आसपास इतनी बड़ी मात्रा में मलबा और पानी जमा हो गया है कि परिसर तक पहुँचना भी दुष्कर हो गया है। ऊपरी पहाड़ी ढलानों से मलबे का प्रवाह जारी रहने के कारण खतरा अभी टला नहीं है।
बच्चों की सुरक्षा पर असर
विद्यालय भवन के पूरी तरह ध्वस्त हो जाने के बाद छात्रों की पढ़ाई और सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता उत्पन्न हो गई है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से माँग की है कि परिसर को सुरक्षित घोषित किए जाने तक बच्चों के लिए वैकल्पिक शिक्षा व्यवस्था तत्काल सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
प्रशासन से राहत की माँग
स्थानीय निवासियों ने जिला प्रशासन से अपील की है कि प्रभावित क्षेत्र का तत्काल निरीक्षण किया जाए और आवश्यक राहत एवं सुरक्षा उपाय युद्धस्तर पर लागू किए जाएँ। लोगों को भी सतर्क रहने और जोखिम वाले क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की गई है।
हिमाचल में मानसून का व्यापक नुकसान
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब पूरे हिमाचल प्रदेश में इस मानसून सीजन में प्राकृतिक आपदाओं से करीब ₹1,000 करोड़ के नुकसान का प्रारंभिक अनुमान है। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के विशेष सचिव पुष्पेंद्र राणा के अनुसार, इस मानसून सीजन में अब तक लगभग 15 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें कांगड़ा और पांगी घाटी में हुई जनहानि शामिल है।
पुष्पेंद्र राणा ने कहा कि राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण इन घटनाओं पर लगातार नज़र रख रहा है और तत्काल कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि नुकसान का पूरा रिकॉर्ड रखने की कोशिश की जा रही है। गौरतलब है कि हिमाचल में हर मानसून सीजन में भूस्खलन और बाढ़ से बड़े पैमाने पर नुकसान होता है, और इस वर्ष की स्थिति अपेक्षाकृत अधिक गंभीर बताई जा रही है।