27 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

हिमाचल में मानसून 2026: ₹1,000 करोड़ का नुकसान, 15 मौतें; 4 बादल फटे, 120 सड़कें बंद

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
हिमाचल में मानसून 2026: ₹1,000 करोड़ का नुकसान, 15 मौतें; 4 बादल फटे, 120 सड़कें बंद

सारांश

हिमाचल प्रदेश में मानसून 2026 ने शुरुआती हफ्तों में ही ₹1,000 करोड़ की तबाही मचा दी है — 15 मौतें, 4 बादल फटने की घटनाएँ, 19 फ्लैश फ्लड और 120 से अधिक सड़कें बंद। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की हेल्पलाइन 24 घंटे सक्रिय है।

मुख्य बातें

हिमाचल प्रदेश में मानसून 2026 के दौरान प्रारंभिक नुकसान का अनुमान लगभग ₹1,000 करोड़ ।
अब तक करीब 15 लोगों की मौत; सर्वाधिक जनहानि कांगड़ा और पांगी घाटी में।
इस सीजन में 4 बादल फटने और 19 अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) की घटनाएँ दर्ज।
9 से 10 भूस्खलन , 120 से अधिक सड़कें बंद, 60 से अधिक पेयजल योजनाएँ प्रभावित।
राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और जिला प्रशासन की हेल्पलाइन 24 घंटे सक्रिय।
प्रशासन ने पर्यटकों और निवासियों से मानसून के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की।

हिमाचल प्रदेश में मानसून सीजन 2026 के दौरान भारी बारिश और प्राकृतिक आपदाओं ने भारी तबाही मचाई है। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के विशेष सचिव पुष्पेंद्र राणा के अनुसार, अब तक का प्रारंभिक नुकसान लगभग ₹1,000 करोड़ आँका गया है और करीब 15 लोगों की जान जा चुकी है। कांगड़ा और पांगी घाटी में सबसे अधिक जनहानि दर्ज की गई है।

मुख्य घटनाक्रम

विशेष सचिव पुष्पेंद्र राणा ने बताया कि इस मानसून सीजन में अब तक 19 अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) और 4 बादल फटने की घटनाएँ दर्ज की गई हैं। इसके अलावा 9 से 10 भूस्खलन की घटनाएँ भी सामने आई हैं। राज्य में आपदाओं की यह श्रृंखला मानसून के आरंभिक हफ्तों में ही प्रदेश की बुनियादी संरचना को गहरी चोट पहुँचा चुकी है।

वर्तमान में 120 से अधिक सड़कें अवरुद्ध हैं, 60 से अधिक पेयजल योजनाएँ प्रभावित हुई हैं और कई इलाकों में बिजली आपूर्ति भी बाधित है। राणा ने कहा, 'राज्य में अभी तक का नुकसान लगभग एक हजार करोड़ है। हम कोशिश कर रहे हैं कि पूरा रिकॉर्ड रखें।'

सरकार की प्रतिक्रिया

राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण इन घटनाओं पर लगातार नज़र रख रहा है और तत्काल कार्रवाई की जा रही है। पुष्पेंद्र राणा ने बताया कि मौसम विभाग द्वारा जारी सभी अलर्ट को तत्काल जिला प्रशासन और संबंधित अधिकारियों तक पहुँचाया जा रहा है, ताकि समय रहते राहत और बचाव कार्य संचालित किए जा सकें। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और जिला प्रशासन की हेल्पलाइन सेवाएँ 24 घंटे सक्रिय रखी गई हैं।

आम जनता और पर्यटकों पर असर

यह ऐसे समय में आया है जब हिमाचल प्रदेश पर्यटन के लिहाज़ से अपने चरम सीजन में है। सड़कें बंद होने और भूस्खलन की आशंका के चलते हज़ारों पर्यटक और स्थानीय निवासी प्रभावित हुए हैं। पेयजल और बिजली व्यवस्था ठप होने से दैनिक जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।

विशेष सचिव ने प्रदेशवासियों और पर्यटकों से अपील की है कि मानसून के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें, आपदा-प्रवण क्षेत्रों में न जाएँ और मौसम विभाग की सभी चेतावनियों एवं दिशानिर्देशों का पालन करें।

विशेषज्ञ क्या कहते हैं

गौरतलब है कि हिमाचल प्रदेश में हर मानसून सीजन में भूस्खलन और बादल फटने की घटनाएँ सामान्य हैं, परंतु इस वर्ष 19 फ्लैश फ्लड और 4 क्लाउडबर्स्ट की घटनाएँ सीजन के शुरुआती चरण में ही दर्ज होना, विशेषज्ञों के अनुसार चिंताजनक संकेत है। मौसम विज्ञानियों का कहना है कि पहाड़ी राज्यों में मानसून की तीव्रता बढ़ रही है, जो बुनियादी ढाँचे पर अतिरिक्त दबाव डालती है।

क्या होगा आगे

राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण का कहना है कि नुकसान का पूरा आकलन जारी है और अंतिम आँकड़े इससे अधिक हो सकते हैं। बंद सड़कों को खोलने और पेयजल व बिजली आपूर्ति बहाल करने का काम युद्धस्तर पर चल रहा है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में भी भारी बारिश की संभावना बनी हुई है, जिससे स्थिति और जटिल हो सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

000 करोड़ के नुकसान का आँकड़ा बताता है कि पहाड़ी राज्यों में आपदा-रोधी बुनियादी ढाँचे में निवेश अभी भी आवश्यकता से कहीं पीछे है। हर साल बादल फटने और भूस्खलन की घटनाएँ दोहराई जाती हैं, फिर भी दीर्घकालिक भू-उपयोग नीति और पूर्व-चेतावनी तंत्र की मज़बूती पर गंभीर बहस नहीं होती। 120 सड़कें बंद होना और 60 पेयजल योजनाओं का ठप होना आपदा के बाद की प्रतिक्रिया की सीमा उजागर करता है — असली सवाल यह है कि रोकथाम में निवेश कब होगा।
RashtraPress
27 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हिमाचल प्रदेश में मानसून 2026 में कितना नुकसान हुआ है?
राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, मानसून 2026 में अब तक का प्रारंभिक नुकसान लगभग ₹1,000 करोड़ आँका गया है। नुकसान का पूरा आकलन अभी जारी है और अंतिम आँकड़े इससे अधिक हो सकते हैं।
हिमाचल में इस मानसून सीजन में कितनी मौतें हुई हैं?
राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के विशेष सचिव पुष्पेंद्र राणा के अनुसार, इस मानसून सीजन में अब तक करीब 15 लोगों की मौत हुई है। कांगड़ा और पांगी घाटी में सबसे अधिक जनहानि दर्ज की गई है।
हिमाचल में बादल फटने की कितनी घटनाएँ हुई हैं?
इस मानसून सीजन में हिमाचल प्रदेश में 4 बादल फटने (क्लाउडबर्स्ट) और 19 अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) की घटनाएँ दर्ज की गई हैं। इसके अलावा 9 से 10 भूस्खलन की घटनाएँ भी सामने आई हैं।
हिमाचल में आपदा के दौरान मदद के लिए कहाँ संपर्क करें?
राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और जिला प्रशासन की हेल्पलाइन सेवाएँ 24 घंटे सक्रिय हैं। किसी भी आपदा की स्थिति में नागरिक इन हेल्पलाइन नंबरों पर तत्काल सहायता प्राप्त कर सकते हैं।
मानसून के दौरान हिमाचल यात्रा के लिए क्या सावधानियाँ बरतें?
प्रशासन ने पर्यटकों और निवासियों से अपील की है कि मानसून के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें और आपदा-प्रवण क्षेत्रों में न जाएँ। मौसम विभाग की सभी चेतावनियों और दिशानिर्देशों का पालन करना अनिवार्य है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 6 दिन पहले
  2. 2 सप्ताह पहले
  3. 3 सप्ताह पहले
  4. 3 सप्ताह पहले
  5. 2 महीने पहले
  6. 10 महीने पहले
  7. 10 महीने पहले
  8. 1 साल पहले