भारत-ईयू रणनीतिक साझेदारी: राजदूत प्रणय वर्मा ने ब्रुसेल्स में की अहम बैठक
सारांश
मुख्य बातें
भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) ने 20 सितंबर 2026 को दोनों पक्षों के बीच अंतर-संसदीय जुड़ाव, उच्चस्तरीय आदान-प्रदान और भारत-ईयू रणनीतिक साझेदारी के तहत प्राथमिकताओं को लागू करने पर विस्तृत चर्चा की। यह चर्चा ब्रुसेल्स में आयोजित एक द्विपक्षीय बैठक के दौरान हुई, जो दोनों पक्षों के बीच कूटनीतिक संवाद की निरंतरता को दर्शाती है।
बैठक का विवरण और प्रमुख चर्चाएँ
यूरोपीय संघ और बेल्जियम में भारत के राजदूत प्रणय वर्मा ने यूरोपीय संसद में विदेश नीतियों के महानिदेशक पिएत्रो डुची से मुलाकात की। दोनों प्रतिनिधियों ने भारत-ईयू अंतर-संसदीय जुड़ाव को मज़बूत करने और रणनीतिक साझेदारी के तहत तय प्राथमिकताओं के कार्यान्वयन पर विचारों का आदान-प्रदान किया।
बेल्जियम स्थित भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर जानकारी दी कि 'राजदूत प्रणय वर्मा ने यूरोपीय संसद में विदेश नीतियों के महानिदेशक पिएत्रो डुची से मुलाकात की। उन्होंने भारत-ईयू अंतर-संसदीय जुड़ाव, उच्च-स्तरीय आदान-प्रदान और भारत-ईयू रणनीतिक साझेदारी के तहत प्राथमिकताओं के कार्यान्वयन पर उपयोगी विचारों का आदान-प्रदान किया।'
भारत-ईयू रणनीतिक साझेदारी की पृष्ठभूमि
भारत और यूरोपीय संघ ने 2004 में हेग में आयोजित पाँचवें भारत-ईयू शिखर सम्मेलन के दौरान अपने संबंधों को 'रणनीतिक साझेदारी' के स्तर तक उन्नत किया था। यह साझेदारी लोकतंत्र, कानून के शासन, नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था और बहुपक्षवाद जैसे साझा मूल्यों पर टिकी है।
दोनों पक्षों के बीच संबंध बहुआयामी हैं और व्यापार व निवेश, प्रौद्योगिकी व नवाचार, सुरक्षा व रक्षा, कनेक्टिविटी तथा वैश्विक मुद्दों को समेटे हुए हैं। यह ऐसे समय में आया है जब भारत-ईयू व्यापार और प्रौद्योगिकी सहयोग को नई गति देने के प्रयास जारी हैं।
जुलाई में जयशंकर की बेल्जियम यात्रा और टीटीसी बैठक
इससे पहले जुलाई 2026 में विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने बेल्जियम की आधिकारिक यात्रा की थी। इस यात्रा के दौरान उन्होंने केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद के साथ तीसरी भारत-ईयू व्यापार और प्रौद्योगिकी परिषद (टीटीसी) की बैठक में भाग लिया।
विदेश मंत्री जयशंकर ने यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा से भी मुलाकात की और उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शुभकामनाएँ पहुँचाईं। अपनी एक्स पोस्ट में उन्होंने कहा, 'इस साल की शुरुआत में हुए ऐतिहासिक भारत-ईयू शिखर सम्मेलन के बाद से हमारी साझेदारी में हुई महत्वपूर्ण प्रगति को अपने सहयोगियों के साथ मान्यता दी।'
काजा कलास से बैठक: समुद्री सुरक्षा और आपूर्ति श्रृंखला पर ज़ोर
विदेश मंत्री डॉ. जयशंकर ने यूरोपीय संघ की विदेश मामलों और सुरक्षा नीति की उच्च प्रतिनिधि एवं यूरोपीय आयोग की उपाध्यक्ष काजा कलास के साथ भी बैठक की। इसमें पश्चिम एशिया की स्थिति, सुरक्षित और निर्बाध समुद्री वाणिज्य तथा आपूर्ति श्रृंखला में लचीलापन सुनिश्चित करने पर चर्चा हुई।
जयशंकर ने एक्स पर लिखा, 'आपूर्ति श्रृंखला में लचीलापन सुनिश्चित करने के लिए भारत-ईयू रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने पर भी बात की।' गौरतलब है कि यह बैठकें ऐसे समय में हुई हैं जब वैश्विक व्यापार में उथल-पुथल और भू-राजनीतिक तनाव के बीच भारत-ईयू सहयोग का महत्व बढ़ता जा रहा है।
आगे क्या
राजदूत प्रणय वर्मा और पिएत्रो डुची के बीच ताज़ा चर्चा उस क्रम की अगली कड़ी है जो जुलाई की उच्चस्तरीय यात्राओं के बाद शुरू हुई थी। अंतर-संसदीय जुड़ाव को नई ऊर्जा देने की यह कोशिश संकेत देती है कि दोनों पक्ष साझेदारी को राजनयिक स्तर से आगे बढ़ाकर संसदीय स्तर पर भी संस्थागत रूप देना चाहते हैं।