भूस्खलन से बद्रीनाथ राजमार्ग, NH-5 और नारायणबगड़–कर्णप्रयाग मार्ग बंद, उत्तराखंड में येलो अलर्ट
सारांश
मुख्य बातें
उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में 6 अगस्त 2026 को लगातार बारिश के चलते कई प्रमुख सड़क मार्गों पर भूस्खलन की घटनाएँ दर्ज की गईं। किन्नौर के निचार खंड अंतर्गत निगुलसरी में मंगलवार सुबह हुए भूस्खलन में पहाड़ों से भारी पत्थर गिरने के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग-5 (NH-5) पूरी तरह अवरुद्ध हो गया। इसी के साथ हेलंग में भूस्खलन से बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग और आमसौड में भूस्खलन के कारण नारायणबगड़–कर्णप्रयाग मुख्य सड़क मार्ग भी पूर्णतः बंद हो गया।
मुख्य घटनाक्रम
निगुलसरी में भूस्खलन के बाद पहाड़ों से पत्थरों के गिरने का सिलसिला लगातार जारी रहा, जिससे सड़क से मलबा और चट्टानें हटाने के प्रयासों में बाधा आ रही है। प्रशासन ने वैकल्पिक मार्ग से वाहनों की आवाजाही की व्यवस्था की है, हालाँकि अधिकारियों के अनुसार वैकल्पिक रास्ते पर भी बारिश के दौरान पत्थर गिरने का खतरा बना हुआ है।
हेलंग में बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर भूस्खलन से तीर्थयात्रियों और स्थानीय यातायात दोनों पर असर पड़ा है। आमसौड में नारायणबगड़–कर्णप्रयाग मुख्य सड़क के बंद होने से चमोली जिले के दूरदराज़ क्षेत्रों का संपर्क कट गया है।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
स्थानीय प्रशासन ने निगुलसरी के समीप सड़क पर यात्रा न करने की अपील जारी की है। मलबा हटाने के लिए मशीनरी तैनात की गई है, लेकिन सक्रिय भूस्खलन क्षेत्र में लगातार पत्थर गिरने से बहाली कार्य धीमा है। अधिकारियों के अनुसार जब तक पहाड़ स्थिर नहीं होते, मार्ग खुलने में समय लग सकता है।
गौरतलब है कि किन्नौर में बरसात के मौसम में निगुलसरी और नाथपा झूला के निकट भूस्खलन का खतरा हर वर्ष बना रहता है। सेब और मटर की फसल के सीजन में यह मार्ग बागवानों और किसानों के लिए विशेष रूप से महत्त्वपूर्ण होता है, और इसके बंद होने से उनकी आजीविका पर सीधा असर पड़ता है।
मौसम का पूर्वानुमान
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, राज्य के अधिकांश जिलों में गुरुवार को हल्की से मध्यम वर्षा और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। देहरादून, चमोली और बागेश्वर में भारी वर्षा के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताई गई है।
टिहरी, उत्तरकाशी, पौड़ी, पिथौरागढ़, चंपावत, नैनीताल और रुद्रप्रयाग जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर में भी गरज-चमक के साथ बारिश का अलर्ट है।
आम जनता पर असर
यह ऐसे समय में आया है जब उत्तराखंड में मानसून अपने चरम पर है और बद्रीनाथ समेत चार धाम यात्रा मार्गों पर श्रद्धालुओं की आवाजाही जारी है। NH-5 के बंद होने से किन्नौर और उससे आगे के क्षेत्रों तक आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति भी प्रभावित हो सकती है। स्थानीय निवासियों और यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे आगे बढ़ने से पहले मार्ग की स्थिति की जानकारी प्रशासन से अवश्य लें।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान को देखते हुए आने वाले दिनों में और भूस्खलन की घटनाओं से इनकार नहीं किया जा सकता।