किन्नौर में बादल फटा, NH-05 बंद; हिमाचल में 60 सड़कें अवरुद्ध, 11 की मौत
सारांश
मुख्य बातें
हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में 3 जुलाई को बादल फटने की घटना के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग-05 (NH-05) बाधित हो गया, जिससे पूरे क्षेत्र में यातायात व्यवस्था चरमरा गई। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDMA) के शुक्रवार को जारी बुलेटिन के अनुसार, मानसूनी बारिश और भूस्खलन के कारण प्रदेशभर में 60 सड़कें यातायात के लिए बंद हैं। इस मानसून सीजन में अब तक 11 लोगों की मौत, 12 घायल और 1 व्यक्ति लापता है।
मुख्य घटनाक्रम
किन्नौर के चोलिंग मिडिल स्कूल के निकट बादल फटने से NH-05 पर मलबा आ गया, जो इस क्षेत्र की मुख्य जीवन-रेखा है। इसके अलावा लाहौल-स्पीति में अटल टनल के नॉर्थ पोर्टल से सरचू तक युमरंग के पास भी मार्ग अवरुद्ध है। प्रारंभिक आकलन के अनुसार सार्वजनिक और निजी संपत्तियों को मिलाकर लगभग ₹69.67 लाख का नुकसान हुआ है, हालांकि प्रशासन का कहना है कि दूरदराज क्षेत्रों से रिपोर्टें आना अभी बाकी हैं और वास्तविक आँकड़ा इससे अधिक हो सकता है।
जिलावार स्थिति
सर्वाधिक प्रभावित कुल्लू जिले में 30 सड़कें बंद हैं। इसके बाद सिरमौर में 14, चंबा में 7, मंडी में 5, लाहौल-स्पीति में 2, ऊना में 2 और किन्नौर में 1 सड़क अवरुद्ध है। यह ऐसे समय में आया है जब मानसून अभी अपने शुरुआती चरण में ही है और आने वाले हफ्तों में बारिश और तेज होने की संभावना है।
बिजली और पेयजल संकट
मंडी जिले में सबसे अधिक 38 बिजली ट्रांसफार्मर प्रभावित हुए हैं, जबकि चंबा में 8, किन्नौर और लाहौल-स्पीति में 1-1 ट्रांसफार्मर बंद हैं। पेयजल आपूर्ति पर सबसे गहरा असर चंबा में पड़ा है, जहाँ 27 पेयजल योजनाएँ ठप पड़ी हैं। संपत्ति नुकसान में 1 कच्चा मकान पूरी तरह ध्वस्त और 7 कच्चे मकानों को आंशिक क्षति पहुँची है; 2 गौशालाएँ भी क्षतिग्रस्त हुई हैं।
सरकार की प्रतिक्रिया
राज्य सरकार ने प्रभावित लोगों के लिए अब तक ₹44 लाख की अनुग्रह राशि स्वीकृत की है। SDMA ने नागरिकों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें, नदी-नालों और भूस्खलन-संभावित क्षेत्रों से दूर रहें और मौसम विभाग के निर्देशों का पालन करें। गौरतलब है कि हिमाचल प्रदेश में हर मानसून सीजन में इस तरह की आपदाएँ भारी जान-माल का नुकसान करती हैं, और इस बार भी स्थिति गंभीर बनी हुई है।
आगे क्या
लगातार बारिश को देखते हुए आने वाले दिनों में स्थिति और विकट होने की आशंका है। राहत व बचाव दल दूरदराज के प्रभावित क्षेत्रों में पहुँचने का प्रयास कर रहे हैं, जबकि सड़क बहाली कार्य युद्धस्तर पर जारी है।