20 सितंबर 2026
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भारत-ईयू रणनीतिक साझेदारी: राजदूत प्रणय वर्मा ने ब्रुसेल्स में की अहम बैठक

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भारत-ईयू रणनीतिक साझेदारी: राजदूत प्रणय वर्मा ने ब्रुसेल्स में की अहम बैठक

सारांश

भारत-ईयू रणनीतिक साझेदारी को ज़मीन पर उतारने की कोशिश तेज़ हो रही है — राजदूत प्रणय वर्मा और यूरोपीय संसद के महानिदेशक पिएत्रो डुची की ब्रुसेल्स बैठक जुलाई की उच्चस्तरीय टीटीसी बातचीत की अगली कड़ी है। अंतर-संसदीय जुड़ाव पर फ़ोकस बताता है कि दोनों पक्ष इस साझेदारी को संस्थागत गहराई देना चाहते हैं।

मुख्य बातें

राजदूत प्रणय वर्मा ने 20 सितंबर 2026 को ब्रुसेल्स में यूरोपीय संसद के विदेश नीति महानिदेशक पिएत्रो डुची से मुलाकात की।
बैठक में भारत-ईयू अंतर-संसदीय जुड़ाव , उच्चस्तरीय आदान-प्रदान और रणनीतिक साझेदारी की प्राथमिकताओं के कार्यान्वयन पर चर्चा हुई।
भारत और ईयू ने 2004 में हेग शिखर सम्मेलन में अपने संबंधों को 'रणनीतिक साझेदारी' का दर्जा दिया था।
जुलाई 2026 में विदेश मंत्री डॉ.
जयशंकर ने बेल्जियम यात्रा के दौरान तीसरी भारत-ईयू व्यापार और प्रौद्योगिकी परिषद (टीटीसी) बैठक में हिस्सा लिया था।
जयशंकर ने काजा कलास और एंटोनियो कोस्टा से मिलकर समुद्री सुरक्षा, आपूर्ति श्रृंखला और पश्चिम एशिया पर विचार-विमर्श किया।

भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) ने 20 सितंबर 2026 को दोनों पक्षों के बीच अंतर-संसदीय जुड़ाव, उच्चस्तरीय आदान-प्रदान और भारत-ईयू रणनीतिक साझेदारी के तहत प्राथमिकताओं को लागू करने पर विस्तृत चर्चा की। यह चर्चा ब्रुसेल्स में आयोजित एक द्विपक्षीय बैठक के दौरान हुई, जो दोनों पक्षों के बीच कूटनीतिक संवाद की निरंतरता को दर्शाती है।

बैठक का विवरण और प्रमुख चर्चाएँ

यूरोपीय संघ और बेल्जियम में भारत के राजदूत प्रणय वर्मा ने यूरोपीय संसद में विदेश नीतियों के महानिदेशक पिएत्रो डुची से मुलाकात की। दोनों प्रतिनिधियों ने भारत-ईयू अंतर-संसदीय जुड़ाव को मज़बूत करने और रणनीतिक साझेदारी के तहत तय प्राथमिकताओं के कार्यान्वयन पर विचारों का आदान-प्रदान किया।

बेल्जियम स्थित भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर जानकारी दी कि 'राजदूत प्रणय वर्मा ने यूरोपीय संसद में विदेश नीतियों के महानिदेशक पिएत्रो डुची से मुलाकात की। उन्होंने भारत-ईयू अंतर-संसदीय जुड़ाव, उच्च-स्तरीय आदान-प्रदान और भारत-ईयू रणनीतिक साझेदारी के तहत प्राथमिकताओं के कार्यान्वयन पर उपयोगी विचारों का आदान-प्रदान किया।'

भारत-ईयू रणनीतिक साझेदारी की पृष्ठभूमि

भारत और यूरोपीय संघ ने 2004 में हेग में आयोजित पाँचवें भारत-ईयू शिखर सम्मेलन के दौरान अपने संबंधों को 'रणनीतिक साझेदारी' के स्तर तक उन्नत किया था। यह साझेदारी लोकतंत्र, कानून के शासन, नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था और बहुपक्षवाद जैसे साझा मूल्यों पर टिकी है।

दोनों पक्षों के बीच संबंध बहुआयामी हैं और व्यापार व निवेश, प्रौद्योगिकी व नवाचार, सुरक्षा व रक्षा, कनेक्टिविटी तथा वैश्विक मुद्दों को समेटे हुए हैं। यह ऐसे समय में आया है जब भारत-ईयू व्यापार और प्रौद्योगिकी सहयोग को नई गति देने के प्रयास जारी हैं।

जुलाई में जयशंकर की बेल्जियम यात्रा और टीटीसी बैठक

इससे पहले जुलाई 2026 में विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने बेल्जियम की आधिकारिक यात्रा की थी। इस यात्रा के दौरान उन्होंने केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद के साथ तीसरी भारत-ईयू व्यापार और प्रौद्योगिकी परिषद (टीटीसी) की बैठक में भाग लिया।

विदेश मंत्री जयशंकर ने यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा से भी मुलाकात की और उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शुभकामनाएँ पहुँचाईं। अपनी एक्स पोस्ट में उन्होंने कहा, 'इस साल की शुरुआत में हुए ऐतिहासिक भारत-ईयू शिखर सम्मेलन के बाद से हमारी साझेदारी में हुई महत्वपूर्ण प्रगति को अपने सहयोगियों के साथ मान्यता दी।'

काजा कलास से बैठक: समुद्री सुरक्षा और आपूर्ति श्रृंखला पर ज़ोर

विदेश मंत्री डॉ. जयशंकर ने यूरोपीय संघ की विदेश मामलों और सुरक्षा नीति की उच्च प्रतिनिधि एवं यूरोपीय आयोग की उपाध्यक्ष काजा कलास के साथ भी बैठक की। इसमें पश्चिम एशिया की स्थिति, सुरक्षित और निर्बाध समुद्री वाणिज्य तथा आपूर्ति श्रृंखला में लचीलापन सुनिश्चित करने पर चर्चा हुई।

जयशंकर ने एक्स पर लिखा, 'आपूर्ति श्रृंखला में लचीलापन सुनिश्चित करने के लिए भारत-ईयू रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने पर भी बात की।' गौरतलब है कि यह बैठकें ऐसे समय में हुई हैं जब वैश्विक व्यापार में उथल-पुथल और भू-राजनीतिक तनाव के बीच भारत-ईयू सहयोग का महत्व बढ़ता जा रहा है।

आगे क्या

राजदूत प्रणय वर्मा और पिएत्रो डुची के बीच ताज़ा चर्चा उस क्रम की अगली कड़ी है जो जुलाई की उच्चस्तरीय यात्राओं के बाद शुरू हुई थी। अंतर-संसदीय जुड़ाव को नई ऊर्जा देने की यह कोशिश संकेत देती है कि दोनों पक्ष साझेदारी को राजनयिक स्तर से आगे बढ़ाकर संसदीय स्तर पर भी संस्थागत रूप देना चाहते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौता अभी भी अधर में है और असली परीक्षा यही है। व्यापार, प्रौद्योगिकी और सुरक्षा पर उच्चस्तरीय सहमति तब तक अधूरी रहेगी जब तक एफटीए की गाँठ नहीं खुलती।
RashtraPress
20 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत-ईयू रणनीतिक साझेदारी क्या है और इसकी शुरुआत कब हुई?
भारत और यूरोपीय संघ के बीच 'रणनीतिक साझेदारी' की स्थापना 2004 में हेग में आयोजित पाँचवें भारत-ईयू शिखर सम्मेलन के दौरान हुई थी। यह साझेदारी लोकतंत्र, कानून के शासन, नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था और बहुपक्षवाद जैसे साझा मूल्यों पर आधारित है।
राजदूत प्रणय वर्मा और पिएत्रो डुची की बैठक में क्या तय हुआ?
20 सितंबर 2026 को ब्रुसेल्स में हुई इस बैठक में भारत-ईयू अंतर-संसदीय जुड़ाव, उच्चस्तरीय आदान-प्रदान और रणनीतिक साझेदारी के तहत प्राथमिकताओं के कार्यान्वयन पर विचारों का आदान-प्रदान हुआ। यह बातचीत दोनों पक्षों के बीच कूटनीतिक संवाद को संस्थागत रूप देने की दिशा में एक कदम है।
भारत-ईयू व्यापार और प्रौद्योगिकी परिषद (टीटीसी) की तीसरी बैठक में क्या हुआ?
जुलाई 2026 में बेल्जियम दौरे के दौरान विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर, वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने तीसरी टीटीसी बैठक में भाग लिया। इस बैठक में भारत-ईयू व्यापार एवं प्रौद्योगिकी सहयोग को आगे बढ़ाने और आपूर्ति श्रृंखला में लचीलापन लाने पर चर्चा हुई।
काजा कलास के साथ जयशंकर की बैठक में किन मुद्दों पर बात हुई?
विदेश मंत्री जयशंकर और ईयू की उच्च प्रतिनिधि काजा कलास के बीच पश्चिम एशिया की स्थिति, सुरक्षित एवं निर्बाध समुद्री वाणिज्य और भारत-ईयू रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने पर विचार-विमर्श हुआ। आपूर्ति श्रृंखला में लचीलापन सुनिश्चित करना भी इस चर्चा का प्रमुख विषय रहा।
भारत-ईयू संबंध किन क्षेत्रों को कवर करते हैं?
भारत और ईयू के बीच संबंध बहुआयामी हैं, जिनमें व्यापार और निवेश, प्रौद्योगिकी और नवाचार, सुरक्षा और रक्षा, कनेक्टिविटी और वैश्विक मुद्दे शामिल हैं। दोनों पक्ष अंतर-संसदीय स्तर पर भी जुड़ाव को मज़बूत करने की दिशा में काम कर रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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